उत्तर पूर्वी दिल्ली के उस्मानपुर थाना क्षेत्र के जेपी नगर, गोंडा में रविवार रात दर्दनाक हादसा हो गया. लेकिन महज दो मिनट ने एक वर्षीय मासूम की जिंदगी बचा ली.
एक पुराने मकान की छत गिरने से यह हादसा हुआ. इस हादसे में पति पत्नी की मलबे में दबने से मौत हो गई लेकिन उनका बेटा छत गिरने से महज दो मिनट पहले ही कमरे से निकल गया था. इसी कारण उसकी जान बच गई.
मृतकों की पहचान 40 वर्षीय टिंकू और उनकी पत्नी 38 वर्षीय उर्मिला के रूप में हुई है. दोनों मूल रूप से उत्तर प्रदेश के एटा/मैनपुरी क्षेत्र के निवासी बताए जा रहे हैं. 40 वर्षीय टिंकू पेशे से हलवाई का काम करते थे.
इस हादसे की सबसे मार्मिक बात यह रही कि इस दंपत्ति का 10 वर्षीय बेटा बाल-बाल बच गया. वह हादसे से महज दो मिनट पहले ही कमरे से बाहर निकला था. अगर वह उस समय कमरे में होता तो माता-पिता के साथ उसकी भी जान जा सकती थी.
जिस मकान की छत गिरने के कारण हादसा हुआ वह 20 वर्ष पुरानी बताई जा रही है. कहा जा रहा है लगातार हुई बारिश के कारण छत पर पानी और मलबा जमा हो गया था. जिससे छत की पकड़ कमजोर पड़ गई और यह हादसा हुआ. हालांकि इसका सही कारण तो जांच के बाद ही पता चल पाएगा.
घटना की सूचना मिलते ही उस्मानपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची. पुलिस ने दोनों शवों को मलबे से निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा. फिलहाल पुलिस हादसे के कारणों की जांच में जुटी है.
मामले में एक स्थानीय निवासी ने बताया कि घटना रविवार रात करीब 9:45 बजे हुई. इस घर में एक दंपत्ति और उनका 10 वर्षीय बेटा रहता था, दंपत्ति की हादसे में मौत हो गई. फिलहाल बच्चे के बारे में उसके रिश्तेदारों को सूचित कर दिया गया है.
इसरार अहमद