दिल्ली के सत्य निकेतन में पांच मंजिला PG इमारत गिरने और 7 लोगों की मौत के बाद MCD ने राजधानी में PG इमारतों की सुरक्षा जांच तेज कर दी है. अब इस कार्रवाई में नया अपडेट सामने आया है. MCD ने अब तक 1,355 PG इमारतों का सर्वे पूरा किया है.
इनमें 1,304 इमारतें जांच के दौरान सुरक्षित मिलीं, लेकिन 3 इमारतों को रहने के लिहाज से खतरनाक पाया गया है. ये तीनों इमारतें साउथ जोन-I में हैं जहां कुल 69 लोग रह रहे थे.
9 इमारतों में ज्यादा रिपेयर की जरूरत
सर्वे में 9 इमारतें ऐसी हैं जिनमें बड़े स्तर पर मरम्मत की जरूरत है. इनमें 140 लोग रह रहे हैं. ऐसी 5 इमारतें केशवपुरम में भी मिली हैं, जहां 36 लोग रहते हैं. नजफगढ़ में 2 इमारतों में 38 और साउथ जोन-II की 2 इमारतों में 66 लोग रहते हैं.
इसके अलावा 39 इमारतों में थोड़ी मरम्मत की जरूरत मिली है. इनमें 664 लोग रह रहे हैं. सर्वे के दौरान कुछ ऐसी इमारतों को भी मार्क किया गया है जिन्हें आगे के लिहाज से संवेदनशील माना जा रहा है.
चार दिनों में 111 संपत्तियों पर हुई कार्रवाई
7 से 10 सितंबर के बीच MCD की कार्रवाई लगातार तेज हो रही है. इस दौरान 7 सितंबर को 7, 8 सितंबर को 17,9 सितंबर को 46 और 10 सितंबर को 41 संपत्तियों पर तोड़फोड़ की गई. इस तरह 4 दिनों में अब तक 111 संपत्तियों पर कार्रवाई हुई है. बुलडोजर के साथ ही 10 सितंबर को कई इमारतों पर सीलिंग एक्शन भी हुआ. 7 सितंबर के बाद से अब तक कुल 88 संपत्तियां सील की जा चुकी हैं.
91 को नोटिस, 34 इमारतों के तोड़फोड़ का आदेश
MCD ने गैर इजाजतन बनाई गई 91 संपत्तियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है. वहीं सीलिंग से जुड़े 69 नोटिस भी जारी हुए हैं. इसके अलावा ऐसी 34 इमारतों को तोड़ने के आदेश दिए गए हैं.
सर्वे में सिविल लाइंस में ग्राउंड फ्लोर के अलावा 4 मंजिला से ज्यादा ऊंची 21 इमारतें मिली हैं, जिनमें 420 लोग रहते हैं. शाहदरा साउथ जोन-II में ऐसी 57 इमारतें मिलीं, जिनमें 2,036 लोग रह रहे हैं. इसके अलावा करोल बाग में 7 और शाहदरा साउथ जोन-I में 5 इमारतें मिली हैं.
MCD का सर्वे अभी कई इलाकों में जारी है. कुछ क्षेत्रों के आंकड़े फिलहाल शुरुआती हैं, इसलिए जांच पूरी होने के बाद ही तस्वीर और साफ होगी.
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