दिल्ली के जंतर-मंतर पर बीते कई दिनों से देश के कई युवा और छात्र संगठन नीट पेपर लीक के विरोध और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहें हैं.
इस बीच धरना स्थल के आसपास मोबाइल इंटरनेट सर्विस बंद करने का आदेश दिया गया. इस आदेश को चुनौती देने वाली एक याचिका हाईकोर्ट में दायर की गई है. आज शुक्रवार को दिल्ली हाईकोर्ट इसपर सुनवाई के लिए तैयार हो गया है.
दरअसल, याचिकाकर्ता के वकील ने दिल्ली हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस के पास मामले की मेंशनिंग कर आज ही सुनवाई की मांग की थी.
सरकार के मोबाइल इंटरनेट बंद करने के आदेश को चुनौती
मालूम हो कि इस याचिका में प्रदर्शन स्थलों के आसपाल लगाए गए सभी प्रतिबंधों को भी चुनौती दी गई है. दरअसल, केंद्र सरकार ने टेलीकॉम कंपनियों को मध्य दिल्ली के कुछ में हिस्सों में मोबाइल इंटरनेट सर्विस बंद करने के निर्देश दिए थे. दायर याचिका में कहा गया कि जारी युवा प्रदर्शनों के दौरान इंटरनेट बंदी का आदेश जारी किया गया है.
CJP की न्यूट्रल वैन्यू पर बातचीत की मांग
वहीं आज CJP और सरकार के बीच कॉन्सिटट्यूषन क्लब में चल रही है. उम्मीद जताई जा रही है कि इस दौरान प्रोटेस्ट को लेकर कुछ निष्कर्ष निकलने की संभावना है. सरकार की ओर से 4 बार बातचीत का प्रस्ताव सीजेपी को दिया गया. CJP को जेपी नड्डा के घर आकर बातचीत का भी प्रस्ताव दिया गया था. हालांकि CJP ने जंतर-मंतर या फिर किसी न्यूट्रल वैन्यू पर बातचीत की मांग की थी, जिसे सरकार ने मान लिया. दोनों के बीच बातचीत जारी है.
पेपर लीक पर कड़ा कानून बनाएगी केंद्र सरकार
केंद्र सरकार पर पेपर लीक को लेकर जंतर-मंतर से संसद तक प्रेशर बनाया जा रहा है. आज मोदी कैबिनेट पेपर लीक पर सख्त फैसला लेगी. पेपर लीक से जुड़े बिल पर मोदी कैबिनेट मुहर लगाएगी मोदी ने छात्रों को भरोसा दिया है कि पेपर लीक के खिलाफ उनकी सरकार फुल प्रूफ कानून बनाएगी.
संजय शर्मा / अनीषा माथुर