राजधानी दिल्ली में 18वें BRICS शिखर सम्मेलन को लेकर सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बना दिया गया है. रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के होटल आईटीसी मौर्या और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के होटल ताज में ठहरने की संभावना के चलते पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया गया है. दोनों राष्ट्राध्यक्षों के काफिले सबसे बड़े होंगे, जिसके लिए एयरपोर्ट से होटल और भारत मंडपम तक सुरक्षा हाई अलर्ट पर है. पुतिन 11 तो शी जिनपिंग 12 सितंबर को दिल्ली पहुंचेंगे.
पुतिन के मौर्या होटल में ठहरने को देखते हुए वहां चार स्तर का सुरक्षा घेरा तैयार किया गया है. सबसे अंदर CPT यानी क्लॉज प्रोटेक्शन टीम होगी, जो पुतिन की नजदीकी सुरक्षा संभालेगी और उनके साथ लगातार मौजूद रहेगी. दूसरे यानी इनर सिक्योरिटी सर्कल में दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी तैनात रहेंगे.
तीसरे, मिडिल सर्कल में दिल्ली पुलिस के कमांडो और अर्धसैनिक बलों के जवान सुरक्षा संभालेंगे. वहीं सबसे बाहरी यानी आउटर सर्कल की जिम्मेदारी स्थानीय पुलिस के पास होगी. होटल के बाहर और आसपास के इलाके में भारी पुलिस बल तैनात रहेगा.
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पुतिन के साथ 25-30 कमांडो रहेंगे
रूसी राष्ट्रपति पुतिन के साथ उनकी अपनी सुरक्षा टीम भी हर वक्त मौजूद रहेगी. उनके साथ करीब 25 से 30 कमांडो और सुरक्षा अधिकारी रहने की संभावना है. राष्ट्रपति के मूवमेंट के दौरान ये जवान नजदीकी सुरक्षा घेरा बनाए रखेंगे.
BRICS सम्मेलन में शामिल होने वाले सभी राष्ट्राध्यक्ष जिन होटलों में ठहरेंगे, वहां सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं. इन होटलों की सुरक्षा की समग्र निगरानी और कमान स्पेशल कमिश्नर क्राइम स्तर के वरिष्ठ अधिकारियों के हाथ में होगी. वहीं भारत मंडपम में दिल्ली पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था की कमान स्पेशल कमिश्नर स्पेशल सेल को दी गई है.
सुरक्षा में दिल्ली पुलिस, कमांडो और अर्धसैनिक बलों की तैनाती के साथ-साथ विदेशी मेहमानों के आने-जाने वाले रूट पर भी विशेष निगरानी रखी जाएगी. सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर तरीके से संभालने के लिए दिल्ली को अलग-अलग सेक्टर में बांटा गया है. हर सेक्टर की जिम्मेदारी डीसीपी या एडिशनल डीसीपी स्तर के अधिकारी को दी गई है.
पुतिन और शी जिनपिंग की सुरक्षा के खास इंतजाम
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के 11 सितंबर को दिल्ली पहुंचेंगे, जबकि चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के 12 सितंबर को दिल्ली पहुंचेंगे. दोनों राष्ट्राध्यक्षों के पालम एयरफोर्स स्टेशन पर उतरने के बाद अपने-अपने निर्धारित होटलों में जाने की योजना है. दोनों देशों की विशेष सुरक्षा टीमें पहले ही दिल्ली पहुंच चुकी हैं और संबंधित होटलों में सुरक्षा व्यवस्था संभाल रही हैं. विदेशी सुरक्षा टीमों के पास आधुनिक हथियार और सुरक्षा उपकरण मौजूद हैं.
राष्ट्राध्यक्ष जिस मंजिल पर ठहरेंगे, वहां से लेकर होटल की छत और ग्राउंड फ्लोर तक सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है. चीनी राष्ट्रपति की सुरक्षा की जिम्मेदारी दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल को दी गई है. वहीं रूसी राष्ट्रपति के संभावित होटल में एक एडिशनल डीसीपी और दो एसीपी अलग-अलग शिफ्ट में तैनात किए गए हैं.
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होटल कर्मचारियों का भी हुआ सत्यापन
सुरक्षा एजेंसियों ने संबंधित होटलों के कर्मचारियों का भी सत्यापन कराया है. कर्मचारियों के दिल्ली में मौजूद रिकॉर्ड के साथ-साथ उनके गृह राज्यों में भी जांच और वेरिफिकेशन कराया गया है. दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने विदेशी मेहमानों के भारत मंडपम आने-जाने के रूट फाइनल कर लिए हैं. सुरक्षा व्यवस्था को परखने के लिए इन रूट पर कई बार रिहर्सल भी की जा चुकी है.
एयरपोर्ट से होटल और होटल से भारत मंडपम तक पूरे रूट पर सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था को हाई अलर्ट पर रखा गया है. पुतिन और शी जिनपिंग के काफिले सबसे बड़े मोटरकेड में शामिल होने की संभावना है.
11 सितंबर को पुतिन का कार्यक्रम
रूसी राष्ट्रपति के कार्यक्रम के मुताबिक, पुतिन 11 सितंबर को देर रात करीब 1:15 बजे पालम एयरफोर्स स्टेशन पहुंचेंगे. यहां से उनका काफिला होटल पहुंचेगा. इसी दिन दोपहर करीब 3:30 बजे पुतिन की भारत मंडपम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बैठक प्रस्तावित है.
रूस के विदेश मंत्रालय के मुताबिक, पुतिन 11 से 13 सितंबर तक भारत की कार्य यात्रा पर रहेंगे और 18वें BRICS शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे. BRICS की 20वीं वर्षगांठ के मौके पर होने वाले कार्यक्रमों में भी वह शामिल होंगे.
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11 सितंबर को पुतिन BRICS बिजनेस फोरम के पूर्ण सत्र को संबोधित करेंगे. इसके अलावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे और दोनों देशों के उद्योग एवं व्यापार मंत्रालयों की ओर से आयोजित इनोप्रोम प्रदर्शनी का दौरा भी करेंगे.
12 सितंबर से BRICS नेताओं की मुख्य बैठक शुरू होगी. इसमें राजनीति और सुरक्षा, अर्थव्यवस्था और वित्त के साथ सांस्कृतिक एवं मानवीय सहयोग समेत कई मुद्दों पर चर्चा होगी. नेता मौजूदा अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय मुद्दों पर भी विचार साझा करेंगे.
13 सितंबर को BRICS की विस्तारित बैठक होगी, जिसमें सदस्य और साझेदार देशों के प्रतिनिधिमंडल प्रमुखों के अलावा आमंत्रित देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रमुख भी शामिल होंगे. शिखर सम्मेलन में हुए प्रमुख समझौतों को अंतिम दस्तावेज में शामिल किए जाने की उम्मीद है. पुतिन इस दौरान कई अन्य देशों के नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकें भी करेंगे.
वहीं चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग 12 सितंबर को देर रात करीब 12:25 बजे पालम एयरपोर्ट पर उतरेंगे.
अरविंद ओझा