दिल्ली-NCR में और जहरीली हुई हवा, वजीरपुर में AQI 450 के पार, नोएडा का भी बुरा हाल

सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (CPCB) के अनुसार, सुबह 7 बजे दिल्ली के ज्यादातर इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक बेहद खराब श्रेणी में दर्ज किया गया है. लोगों को सांस लेने में परेशानी हो रही है और मास्क पहनने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है. स्थानीय लोगों ने सरकार से स्थायी समाधान खोजने और पर्यावरण संरक्षण के लिए गंभीरता से काम करने की मांग की है.

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दिल्ली में 400 के पार पहुंचा एक्यूआई का स्तर. (File photo: ITG) दिल्ली में 400 के पार पहुंचा एक्यूआई का स्तर. (File photo: ITG)

अमित भारद्वाज

  • नई दिल्ली,
  • 20 नवंबर 2025,
  • अपडेटेड 9:58 AM IST

दिल्ली-NCR में प्रदूषण का स्तर लगातार खतरनाक श्रेणी में बना हुआ है. सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (CPCB) के अनुसार, सुबह 7 बजे दिल्ली के ज्यादातर इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक बेहद खराब श्रेणी में दर्ज किया गया है. जबकि कम से कम 20 मॉनिटरिंग स्टेशन पर AQI सीवियर कैटेगरी में दर्ज किया गया और कई इलाकों में AQI 450 के पार पहुंच गया है.

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दिल्ली में वजीरपुर सबसे प्रदूषित इलाका रहा, जहां एक्यूआई 477 दर्ज हुआ. इसके अलावा जहांगीरपुरी में 451, रोहिणी में 449, मुंडका में 446, अशोक विहार में 444, पंजाबी बाग में 439, विवेक विहार में 436, नेहरू नगर (लाजपत नगर) में 431, आरके पुरम में 423, आनंद विहार में 420, चांदनी चौक में 418, नॉर्थ कैंपस में 416, सिरी फोर्ट में 412, द्वारका में 411, सोनिया विहार में 410, ITO में 400, इंडिया गेट क्षेत्र में 400 रहा जो सीवियर कैटेगरी में आता है.

नोएडा-गाजियाबाद की भी बुरा हाल

दिल्ली के अलावा यूपी के गाजियाबाद और नोएडा में भी हवा की गुणवत्ता भी सीवियर कैटगरी में बनी हुआ है. गाजियाबाद में गुरुवार सुबह AQI 430, नोएडा में 408 दर्ज किया गया है.

सांस लेने में हो रही तकलीफ

इंडिया गेट के आसपास सुबह की सैर करने आए एक व्यक्ति ने कहा, 'इतना प्रदूषण है कि सांस लेने में तकलीफ हो रही है. मास्क तो लगाना ही पड़ता है, AQI भी बहुत ज़्यादा है… अब तो बाहर निकलना ही कम कर दिया है.'

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प्रदूषण होना चाहिए परमानेंट सॉल्यूशन

एक अन्य दिल्लीवासी ने गुस्से और निराशा के साथ कहा, 'ये प्रदूषण पिछले 10-15 साल से चल रहा है. कोई परमानेंट सॉल्यूशन नहीं है. जब तक सरकार गंभीर नहीं होगी, कुछ नहीं होगा. दिल्ली में हर साल कम से कम 2 करोड़ पेड़ लगाने का टारगेट रखो. पराली जलाना तो हजारों साल से हो रहा है, लेकिन दिल्ली में साल भर ये हाल है. इसका स्थायी हल निकालो. हमने ही ये प्रदूषण पैदा किया है, हम ही जिम्मेदार हैं. ज़िम्मेदारी से भागने से कुछ नहीं होगा. गंभीरता से काम करो, पर्यावरण बचाओ.'

और बिगड़ सकती है स्थिति

मौसम विभाग के अनुसार, अगले 48 घंटों तक हवा की रफ्तार बहुत कम रहने वाली है, जिससे स्मॉग और घना होने की आशंका है. GRAP-4 के तहत पहले से लागू पाबंदियां जारी हैं, लेकिन अब तक कोई नई सख्ती या राहत की घोषणा नहीं हुई है.

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