तमिलनाडु: कार्यक्रमों में सबसे पहले बजेगा 'तमिल थाई वजथु' सॉन्ग, बड़ी तैयारी में CM विजय

तमिलनाडु विधानसभा में सोमवार को एक प्रस्ताव पेश किया जाएगा, जिसके तहत शैक्षणिक संस्थानों, सरकारी कार्यालयों और अन्य सार्वजनिक संगठनों के कार्यक्रमों की शुरुआत से पहले तमिल थाई वजथु गाना अनिवार्य करने की बात कही गई है. मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय यह प्रस्ताव पेश करेंगे.

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कार्यक्रमों की शुरुआत से पहले तमिल थाई वजथु गाना अनिवार्य करने का प्रस्ताव आएगा. (Photo- ITG) कार्यक्रमों की शुरुआत से पहले तमिल थाई वजथु गाना अनिवार्य करने का प्रस्ताव आएगा. (Photo- ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 09 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 10:58 PM IST

तमिलनाडु में सरकारी और सार्वजनिक कार्यक्रमों की शुरुआत में सबसे पहले क्या बजाया जाएगा, इसको लेकर विधानसभा में सोमवार(10 अगस्त) को एक अहम प्रस्ताव पेश किया जाएगा. इसके तहत शैक्षणिक संस्थानों, सरकारी कार्यालयों और राज्य के अन्य सार्वजनिक संगठनों में होने वाले कार्यक्रमों की शुरुआत से पहले तमिल थाई वजथु गाना अनिवार्य करने की बात कही गई है. मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय विधानसभा में यह प्रस्ताव पेश करेंगे. इसमें सरकारी कार्यक्रमों और शैक्षणिक संस्थानों में सबसे पहले तमिल थाई वजथु गाने की लंबे समय से चली आ रही व्यवस्था को फिर से स्पष्ट किया जाएगा.

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प्रस्ताव में तमिल को दुनिया की सबसे पुरानी शास्त्रीय भाषाओं में से एक और तमिल सभ्यता को दुनिया की सबसे पुरानी सांस्कृतिक परंपराओं में से एक बताया गया है. तमिल थाई वजथु को कार्यक्रमों में सबसे पहले गाने की व्यवस्था 23 नवंबर 1970 को जारी सरकारी आदेश से शुरू हुई थी. इस आदेश के तहत 1891 में मनोनमनियम सुंदरनार के लिखे नाटक ‘मनोनमनियम’ की प्रस्तावना से लिए गए गीत को सरकारी कार्यक्रमों में पहला गीत बनाने की व्यवस्था की गई थी.

12 दिसंबर 2021 को तमिल थाई वझथु को आधिकारिक तौर पर राज्य गीत का दर्जा दिया गया. इसके बाद शैक्षणिक संस्थानों, विश्वविद्यालयों, सरकारी कार्यालयों, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों और राज्य के अन्य सार्वजनिक संगठनों में होने वाले कार्यक्रमों से पहले इसे गाना अनिवार्य किया गया. प्रस्ताव में कहा गया है कि 1970 के दशक से यह व्यवस्था परंपरा और सरकारी आदेशों के जरिए जारी है.

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गृह मंत्रालय के पत्र के बाद आया प्रस्ताव

यह प्रस्ताव 9 जुलाई 2026 को केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से राज्य गीत गाने को लेकर भेजे गए पत्र के बाद आया है. तमिलनाडु सरकार के प्रस्ताव में कहा गया है कि तमिल थाई वजथु तमिल भाषा और संस्कृति के प्रति सम्मान को दर्शाता है. प्रस्ताव में भारतीय संविधान के तहत मिले भाषाई और सांस्कृतिक अधिकारों का भी उल्लेख किया गया है. इसमें तमिलनाडु के सांस्कृतिक पहचान को बनाए रखने के अधिकार की बात कही गई है.

प्रस्ताव में कहा गया है कि तमिलनाडु विधानसभा सर्वसम्मति से यह तय करती है कि राज्य में काम करने वाले सभी शैक्षणिक संस्थानों, विश्वविद्यालयों, सरकारी कार्यालयों, पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग और अन्य सार्वजनिक संगठनों के कार्यक्रमों की शुरुआत से पहले तमिल थाई वजथु सबसे पहले गाया जाना चाहिए.

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