क्लासरूम स्कैम: मनीष सिसोदिया और सत्येंद्र जैन की फिर बढ़ीं मुश्किलें, ACB ने दर्ज की FIR

ACB ने बुधवार को एक अधिकारी ने बताया कि 2000 करोड़ रुपये के कथित घोटाले से जुड़े मामले में एंटी-करप्शन ब्रांच (ACB) ने दिल्ली सरकार के पूर्व मंत्रियों मनीष सिसोदिया और सत्येंद्र जैन के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है. ACB ने दावा किया कि ये प्रोजेक्ट में काम करने के लिए कथित तौर पर AAP से जुड़ी फर्मों को ठेके दिए गए थे और वित्तीय वर्ष 2015-16 के लिए अनुमोदित मूल वित्तीय योजनाओं से हटने के कारण लागत में भारी वृद्धि हुई थी.

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मनीष सिसोदिया और सत्येंद्र जैन. (फाइल फोटो) मनीष सिसोदिया और सत्येंद्र जैन. (फाइल फोटो)

कुमार कुणाल

  • भारत,
  • 30 अप्रैल 2025,
  • अपडेटेड 2:34 PM IST

दिल्ली सरकार की एंटी-करप्शन ब्रांच (ACB) ने दिल्ली सरकार के पूर्व मंत्रियों और AAP नेता मनीष सिसोदिया और सत्येंद्र जैन के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है. ACB ने ये मामला लगभग 12,748 स्कूलों में क्लासरूम के निर्माण में दो हजार रुपये के घोटाले के आरोपों से जुड़ा है.

ACB ने बुधवार को एक अधिकारी ने बताया कि 2000 करोड़ रुपये के कथित घोटाले से जुड़े मामले में एंटी-करप्शन ब्रांच (ACB) ने दिल्ली सरकार के पूर्व मंत्रियों मनीष सिसोदिया और सत्येंद्र जैन के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है.

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अधिकारी ने आगे कहा कि ये घोटाला करीब 2,000 करोड़ रुपये का है और इसमें अत्यधिक बढ़ी हुई दरों पर ठेके दिए गए, जिनमें प्रत्येक क्लासरूम का निर्माण कथित तौर पर 24.86 लाख रुपये में किया गया जो सामान्य लागत से लगभग पांच गुना ज्यादा है.

ACB ने दावा किया कि ये प्रोजेक्ट में काम करने के लिए कथित तौर पर AAP से जुड़ी फर्मों को ठेके दिए गए थे और वित्तीय वर्ष 2015-16 के लिए अनुमोदित मूल वित्तीय योजनाओं से हटने के कारण लागत में भारी वृद्धि हुई थी.

रिपोर्ट में मिली कई गड़बड़ियां

ACB ने बताया कि केंद्रीय सतर्कता आयोग के मुख्य चीफ परीक्षक की रिपोर्ट में प्रोजेक्ट में कई गड़बड़ियों का खुलासा किया है. रिपोर्ट में बताया कि इस रिपोर्ट को तीन सालों तक दबाकर रखा गया.इसकी वजह से प्रोजेक्ट की लागत में बढ़ोतरी हुई और वित्तीय घाटा हुआ. 

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'नहीं निकाला नया टेंडर'

इसके अलावा बदलावों के बावजूद कोई नया टेंडर नहीं निकाला गया जो CVC के दिशानिर्देशों का उल्लंघन है. अब एसीबी ने इस मामले में FIR संख्या 31/2025 के पंजीकरण के बाद कथित साजिश के पूरे दायरे को उजागर करने और इसमें शामिल लोगों की भूमिका और जिम्मेदारियों को निर्धारित करने के लिए मामले की जांच शुरू कर दी है.

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