कावेरी विवाद को लेकर SC पहुंचा तमिलनाडु, कर्नाटक सरकार ने जल संकट को बताया गंभीर

तमिलनाडु ने अदालत को बताया कि कर्नाटक ने सिंचाई के लिए पानी छोड़ना शुरू कर दिया है, लेकिन तमिलनाडु को अभी तक उसके हिस्से का पानी नहीं मिला है. इससे खेती-किसानी पर गंभीर असर पड़ रहा है.

Advertisement
कोर्ट ने कहा कि वह इस मामले की सुनवाई एक हफ्ते बाद करेगा. (Photo: ITG) कोर्ट ने कहा कि वह इस मामले की सुनवाई एक हफ्ते बाद करेगा. (Photo: ITG)

संजय शर्मा

  • नई दिल्ली,
  • 17 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 2:12 PM IST

कावेरी जल विवाद पर तमिलनाडु ने सुप्रीम कोर्ट में गुहार लगाई है कि कर्नाटक ने सिंचाई के लिए पानी छोड़ना शुरू कर दिया है, लेकिन तमिलनाडु को अभी तक कोई पानी नहीं मिला है.

वहीं, कर्नाटक का कहना है कि जो तस्वीर पेश की जा रही है, वह सही नहीं है. जहां तक कावेरी बेसिन का संबंध है, वहां गंभीर संकट की स्थिति है और पानी की भारी कमी है.

Advertisement

कर्नाटक ने जानकारी दी कि आज सोमवार सुबह तक पानी का प्रवाह 12,000 क्यूसेक को पार कर गया है. कर्नाटक ने आश्वासन दिया कि यह प्रवाह जारी रहेगा.

यह भी पढ़ें: दो और पायलट डोप टेस्ट में पॉजिटिव, फाइनल रिपोर्ट का इंतजार

कोर्ट ने कहा कि वह एक हफ्ते बाद इस मामले की सुनवाई करेगा. शीर्ष अदालत के समक्ष नए आंकड़ों के साथ स्टेटस रिपोर्ट पेश की जाएगी. सुप्रीम कोर्ट ने कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण (CWMA) के आदेशों का पूरी निष्ठा के साथ अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा.

बता दें, याचिका में तमिलनाडु सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से कर्नाटक को तमिलनाडु के लिए कावेरी नदी का पानी तुरंत छोड़ने का निर्देश देने की मांग की है. कम मॉनसून और बारिश की कमी के कारण तमिलनाडु को अपने हिस्से का पूरा पानी नहीं मिल रहा है.

Advertisement

तमिलनाडु ने सुप्रीम कोर्ट में कर्नाटक पर कावेरी जल विनियमन समिति (CWRC) के निर्देशों का पालन न करने का आरोप लगाया है. सुनवाई के दौरान तमिलनाडु ने कर्नाटक पर सिंचाई के लिए पानी छोड़ने के बावजूद राज्य को पानी नहीं मिलने का आरोप लगाया, जबकि कर्नाटक ने कहा कि उसके बारे में तस्वीर सही तरीके से पेश नहीं की जा रही है.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »