दिल्ली में BRICS समिट के दौरान आयोजित हुए डिनर का मेन्यू चर्चा में है. ऐसा दावा किया गया कि भारत की ओर से BRICS नेताओं के लिए पूरी तरह शाकाहारी डिनर रखा गया था, लेकिन नॉनवेज नहीं था. इसे लेकर विपक्ष ने सरकार पर सवाल उठाए. इसी बहस के बीच आइसलैंड के पूर्व राष्ट्रपति ओलाफुर राग्नार ग्रिम्सन ने 2005 का एक दिलचस्प किस्सा शेयर किया है.
ग्रिम्सन ने बताया कि 2005 में जब तत्कालीन राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम आइसलैंड पहुंचे थे, तब उन्होंने उनके सम्मान में एक स्टेट डिनर रखा था. खास बात ये थी कि उस डिनर में पूरा खाना शाकाहारी था.
ग्रिम्सन ने सोशल मीडिया पोस्ट में याद करते हुए कहा कि उन्होंने भारत के राष्ट्रपति की नॉर्डिक देश की पहली यात्रा के दौरान उन्हें पूरी तरह शाकाहारी मेन्यू परोसा था. उन्होंने ये भी कहा कि ये करीब 20 साल पहले की बात है और आइसलैंड में शाकाहारी भोजन का आसानी से मिलना मुश्किल है.
When I hosted the President of #India for State Dinner on the first such visit to a #Nordic country, I also offered an all-vegetarian menu. More than 20 years ago! And in #Iceland where it is not easy to be vegetarian!! https://t.co/6Rw2xIqR4T
BRICS डिनर में क्या था?
दिल्ली के भारत मंडपम में हुए BRICS डिनर में भारतीय खाने को खास जगह दी गई थी. मेन्यू में खांडवी, पनीर लबाबदार, गुच्ची मार्मिक, मिलेट पुलाव, मशरूम गलौटी और जलेबी जैसी डिश शामिल थीं.
इस डिनर की खास बात ये रही कि मिलेट यानी श्री अन्न को भी यहां खास महत्व दिया गया. शाकाहारी डिनर के जरिए दुनिया के नेताओं के सामने भारतीय खान पान और स्थानीय स्वाद को पेश किया गया.
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डिनर के वेज मेन्यू पर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने सवाल उठाते हुए कहा कि भारत में बड़ी संख्या में लोग नॉन-वेज खाना खाते हैं. कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने भी सरकार पर विदेशी मेहमानों पर अपनी पसंद थोपने का आरोप लगाया. इसी विवाद के बीच ग्रिम्सन का ये पुराना किस्सा अब लोगों के चर्चा का विषय बना हुआ है.
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