INDIA ब्लॉक के मार्च के बीच बीजेपी ने राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी पर निशाना साधा है. बीजेपी सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए राहुल गांधी पर सवाल उठाए हैं. साथ ही, उन्होंने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए उन्हें ईर्षाधिपति और कुंठाग्रसित बताया.
सुधांशु त्रिवेदी ने कांग्रेस पार्टी पर लोकतंत्र की हत्या का आरोप लगाया. उन्होंने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि जिनके परिवार ने पीढ़ियों से लोकतंत्र का गला घोंटा, उस परिवार के ईर्षाधिपति राहुल गांधी आकाशवाणी में बैठे हैं.
उन्होंने कहा, 'हमारी मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस का पहला परिवार पिछले 4 पीढ़ियों से लोकतंत्र का गला घोंटकर, लोकतंत्र की आड़ में राजशाही चला रहा है. आज कांग्रेस के उसी प्रथम परिवार के ईर्षाधिपति और कुंठाग्रसित राहुल गांधी आकाशवाणी में बैठे हैं.'
सुधांशु त्रिवेदी ने एक वीडियो दिखाते हुए कहा कि अभिषेक मनु सिंघवी, अशोक गहलोत, सचिन पायलट समेत तमाम नेता कई बार वोटर डुप्टीकेशन की बात कर चुके हैं. उन्होंने सवाल किया कि वे तब झूठ बोल रहे थे या अब झूठ बोल रहे हैं.
यह भी पढ़ें: LIVE: पेड़ के नीचे बैठे राहुल-प्रियंका, गेट पर धक्का देकर बस पर चढ़े कार्यकर्ता, कई नेता डिटेन
BJP ने कांग्रेस पार्टी पर झूठ बोलने का आरोप लगाते हुए कहा कि वह जिन 13 करोड़ वोटरों का मुद्दा उठा रही है उसमें से 2.8 करोड़ मृत मतदाता हैं. 6.3 करोड़ स्थानांतरित हो चुके हैं. 1 करोड़ डुप्टीकेट और करीब 3 करोड़ अनुपस्थित या नॉन ट्रेसेबल वोटर शामिल हैं.
उन्होंने कांग्रेस से सवाल किया कि अगर ये आंकड़ें सही हैं तो मृतक और डुप्लीकेट वोटरों को 13 करोड़ के आंकड़े में कैसे शामिल किया जा रहा है? उन्होंने कहा कि स्थानांतरित वोटरों के मामले में लोग तय कर सकते हैं कि उन्हें अपना वोट किस जगह रखना है. उन्होंने सवाल किया कि यह 2.8 करोड़ मृतक और 1 करोड़ डुप्लीकेट वोटरों को लेकर कांग्रेस क्या जवाब देगी.
'फॉर्म 6 को लेकर बोला झूठ'
दिल्ली में बीजेपी सांसद संबित पात्रा ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि अब उनका पहला झूठ सामने आ गया है. पात्रा ने कहा कि राहुल गांधी का पहला दावा फॉर्म 6 को लेकर है. उनके मुताबिक, राहुल गांधी ने फॉर्म 6 को गैरकानूनी बताया.
पात्रा ने कहा कि सुप्रीमकोर्ट में हुई सुनवाई और 26 सितंबर 2026 को चुनाव आयोग की ओर से जारी प्रेस बयान के आधार पर यह दावा गलत है. उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग ने साफ किया था कि फॉर्म 6 में किए गए बदलाव को सुप्रीम कोर्ट का समर्थन हासिल था और कोर्ट ने इस बदलाव को सही ठहराया था.
aajtak.in