'समाज को बांटना चाहते हैं...', बिहार में गिरिराज की 'हिंदू स्वाभिमान यात्रा' पर कांग्रेस और RJD ने लगाया आरोप

आरजेडी प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने कहा, "बिहार में हिन्दुओं को संगठित नहीं करना है बल्कि हिन्दू-मुसलमान को लड़ाना चाहते हैं. सिर्फ वोट बैंक के लिए यात्रा कर रहे हैं. बिहार में महंगाई, विकास और नौकरी के लिए यात्रा नहीं निकालना चाहते हैं लेकिन दंगा फसाद पर इनका ध्यान है."

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गिरिराज सिंह (फाइल फोटो) गिरिराज सिंह (फाइल फोटो)

आदित्य वैभव

  • पटना,
  • 11 अक्टूबर 2024,
  • अपडेटेड 11:07 AM IST

बिहार विधानसभा चुनाव से पहले केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह 18 अक्टूबर से 'हिंदू स्वाभिमान यात्रा' शुरू करने जा रहे हैं. इसका उद्देश्य हिंदू समुदाय को एकजुट करना बताया जा रहा है, जिसका विषय है- 'संगठित हिंदू - सुरक्षित हिंदू', इसमें हिंदुओं की एकजुटता पर जोर दिया गया है. यात्रा का पहला चरण 18 अक्टूबर को भागलपुर से शुरू होगा और 22 अक्टूबर को किशनगंज में खत्म होगा.

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गिरिराज सिंह 18 अक्टूबर को भागलपुर, 19 अक्टूबर को कटिहार, 20 अक्टूबर को पूर्णिया, 21 अक्टूबर को अररिया, और 22 अक्टूबर को किशनगंज पहुंचेंगे. यह बात गौर करने लायक है कि ये सभी जिले मुस्लिम बहुल हैं, जहां उनकी यात्रा के दौरान हिंदू एकजुटता पर विशेष ध्यान दिया जाएगा.

गिरिराज सिंह के कार्यालय से जारी बयान में कहा गया है, 'बांग्लादेश में हिंदू बहनों और बेटियों पर हुए अत्याचार की पृष्ठभूमि में, भारत में भी ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति हो सकती है, इसलिए चरमपंथी ताकतों से बचने के लिए हिंदू समुदाय को एकजुट करना जरूरी है.' 

पिछले कुछ दिनों में गिरिराज सिंह ने देश में हिंदू समुदाय की एकजुटता की आवश्यकता पर जोर दिया है. उन्होंने हाल ही में हरियाणा में बीजेपी की जीत को हिंदू एकता का परिणाम बताया, क्योंकि वहां जातीय आधार पर विभाजन नहीं हुआ था.

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'समाज को बांटने का काम'

कांग्रेस नेता ज्ञान रंजन ने गिरिराज की हिंदू यात्रा पर कहा कि इस यात्रा के पीछे इनका मकसद क्या है? राहुल गांधी ने जो यात्रा की उसमें समाज को जोड़ने का काम किया लेकिन गिरिराज और बीजेपी का काम है यात्रा करके समाज को बांट दो.

'हिंदू-मुसलमान को लड़ाना चाहते हैं...'

आरजेडी प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने कहा, "बिहार में हिन्दुओं को संगठित नहीं करना है बल्कि हिन्दू-मुसलमान को लड़ाना चाहते हैं. सिर्फ वोट बैंक के लिए यात्रा कर रहे हैं. बिहार में महंगाई, विकास और नौकरी के लिए यात्रा नहीं निकालना चाहते हैं लेकिन दंगा फसाद पर इनका ध्यान है."

यह भी पढ़ें: बिहार में टीचर्स के ड्रेस कोड वाले फैसले पर शुरू हुई सियासत, RJD-कांग्रेस ने नीतीश सरकार को घेरा

क्या यह तेजस्वी की यात्रा का जवाब है?

गिरिराज सिंह की यात्रा को आरजेडी नेता तेजस्वी यादव की यात्रा का जवाब भी माना जा रहा है. तेजस्वी यादव ने 10 सितंबर से अपनी यात्रा शुरू की थी, जहां उन्होंने विभिन्न जिलों का दौरा कर पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं से मुलाकात की. तेजस्वी ने दुबई से लौटने के बाद अपनी यात्रा के दूसरे चरण की शुरुआत 16 अक्टूबर से करने जा रहे हैं, जो 26 अक्टूबर को समाप्त होगी. इस दौरान वे बांका, जमुई, मुंगेर, खगड़िया, बेगूसराय, लखीसराय, शेखपुरा, नवादा, नालंदा, जहानाबाद, अरवल, और गया का दौरा करेंगे. 

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गिरिराज सिंह की यह यात्रा आगामी 2025 के बिहार विधानसभा चुनावों के मद्देनज़र हिंदू समुदाय को एकजुट करने के प्रयास के रूप में देखी जा रही है. 

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