भूटान में हिमनद झील से आई बाढ़ के बाद असम सरकार हालात पर नजर बनाए हुए है. मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने शुक्रवार को बताया कि बाढ़ के संभावित असर को देखते हुए धुबरी और कोकराझार जिलों के संवेदनशील इलाकों को अलर्ट पर रखा गया है.
पश्चिमी असम के कुछ हिस्सों से होकर बहने वाली संकोश नदी पर इस बाढ़ का असर पड़ सकता है. अधिकारियों ने नदी का जलस्तर बढ़ने की आशंका को देखते हुए निगरानी तेज कर दी है और जरूरी तैयारियां की जा रही हैं.
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, "हम भूटान में हिमनद झील फटने के संभावित असर पर धुबरी और कोकराझार के सभी संवेदनशील राजस्व सर्किलों में करीब से नजर रख रहे हैं."
उन्होंने कहा, "हमारी टीमें NDRF- और दूसरी एजेंसियों के लगातार संपर्क में हैं. जरूरत पड़ने पर टीमें कार्रवाई के लिए तैयार हैं. लोगों से सतर्क रहने, आधिकारिक सूचनाओं पर ध्यान देने और स्थानीय अधिकारियों का सहयोग करने की अपील की गई है."
यह भी पढ़ें: असम में पकड़े गए 9 विदेशी नागिरक, अब BSF के जरिए देश से बाहर भेजने की तैयारी
असम राज्य डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी की एक प्रवक्ता ने बताया कि सुबह 6.30 बजे तक संकोश नदी का जलस्तर स्थिर था. उन्होंने कहा कि किसी भी हालात से निपटने के लिए जिला प्रशासन और राहत दलों को अलर्ट पर रखा गया है.
जल शक्ति मंत्रालय ने जारी की थी एडवाइजरी
जल शक्ति मंत्रालय ने गुरुवार को असम और पश्चिम बंगाल के लिए एक खास सलाह जारी की थी. इसमें कहा गया कि भारतीय दूतावास ने भूटान के पुनात्सांगछू नदी क्षेत्र में स्थित शिंताफू झील में हिमनद झील फटने की सूचना दी है.
सलाह के मुताबिक, नदी के ऊपरी इलाकों में अचानक बाढ़ आने की खबरों के बाद भारत में संकोश नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ सकता है. इसका असर असम के धुबरी और पश्चिम बंगाल के अलीपुरद्वार जिले में पड़ने की आशंका है.
दोनों जिलों के स्थानीय अधिकारियों को सतर्क रहने, हालात की लगातार निगरानी करने और जरूरी एहतियाती कदम उठाने की सलाह दी गई है. फिलहाल संकोश नदी का जलस्तर स्थिर है, लेकिन प्रशासन और राहत एजेंसियां संभावित खतरे को देखते हुए तैयार हैं.
aajtak.in