अयोध्या में इस बार दीपोत्सव के दौरान श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र परिसर एक लाख दीयों से जगमगाएगा. उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से रविवार को जारी बयान में बताया गया कि मंदिर परिसर में दीये जलाने के लिए करीब 1,000 स्वयंसेवक जुटेंगे. इसकी तैयारियों को अगले पांच दिनों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है.
मंदिर ट्रस्ट ने दीपोत्सव की तैयारियों के लिए पूरे परिसर को पांच जोन में बांटा है. हर जोन की जिम्मेदारी अलग-अलग प्रभारी और उनकी टीम को दी गई है. शनिवार को हुई बैठक में दीपोत्सव की पूरी कार्ययोजना को अंतिम रूप दिया गया. कार्यक्रम की अलग-अलग व्यवस्थाओं से जुड़े प्रमुख स्वयंसेवक भी बैठक में मौजूद रहे.ट्रस्ट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एयर मार्शल (सेवानिवृत्त) जितेंद्र मिश्रा और सचिव जगदीश आफले ने बैठक में पूरी कार्ययोजना के बारे में जानकारी दी.
मंदिर परिसर, ग्रीन हाउस और यज्ञशाला क्षेत्र में करीब 30,000 दीये जलाए जाएंगे. वहीं कुबेर टीला, सप्तमंडप, शेषावतार मंदिर, हुतात्मा स्मारक और पंचवटी जोन में 30,000 से ज्यादा दीये जलाए जाएंगे.रिटर्न दर्शन मार्ग, तीर्थयात्री सुविधा केंद्र, पीएफसी प्लाजा और नल टीला जोन में 14,000 दीये जलाए जाएंगे. तीर्थयात्री सेवा केंद्र, अंगद टीला, सीता रसोई और रामानंदाचार्य गेट जोन में 13,000 से ज्यादा दीये लगाए जाएंगे. इसके अलावा श्री राम जन्मभूमि पथ, दर्शन मार्ग, सिंह द्वार और चरण पादुका जोन में 13,000 दीये जलाए जाएंगे.
पुलिस और सीआरपीएफ भी करेगी सहयोग
दीपोत्सव की तैयारियों में उत्तर प्रदेश पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल भी सहयोग करेंगे. ट्रस्ट के मीडिया मैनेजर सुभाष चंद्र सिंह ने कहा कि दीपोत्सव से जुड़ी सभी तैयारियां तय समय के भीतर पूरी कर ली जाएंगी.उन्होंने कहा कि यह आयोजन केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं है, बल्कि अयोध्या को विश्व स्तर पर स्थापित करने के सरकार के प्रयासों को भी मजबूती देगा. बयान में कहा गया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में दीपोत्सव अयोध्या की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहचान को नई ऊंचाई देने का माध्यम बन रहा है.
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