इलाज के लिए इन मरीजों को ट्रेन में मिलेगा फ्री ट्रैवल परमिट, SC ने केंद्र को दिया 4 हफ्ता

सुनवाई में याचिकाकर्ता ने बताया कि एक गंतव्य तक सीमित अनुमति, हर अस्पताल से अलग पत्र और हर शहर के लिए नई मंजूरी जैसी शर्तें इमरजेंसी इलाज और जल्दी मिलने वाले अपॉइंटमेंट में बड़ी रुकावट बन रही हैं.

Advertisement
एसिड अटैक के पीड़ित इलाज के लिए फ्री में यात्रा कर सकेंगे. (Photo- ITG) एसिड अटैक के पीड़ित इलाज के लिए फ्री में यात्रा कर सकेंगे. (Photo- ITG)

अनीषा माथुर

  • नई दिल्ली,
  • 13 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 1:24 PM IST

एसिड अटैक पीड़ितों के लिए इलाज के दौरान ट्रेन से मुफ्त यात्रा की सुविधा को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने सख्ती दिखाई है. एससी ने केंद्र सरकार, रेलवे और सामाजिक न्याय मंत्रालय को नई नीति तैयार करने के लिए चार हफ्ते का समय दिया है. कोर्ट ने केंद्र से मौजूदा व्यवस्था की कमियों को दूर करते हुए ऐसी पॉलिसी तैयार करने को कहा है. इससे एसिड अटैक पीड़ितों को इलाज के लिए अलग-अलग शहरों और अस्पतालों की यात्रा करने में परेशानी न हो.

Advertisement

सुनवाई के दौरान रेलवे की तरफ से पेश एडिशनल सॉलिसिटर जनरल ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि मौजूदा नीति के तहत एसिड अटैक पीड़ितों को उनके निवास स्थान से इलाज वाले स्थान तक मुफ्त यात्रा की सुविधा मिलती है.

यह भी पढ़ें: जंतर-मंतर के प्रदर्शनकारियों के फेस रिकग्निशन का मामला, सुनवाई के लिए तैयार हुआ सुप्रीम कोर्ट

हालांकि, याचिकाकर्ता NGO की तरफ से पेश वकील ने बताया कि यह अनुमति सिर्फ एक डेस्टिनेशन तक सीमित रहती है. ऐसे में अगर किसी पीड़ित को अलग-अलग इलाज के लिए कई शहरों की यात्रा करनी हो तो मौजूदा व्यवस्था उसके लिए बड़ी परेशानी बन जाती है.

एक पीड़िता को हिमाचल से तमिलनाडु, मुंबई और दिल्ली जाना पड़ा

याचिकाकर्ता की ओर से एक पीड़िता का उदाहरण सुप्रीम कोर्ट के सामने रखा गया. हिमाचल प्रदेश में रहने वाली इस एसिड अटैक पीड़िता को सर्जरी के लिए तमिलनाडु जाना पड़ा. इसके बाद उसे स्किन ग्राफ्ट के लिए मुंबई और कोर्ट की कार्यवाही में शामिल होने के लिए दिल्ली जाना पड़ा. लेकिन मौजूदा यात्रा अनुमति में केवल हिमाचल से तमिलनाडु जाने की मंजूरी थी.

Advertisement

पीड़िता को हर अस्पताल के लिए अलग पत्र और हर शहर की यात्रा के लिए अलग अनुमति लेनी पड़ी. याचिकाकर्ता ने कोर्ट को बताया कि यह प्रक्रिया समय लेने वाली है, जबकि एसिड अटैक पीड़ितों का इलाज कई बार बेहद संवेदनशील और समय पर निर्भर होता है.

यह भी पढ़ें: 8 करोड़ खर्च, काम जीरो, सुपरनोवा प्रोजेक्ट पर सुप्रीम कोर्ट ने पूछा- बिना निर्माण कहां गया पैसा?

अस्पतालों में अपॉइंटमेंट एक-दो सप्ताह के भीतर मिलते हैं, लेकिन यात्रा इजाजत की प्रक्रिया में ही काफी समय लग जाता है. इलाज में देरी होने पर रिकवरी की संभावना भी प्रभावित हो सकती है.

SC ने कहा- केंद्र और रेलवे मिलकर तैयार करें संशोधित पॉलिसी

सुप्रीम कोर्ट ने एडिशनल सॉलिसिटर जनरल से केंद्र सरकार, रेलवे और संबंधित विभागों से बातचीत कर संशोधित नीति तैयार करने को कहा. चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया ने कहा कि अब देखा जाएगा कि सरकार मौजूदा व्यवस्था में क्या बदलाव कर सकती है. कोर्ट ने इसके लिए चार सप्ताह का समय दिया है.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »