सेना, रिजर्व बैंक और प्रधानमंत्री हैं भारत के सबसे भरोसेमंद संस्थान: सर्वे

इप्सोस इंडिया द्वारा किए गए इस सर्वे के मुताबिक भारत के प्रधानमंत्री एक संस्थान के रूप में तीसरे स्थान पर हैं, जिस पर 49 प्रतिशत नागरिकों का भरोसा है. वहीं संसद (33 प्रतिशत) सातवें स्थान पर, आठवें स्थान पर मीडिया (32 प्रतिशत) और नौवें स्थान पर भारत का चुनाव आयोग (31 प्रतिशत) बताया गया है.

Advertisement
इप्सोस इंडिया का सर्वे इप्सोस इंडिया का सर्वे

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 15 अगस्त 2022,
  • अपडेटेड 10:34 PM IST

एक सर्वे के मुताबिक रक्षा बल, आरबीआई और भारत के प्रधानमंत्री देश के तीन सबसे भरोसेमंद संस्थान हैं. वहीं सुप्रीम कोर्ट को चौथे और केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को पांचवे स्थान पर रखा गया है. कम से कम दो तिहाई लोगों के मत के साथ रक्षा बलों को पहले स्थान पर रखा गया है. इसके बाद करीब 50 फीसदी लोगों ने भारतीय रिजर्व बैंक पर भरोसा जताते हुए दूसरे स्थान पर रखा है. 

Advertisement

इप्सोस इंडिया द्वारा किए गए इस सर्वे के मुताबिक भारत के प्रधानमंत्री एक संस्थान के रूप में तीसरे स्थान पर हैं, जिस पर 49 प्रतिशत नागरिकों का भरोसा है. वहीं संसद (33 प्रतिशत) सातवें स्थान पर, आठवें स्थान पर मीडिया (32 प्रतिशत) और नौवें स्थान पर भारत का चुनाव आयोग (31 प्रतिशत) बताया गया है.

सर्वे में कहा गया है, "विश्वास ही विश्वसनीयता, लोकाचार और सम्मान है. यह अनुकरणीय और अर्जित है. ये वह नींव है जिस पर संस्थानों का निर्माण किया जाता है, जो उन गुणों को प्रतिध्वनित करते हैं. रक्षा बल, आरबीआई, भारत के पीएम एक मजबूत नींव के साथ देश स्तंभ हैं और अपने मिशन व काम में अटूट हैं. ये जनता के सबसे भरोसेमंद के रूप में उभर रहे हैं.” 

सर्वे में इन्हें मिला आखिरी स्थान

यह अखंडता और चरित्र की ताकत के बारे में भी है, जिसके लिए सबसे भरोसेमंद संस्थान प्रयास करते हैं. इस सर्वे में लिस्ट के आखिर में राजनेता (16 प्रतिशत), राजनीतिक दल (17 प्रतिशत), कम्यूनिटी लीडर (19 प्रतिशत) और धार्मिक नेता (21 प्रतिशत) के रखा गया है. इसमें कहा गया है कि सर्वे में शामिल लोगों के मुताबिक इन संस्थानों में कम से कम विश्वसनीयता है. 

Advertisement

इसमें कहा गया है, "ये संस्थान भरोसे पर कम क्यों हैं? क्या यह वादे पूरे नहीं किए जाने के कारण है? या इनके इरादे प्रामाणिकता की परीक्षा में विफल हो रहे हैं. कारण जो भी हों, इन संस्थानों को कुछ आत्मनिरीक्षण करने की आवश्यकता होगी कि वे कैसे नागरिकों का विश्वास वापस जीत सकते हैं." 

इतने लोगों ने दी अपनी राय

बता दें कि इप्सोस इंडिया द्वारा एक संरचित प्रश्नावली का उपयोग करके मात्रात्मक सर्वेक्षण के माध्यम से सर्वेक्षण किया गया था. जिसके जरिए महिलाओं सहित 2,950 वयस्कों की राय ली गई थी. सर्वेक्षण में चार महानगरों, टियर 1, टियर 2 और टियर 3 शहरों के लोग इस सर्वे में शामिल थे. जिन्हें जवाब के 5 प्रतिशत की त्रुटि के साथ शामिल किया गया था.

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »