'क्या एकनाथ शिंदे RSS दफ्तर पर भी कब्जा करेंगे?', जानें ऐसा क्यों बोले उद्धव ठाकरे

उद्धव ठाकरे ने गुरुवार को प्रेस कांफ्रेंस कर कहा कि शिंदे सेना ने कहा कि कल सत्र खत्म होगा और अहम सवाल यह है कि सत्ता पक्ष ने राज्य को क्या दिया है. हर दिन हम एक मंत्री को देख रहे हैं, जो भ्रष्टाचार में शामिल हैं और पिछले छह महीनों में उन्होंने जो किया है, वह जनता को अच्छी तरह से पता है.

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एकनाथ शिंदे और उद्धव ठाकरे एकनाथ शिंदे और उद्धव ठाकरे

मुस्तफा शेख

  • मुंबई,
  • 29 दिसंबर 2022,
  • अपडेटेड 4:12 PM IST

महाराष्ट्र में राजनीतिक उठा-पटक के बाद से उद्धव ठाकरे और शिंदे गुट लगातार आमने-सामने नजर आ रहे हैं. शिवसेना पर दावे के बाद अब एकनाथ शिंदे गुट ने बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) में पार्टी दफ्तर पर भी अपना दावा किया है. जिसको लेकर दोनों गुटों के कार्यकर्ताओं में मारपीट भी हुई. जिसके बाद कार्रवाई करते हुए BMC ने गुरुवार को सभी दलों के कार्यालयों को सील कर दिया है. इस बीच उद्धव ठाकरे ने महाराष्ट्र के सीएम एकनाथ शिंदे पर निशाना साधा है.

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गुरुवार को प्रेस कांफ्रेंस कर उद्धव ठाकरे ने कहा कि शिंदे सेना ने कहा कि कल सत्र खत्म होगा और अहम सवाल यह है कि सत्ता पक्ष ने राज्य को क्या दिया है. हर दिन हम एक मंत्री को देख रहे हैं, जो भ्रष्टाचार में शामिल हैं और पिछले छह महीनों में उन्होंने जो किया है, वह जनता को अच्छी तरह से पता है. परियोजनाओं को दूसरे राज्य में शिफ्ट कर दिया गया, क्योंकि सत्र नागपुर में है और उन्होंने विदर्भ को क्या दिया है? हम विदर्भ में कुछ योजनाओं की मांग कर रहे हैं क्योंकि सत्र के लिए डेढ़ दिन बाकी है.

शिवसेना के दोनों गुटों के बीच बीएमसी में हुई हाथापाई पर उद्धव ठाकरे ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्होंने (शिंदे) नेताओं को चुराया, उन्होंने पार्टी को चुराया और अब उन्होंने हमारे पार्टी कार्यालय को चुराने की कोशिश की. वह आरएसएस कार्यालय में गए थे, क्या वह आरएसएस कार्यालय को भी चुरा रहे होंगे. आरएसएस मजबूत है इसलिए उनके कार्यालय को चुराना संभव नहीं है, लेकिन उन्हें उससे सतर्क रहने की आवश्यकता है. जिन लोगों में कुछ करने की हिम्मत नहीं है, वे कार्यालयों को चुराते हैं. आज वे आरएसएस के कार्यालय में गए तो उन्हें जरूर देखना चाहिए कि कोई निम्बू मिर्ची मिली है क्या वहा.

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बीएमसी में हमारे कार्यालय पर दावा किया है. आज मैंने सुना कि वह (एकनाथ शिंदे) आरएसएस कार्यालय गए थे. हो सकता है कि वह आरएसएस पर भी दावा पेश कर दें. वहीं मुंबई को केंद्र शासित राज्य बनाने की मांग वाले कर्नाटक के मंत्री के बयान पर उन्होंने कहा कि क्या बीजेपी मुंबई को महाराष्ट्र से तोड़ने की साजिश कर रही है? उनके मंत्री इसका सुझाव देते दिख रहे हैं. विवादित सीमा क्षेत्रों को केंद्र शासित घोषित किया जाना चाहिए.

बता दें कि महाराष्ट्र में 'असली शिवसेना' के दावे को लेकर सीएम एकनाथ शिंदे गुट और उद्धव ठाकरे गुट आए दिन भिड़ जाते हैं. इसी सिलसिले में एक बार फिर दोनों गुटों के बीच बीएमसी ऑफिस में बुधवार को झड़प हो गई थी. शिंदे गुट के लोगों ने बीएमसी कार्यालय में बने शिवसेना दफ्तर पर कब्जा कर लिया था. इस दौरान वहां मौजूद उद्धव गुट के नेताओं ने इसका विरोध किया था. बताया जा रहा है कि इस दौरान पहले तो दोनों तरफ से जमकर बहस हुई फिर बात हाथापाई पर आ गई थी. हालांकि सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई और मामले को शांत करा दिया.

उद्धव ठाकरे को नागपुर कार्यालय भी करना पड़ा था खाली

गौरतलब है कि 20 दिसंबर को उद्धव ठाकरे गुट को शीतकालीन सत्र के पहले दिन नागपुर विधानसभा परिसर में बने शिवसेना पार्टी कार्यालय को खाली करना पड़ा था. इस जगह पर अब सीएम एकनाथ शिंदे के गुट का कब्जा हो गया है. यहां 30 साल से शिवसेना का कार्यालय था. विधानसभा के रिकॉर्ड के अनुसार मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे आधिकारिक शिवसेना के नेता समूह हैं, इसलिए कार्यालय का दावा सीएम एकनाथ शिंदे के 'बालासाहेबंची शिवसेना' गुट का था. ठाकरे के उद्धव बालासाहेब ठाकरे गुट को नागपुर विधान भवन के परिसर में बैरक संख्या 5 और 6 में उनकी संख्या और विधायकों के आकार के अनुसार एक नया कार्यालय आवंटित किया गया है.

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