महाराष्ट्र के नासिक जिले में स्थित प्रसिद्ध त्र्यंबकेश्वर मंदिर 30 और 31 अक्टूबर को श्रद्धालुओं के लिए बंद रहेगा. सिंहस्थ कुंभ मेला 2027 के ध्वजारोहण समारोह को देखते हुए जिला प्रशासन ने यह फैसला लिया है.
अधिकारियों के मुताबिक, मंदिर को 30 अक्टूबर दोपहर 12 बजे से 31 अक्टूबर शाम 6 बजे तक आम श्रद्धालुओं के लिए बंद रखा जाएगा.
हालांकि, त्र्यंबकेश्वर शहर के स्थानीय निवासियों और अधिकृत दर्शन पास रखने वाले लोगों को इस दौरान मंदिर में प्रवेश की अनुमति होगी. प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए यह कदम उठाया है.
अधिकारियों के मुताबिक, सिंहस्थ कुंभ मेला 2027 के लिए ध्वजारोहण समारोह शनिवार को कुशावर्त तीर्थ पर आयोजित किया जाएगा. इस कार्यक्रम में कई गणमान्य लोग शामिल होंगे. समारोह के दौरान बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन की व्यवस्था की है.
प्रशासन का कहना है कि गणमान्य लोगों की सुरक्षा के साथ श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करना जरूरी है. इसी को ध्यान में रखते हुए मंदिर को निर्धारित अवधि के लिए बंद रखने का निर्णय लिया गया है.
आदेश तोड़ने पर होगी कार्रवाई
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मंदिर में प्रवेश को लेकर जारी निर्देशों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी. आधिकारिक बयान के मुताबिक, आदेशों का उल्लंघन करने पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) और महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम के तहत कार्रवाई हो सकती है.
बता दें कि त्र्यंबकेश्वर मंदिर भगवान शिव के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल है और यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं. ऐसे में 30 अक्टूबर दोपहर 12 बजे से 31 अक्टूबर शाम 6 बजे तक दर्शन की योजना बना रहे श्रद्धालुओं को प्रशासन के निर्देशों का ध्यान रखने की सलाह दी गई है. स्थानीय निवासियों और अधिकृत पास धारकों को छोड़कर अन्य श्रद्धालुओं को इस अवधि में मंदिर में प्रवेश नहीं मिलेगा.
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