राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP-SP) की सांसद सुप्रिया सुले ने उद्धव ठाकरे से बागी हुए के सांसदों के पीएम से मुलाकात किए जाने को लेकर तीखा हमला बोला है. उन्होंने कहा कि संविधान का अपमान हुआ है. शरद पवार साहब को पार्टी से बाहर कर दिया गया.
सुप्रिया सुले ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि आज जिस तरह से उद्धव ठाकरे और शरद पवार का हक छीना गया है, कल को किसी और का हक भी छीना जा सकता है.
अपनी पार्टी के सांसदों की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से होने वाली मुलाकात को लेकर सुप्रिया सुले ने साफ किया कि यह कोई छुपकर की जाने वाली बैठक नहीं है, बल्कि दिन के उजाले में और औपचारिक समय लेकर की जा रही है.
उन्होंने बताया कि पिछले दिनों लोकसभा में कई सांसदों के साथ चर्चा हुई थी, जिसमें यह बात सामने आई थी कि महाराष्ट्र में विकास कार्यों और मदद के लिए सांसदों को पर्याप्त फंड नहीं मिल रहा है. इसी सिलसिले में सभी 8 सांसदों ने मिलकर पीएम से मिलने का औपचारिक समय मांगा था, जिस पर प्रधानमंत्री ने उन्हें सोमवार का समय दिया है.
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बागी सांसदों की पीएम से मुलाकात पर कसा तंज
सुप्रिया सुले ने एकनाथ शिंदे गुट के सांसदों की पीएम से हुई नाश्ते पर मुलाकात पर तंज कसते हुए कहा कि उन्हें ऐसी कोई विशेष बात नहीं कही गई है, हमारी यह मुलाकात पूरी तरह से औपचारिक और तय समय के अनुसार है.
महाराष्ट्र में किसानों की कर्जमाफी के मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए सुप्रिया सुले ने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि किसानों की कर्जमाफी पर तरह-तरह के नियम थोपे जा रहे हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार केवल चुनाव को ध्यान में रखकर काम करती है, जिसका उनकी पार्टी कड़ा विरोध करती है.
वहीं, परिसीमन बिल को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि यह बिल अभी तक सदन के पटल पर आया ही नहीं है, इसलिए उस पर अभी क्या प्रतिक्रिया दी जाए. जब यह बिल आधिकारिक तौर पर आएगा, तब 'इंडिया' गठबंधन के सभी दल इस पर आपस में चर्चा करेंगे.
FCRA बिल और अन्य मुद्दों पर जताया विरोध
सुप्रिया सुले ने साफ किया कि FCRA बिल के मौजूदा ड्राफ्ट का उनकी पार्टी NCP-SP कड़ा विरोध करती है. उन्होंने सरकार को सलाह दी कि इस मामले में किसी तरह की जल्दबाजी न दिखाई जाए. बेहतर होगा कि इस बिल को विचार के लिए ज्वाइंट पार्लियामेंट्री कमेटी JPC के पास भेजा जाए.
इसके अलावा, जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई घटनाओं पर भी उन्होंने चिंता जताई. साथ ही सरकार से मांग की कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए एक एसआईटी SIT का गठन किया जाना चाहिए.
सुनेत्रा पवार को कथित तौर पर 'गूंगी गुड़िया' कहे जाने वाले विवाद पर सुप्रिया सुले ने साफ किया कि जब उन्होंने इस मामले में कांग्रेस नेताओं से बात की, तो उन्होंने तुरंत अपना रुख साफ कर दिया. सुले ने दो टूक कहा कि किसी भी महिला के खिलाफ इस तरह की भाषा का इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए.
इसके साथ ही, उन्होंने आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के उस बयान का अभिवादन किया जिसमें उन्होंने 'जेन-जी' को ईमानदारी का सर्टिफिकेट दिया है. इतना ही नहीं उन्होंने बिना किसी का नाम लिए चुनाव आयोग द्वारा एनसीपी (AP) को दिए गए नोटिस पर भी तंज कसा.
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दीपेश त्रिपाठी