एमएलसी चुनाव के नतीजों के बाद एनसीपी में भारी घमासान! प्रफुल्ल पटेल बोले- पार्टी के लिए यह बड़ी चेतावनी, तुरंत हो आत्ममंथन

एनसीपी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल ने महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव के नतीजों को पार्टी के लिए साफ चेतावनी बताया है. उन्होंने एक्स पर लिखा कि लोगों का भरोसा वापस पाने और संगठन मजबूत करने के लिए तुरंत आत्ममंथन जरूरी है. बताया गया है कि वे फैसलों में वरिष्ठ नेताओं से सलाह न लिए जाने और पुणे स्नातक सीट छोड़ने से नाराज थे.

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 NCP के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल ने पार्टी नेतृत्व से आत्ममंथन और संगठन में सुधार की अपील की है (File Photo: ITG) NCP के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल ने पार्टी नेतृत्व से आत्ममंथन और संगठन में सुधार की अपील की है (File Photo: ITG)

ओमकार

  • पुणे, महाराष्ट्र,
  • 28 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 6:10 PM IST

एनसीपी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल ने महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव के नतीजों के बाद पार्टी नेतृत्व को कड़ा संदेश दिया है. उन्होंने कहा है कि पार्टी को तुरंत आत्ममंथन करना चाहिए और संगठन में सुधार करने चाहिए, ताकि जनता का भरोसा दोबारा जीता जा सके. पटेल ने यह बात सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखी है. इस बीच पार्टी के भीतर पार्थ पवार से जुड़े गुट और वरिष्ठ नेताओं प्रफुल्ल पटेल और सुनील तटकरे के बीच मतभेद भी खुलकर सामने आ गए हैं.

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पटेल ने अपनी पोस्ट में कहा कि चुनाव के नतीजे पार्टी के लिए एक साफ और अहम चेतावनी हैं. उनके मुताबिक अगर एनसीपी को लोगों का विश्वास वापस पाना है और अपना संगठन मजबूत करना है, तो उसे बिना देर किए अपनी कमियों को परखना होगा.

पटेल के इस बयान को इसलिए अहम माना जा रहा है, क्योंकि पार्टी के अंदर विधान परिषद चुनाव के दौरान लिए गए फैसलों को लेकर नाराजगी बढ़ती जा रही है. बताया गया है कि पटेल इस बात से खफा थे कि फैसले लेते समय वरिष्ठ नेताओं से सलाह नहीं ली गई. उनकी नाराजगी इस बात को लेकर भी थी कि पार्टी ने पुणे स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की सीट छोड़ दी. पार्टी इस सीट को अपना पारंपरिक गढ़ मानती रही है.

यह भी पढ़ें: जीशान सिद्दीकी को बड़ी जिम्मेदारी, सुनेत्रा पवार ने बनाया NCP का मुंबई अध्यक्ष

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इन घटनाओं ने पार्टी के भीतर चल रही खींचतान को भी सामने ला दिया है. एक तरफ पार्थ पवार से जुड़ा गुट है और दूसरी तरफ वरिष्ठ नेता प्रफुल्ल पटेल और सुनील तटकरे हैं.

पटेल की टिप्पणी ऐसे समय आई है, जब पार्टी में अलग अलग पदों पर नियुक्तियों को लेकर भी आरोप लग रहे हैं. आरोप है कि ये नियुक्तियां उन नेताओं के पक्ष में की जा रही हैं, जिन्हें पार्थ पवार के करीबी माना जाता है. इसी कड़ी में बुधवार को जीशान सिद्दीकी को मुंबई एनसीपी का अध्यक्ष बनाया गया. इस नियुक्ति ने पार्टी की अंदरूनी हलचल में एक और पहलू जोड़ दिया है.

कुल मिलाकर, विधान परिषद चुनाव के नतीजों ने एनसीपी के सामने कई सवाल खड़े कर दिए हैं. एक तरफ पार्टी को जनता का भरोसा वापस जीतने की चुनौती है, तो दूसरी तरफ संगठन के भीतर फैसले लेने के तरीके पर उठ रहे सवालों से भी निपटना है. पटेल का संदेश साफ है कि सुधार का काम अब टाला नहीं जाना चाहिए.

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