महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा खुलासा करते हुए एनसीपी (शरद पवार गुट) के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री एकनाथ खडसे ने कहा है कि दोनों एनसीपी के एक साथ विलय की बातचीत लगभग अंतिम चरण में पहुंच चुकी थी. खडसे के मुताबिक पिछले तीन से चार महीनों से अजित पवार और अन्य नेताओं के साथ लगातार चर्चा चल रही थी और विलय को लेकर सहमति बन चुकी थी.
एकनाथ खडसे ने कहा कि शरद पवार गुट की ओर से यह तय किया गया था कि स्थानीय निकाय और पंचायत चुनाव ‘घड़ी’ चुनाव चिन्ह पर लड़े जाएंगे. औपचारिक रूप से मर्जर की घोषणा करने की भी पूरी योजना थी. हालांकि इसी बीच यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना हो गई, जिसके चलते यह प्रक्रिया रुक गई.
प्लेन क्रैश में अजित पवार का निधन
बुधवार सुबह महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम और एनसीपी के मुखिया अजित पवार का एक प्लेन क्रैश में निधन हो गया था. उनका विमान बारामती में लैंड करने की कोशिश कर रहा था. हादसे में कोई नहीं बचा और प्लेन में सवार सभी पांच लोगों की मौत हो गई. गुरुवार को बारामती के विद्या प्रतिष्ठान के मैदान पर उनका अंतिम संस्कार हुआ.
एनसीपी के वरिष्ठ नेता अनिल देशमुख ने भी कहा कि दोनों एनसीपी गुटों के विलय को लेकर लगातार बैठकें हुई थीं. उन्होंने बताया कि यह अजित पवार की आखिरी इच्छा थी कि एनसीपी के दोनों गुट एक साथ आएं और अब इस इच्छा को पूरा किया जाना चाहिए.
नगर निगम चुनाव में मिलाया था हाथ
जनवरी में हुए महाराष्ट्र नगर निगम चुनाव में कुछ सीटों पर अजित पवार और शरद पवार साथ मिलकर लड़े थे, जिनमें पुणे और पिंपरी-चिंचवाड़ शामिल हैं. हालांकि किसी औपचारिक गठबंधन की घोषणा नहीं हुई थी. अब खडसे ने दावा किया है कि दोनों दलों के विलय की बातचीत अंतिम चरण में थी.
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