ट्रेन चल रही थी. यात्री अपनी-अपनी सीटों पर थे. किसी को घर पहुंचने की जल्दी थी तो कोई सफर के दौरान सोने की तैयारी कर रहा था. लेकिन इसी ट्रेन में दो यात्री ऐसे भी थे, जिनके सफर का मकसद कुछ और था. दोनों करीब 2 करोड़ रुपये का विदेशी सोना लेकर दुरंतो एक्सप्रेस में सफर कर रहे थे.
फिर ट्रेन में जांच शुरू हुई. टीम B-12 कोच तक पहुंची. दो संदिग्ध पकड़े गए. तलाशी हुई तो 7 गोल्ड बिस्किट और एक सोने की छड़ बरामद हुई. कुल वजन करीब 1.242 किलो निकला. कीमत करीब 1 करोड़ 96 लाख रुपये थी.
मामला महाराष्ट्र के नागपुर का है. आरपीएफ क्राइम ब्रांच नागपुर को सूचना मिली थी कि हावड़ा-मुंबई दुरंतो एक्सप्रेस में दो लोग विदेशी सोना लेकर सफर कर रहे हैं. ट्रेन नंबर था 12262. सूचना को गंभीरता से लिया गया. नागपुर और रायपुर RPF क्राइम ब्रांच की टीम ने DRI नागपुर के अधिकारियों के साथ मिलकर कार्रवाई की तैयारी की.
इसके बाद रायपुर से नागपुर के बीच ट्रेन की तलाशी शुरू हुई. यानी टीम को पता था कि सोना ट्रेन में है, लेकिन किसके पास है, ये तलाशना था. तलाशी के दौरान ट्रेन भंडारा और नागपुर के बीच पहुंची. इसी दौरान टीम की नजर B-12 कोच में बैठे दो संदिग्धों पर गई. दोनों को रोककर तलाशी ली गई. और यहीं से मामला बड़ा हो गया.
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तलाशी में उनके कब्जे से 1.242 किलोग्राम विदेशी सोना बरामद हुआ. इसमें सात गोल्ड बिस्किट और एक सोने की छड़ बताई गई है. सोने की कीमत करीब 1 करोड़ 96 लाख 34 हजार 307 रुपये आंकी गई. बरामदगी के बाद दोनों संदिग्धों को सोने समेत DRI नागपुर के हवाले कर दिया गया. अब जांच DRI कर रही है.
एजेंसी ने कस्टम अधिनियम, 1962 की धारा 135 के तहत मामला दर्ज किया है. आरोपियों से पूछताछ की जा रही है. जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि सोना कहां से आया था, इसे कहां पहुंचाया जाना था और इस पूरे खेल में इनके अलावा और कौन-कौन लोग शामिल हैं. करीब दो करोड़ रुपये के विदेशी सोने की बरामदगी के बाद जांच एजेंसियों का फोकस अब कथित तस्करी नेटवर्क पर है.
DRI यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या ये दोनों सिर्फ सोना लेकर जा रहे थे या इनके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क काम कर रहा है. इस मामले में आगे की जांच के बाद ही पता चलेगा कि करीब दो करोड़ का ये विदेशी सोना आखिर आया कहां से और जाना कहां था.
योगेश पांडे