मुंबई के साकिनाका में खैरानी रोड पर ड्रेनेज सिस्टम की मरम्मत के दौरान एक खुले मैनहोल में गिरने से एक बुजुर्ग की मौत हो गई. मृतक की पहचान असलम इसाक शेख के रूप में हुई है. असलम अपने परिवार में अकेले कमाने वाले थे. उनकी मौत के बाद अब पीड़ित परिवार का गुस्सा और दर्द सामने आया है.
मृतक असलम शेख की भाभी शाईस्ता रशीद शेख ने प्रशासन और ठेकेदारों के रवैये पर कड़े सवाल उठाए हैं. उन्होंने रोते हुए कहा, 'हर ठेकेदार और सरकार को सिर्फ पैसा कमाना है. वो हमसे भारी टैक्स लेते हैं, लेकिन बदले में हमारी जान की उन्हें कोई परवाह नहीं है.'
उन्होंने मुंबई में बार-बार होने वाले ऐसे हादसों पर नाराजगी जताई. उन्होंने कहा, 'ये हादसा आज हमारे घर में हुआ है, कल किसी और के साथ भी हो सकता है. हमारी फैमिली की तरफ से बस एक ही मांग है कि आज हमारा आदमी गया है, कल किसी और का नहीं जाना चाहिए.'
'कमाने वाला वो एक अकेला था'
असलम की भाभी ने आगे कहा, 'किसी की भी जिंदगी का कोई नुकसान न हो जिसका जाता है उसको पता चलता है की उसका क्या गया. उनका एक बेटा है, बेटी है, बीवी है. कमाने वाला वो एक अकेला था उसके लिए मुआवजा चाहिए और दोबारा ऐसा कुछ ना हो ये कॉन्ट्रैक्टर को सिखाओ जैसे छोटे बच्चों को सिखाते है ना वैसे कॉन्ट्रैक्टर को भी सिखाओ, अगर तुमको काम करना है तो किस तरीके से काम करना है. '
शाईस्ता कहती हैं, 'ये मुंबई में हमेशा होता है बहुत ज्यादा सेफ्टी रूल्स क्यों नहीं फॉलो करते. हर कॉन्ट्रैक्टर को पैसा कमाना है, गवर्नमेंट को भी पैसा कमाना है हमसे टैक्स लेते हैं और हमारी जान का क्या जाता है. हम लोग कहां जाए ये बताओ. हमको मुआवजा चाहिए और दोबारा किसी के साथ ऐसा ना हो इसका ध्यान रखना चाहिए. वो अकेले कमाने वाले थे. बच्चा भी अभी जॉब देख रहा है.'
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महापौर ने किया मुआवजे का ऐलान
असलम शेख की मौत के बाद मुंबई की महापौर ने उनके परिवार के लिए 10 लाख रुपये के मुआवजे का ऐलान किया है. इसके साथ ही, मुंबई के उपमहापौर संजय घाड़ी ने कहा है कि बीएमसी (BMC) उस लापरवाह ठेकेदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी, जिसने मरम्मत के दौरान मैनहोल को खुला छोड़ दिया था. साकिनाका पुलिस भी इस पूरे मामले की आगे की जांच कर रही है.
ऋत्विक भालेकर