मुंबई में फिलिस्तीन के समर्थन में आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल होने के बाद पोस्टग्रेजुएट छात्रा और एक्टिविस्ट हर्षदा बोराडे के घर पुलिस की तलाशी का मामला सामने आया है. बोराडे ने आरोप लगाया कि पश्चिमी मुंबई स्थित उनके घर पर एंटी-टेररिज्म सेल के अधिकारियों ने शुक्रवार शाम से शनिवार सुबह तक तलाशी ली. उनका दावा है कि पुलिसकर्मी सादे कपड़ों में थे और उन्होंने कोई वारंट नहीं दिखाया.
बोराडे के मुताबिक, पुलिसकर्मियों ने उनकी निजी चीजों की जांच की, नोटबुक देखीं, किताबों के नाम लिखे और उनके सामान की तस्वीरें भी लीं. उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए एक वीडियो में यह भी आरोप लगाया कि तलाशी के बाद उनके मकान मालिक ने उन्हें नया घर तलाशने के लिए कहा और कहा कि वह अब वहां नहीं रह सकतीं.
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फिलिस्तीन के समर्थन में पतंग उड़ाने के कार्यक्रम में हुई थीं शामिल
हर्षदा बोराडे ‘इंडियन पीपल इन सॉलिडेरिटी विद फिलिस्तीन’ यानी आईपीएसपी से जुड़ी हैं. उन्होंने गाजा युद्ध के बीच फिलिस्तीनी बच्चों के समर्थन में आयोजित पतंग उड़ाने के कार्यक्रम में हिस्सा लिया था. इस कार्यक्रम का मकसद फिलिस्तीन और गाजा के हालात को लेकर जागरूकता बढ़ाना था.
आईपीएसपी ने आरोप लगाया कि बोराडे को बिना लिखित नोटिस के हिरासत में लिया गया और बाद में उन्हें उनके घर वापस लाया गया, जहां तलाशी ली गई. संगठन ने दावा किया कि यह तलाशी बिना वारंट के की गई.
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कोई एफआईआर दर्ज नहीं की गई
मुंबई पुलिस ने इन आरोपों से अलग अपना पक्ष रखा है. डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस मोहित गर्ग ने कहा कि मामले में कानून के तहत तय प्रक्रिया के मुताबिक जांच चल रही है. उन्होंने कहा कि किसी को गैरकानूनी तरीके से हिरासत में नहीं लिया गया. पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, अभी तक इस मामले में कोई एफआईआर दर्ज नहीं की गई है और फिलहाल बैकग्राउंड चेक किया जा रहा है.
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