मुंबई के स्कूल में पर्युषण विवाद... टिफिन में प्याज-लहसुन न लाने के मैसेज पर भड़की MNS, विधायक बोले- 'सख्ती नहीं'

मुंबई के मीरा रोड की सेवन स्क्वेयर अकादमी ने पर्युषण पर्व के दौरान बच्चों के टिफिन में प्याज, लहसुन और कंदमूल न लाने की अपील पैरेंट्स ग्रुप पर भेजी थी. इस पर मनसे ने आपत्ति जताते हुए सवाल किया कि बच्चों के खानपान पर स्कूल का फैसला कैसे मान्य होगा और अगर कोई मराठी स्कूल नॉनवेज लाने को कहे तो क्या यह स्वीकार होगा.

Advertisement
पर्युषण में टिफिन से प्याज-लहसुन हटाने की अपील पर MNS भड़की (Representational Photo: ITG) पर्युषण में टिफिन से प्याज-लहसुन हटाने की अपील पर MNS भड़की (Representational Photo: ITG)

प्रवीण नलावडे

  • मुंबई, महाराष्ट्र,
  • 10 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 1:38 PM IST

महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में स्थित मीरा रोड के एक स्कूल में पर्युषण पर्व के दौरान टिफिन को लेकर भेजे गए एक संदेश ने राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है. सेवन स्क्वेयर अकादमी ने पैरेंट्स पोर्टल ग्रुप में विद्यार्थियों से टिफिन में प्याज, लहसुन, आलू और चुकंदर जैसी चीजें न लाने की अपील की थी. इसके बाद महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना ने स्कूल पर सवाल खड़े किए हैं. वहीं स्थानीय विधायक नरेंद्र मेहता ने सफाई दी है कि यह सिर्फ एक अनुरोध था, कोई जबरदस्ती नहीं.

Advertisement

मामला मीरा रोड पूर्व स्थित सेवन स्क्वेयर अकादमी का है. पर्युषण पर्व नजदीक आने पर स्कूल प्रशासन ने पैरेंट्स पोर्टल ग्रुप पर एक मैसेज भेजा. इसमें अभिभावकों से कहा गया कि वे अपने बच्चों के टिफिन में प्याज, लहसुन और कंदमूल यानी आलू, चुकंदर जैसी चीजें न रखें. यह मैसेज जैसे ही सार्वजनिक हुआ, मनसे इस पर आक्रामक हो गई.

मनसे पदाधिकारियों ने सवाल उठाया कि मराठी परिवारों के बच्चे टिफिन में क्या लाएंगे, यह तय करने वाला स्कूल आखिर कौन होता है. पार्टी की ओर से यह भी पूछा गया कि अगर कोई मराठी व्यक्ति स्कूल खोलकर किसी और त्योहार के समय बच्चों से टिफिन में चिकन, मटन या अंडा लाने को कहे, तो क्या उसे भी मान लिया जाएगा. मनसे पदाधिकारी सचिन पोपले और रॉबर्ट डिसूजा ने इस मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया दी है.

Advertisement

यह भी पढ़ें: जेल में ही रहेगा गैंगस्टर अबू सालेम... समयपूर्व रिहाई की अर्जी सुप्रीम कोर्ट से खारिज, 1993 मुंबई ब्लास्ट केस में काट रहा है उम्रकैद

दूसरी ओर विधायक नरेंद्र मेहता ने इस विवाद पर पहली बार बयान देते हुए साफ किया कि किसी तरह की सख्ती नहीं है, बल्कि सिर्फ विनती की गई है. उन्होंने कहा कि पर्युषण एक पवित्र समय होता है, जिसमें पशु पक्षियों और दूसरे जीवों को नुकसान न पहुंचे, इसी सोच के साथ अभिभावकों से अपील की गई थी. मेहता ने यह भी कहा कि इस अपील के पीछे कोई और मकसद नहीं है और धार्मिक भावनाओं से जुड़े इस मुद्दे को राजनीतिक रंग नहीं देना चाहिए.

गौरतलब है कि मीराभाईंदर में वेज नॉनवेज को लेकर विवाद पहले से चर्चा में रहा है, और अब यह मामला स्कूल के टिफिन तक जा पहुंचा है. आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर मीराभाईंदर का राजनीतिक माहौल और गर्म होने की संभावना जताई जा रही है.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »