महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास बनी मस्जिद को लेकर विवाद फिर सुर्खियों में है. बीजेपी नेता किरीट सोमैया ने इसकी सुरक्षा और वैधता पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने पुलिस को सात दिन का समय दिया है और कहा है कि कार्रवाई नहीं हुई तो वे कोर्ट जाएंगे. मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (एमएमआरडीए) ने भी इस ढांचे को अनधिकृत बताया है.
सोमैया शुक्रवार को सहार पुलिस स्टेशन पहुंचे. उन्होंने मांग की कि निर्माण के लिए कथित तौर पर जमीन देने वालों पर केस दर्ज हो. उनका कहना है कि ढांचा एयरपोर्ट के संवेदनशील इलाके के बेहद करीब है. प्रधानमंत्री के काफिले के रास्ते और इस ढांचे के बीच बहुत कम दूरी है.
सोमैया ने पूछा कि अगर भविष्य में वहां कोई संदिग्ध चीज या विस्फोटक रखा गया या जगह का इस्तेमाल सुरक्षा के खिलाफ किसी गतिविधि में हुआ, तो जिम्मेदार कौन होगा. उन्होंने कहा कि ऐसे इलाके में निर्माण की पूरी जांच और उचित कार्रवाई होनी चाहिए.
सोमैया ने पुलिस को सात दिन की मोहलत दी है. उनका कहना है कि इस दौरान शिकायत पर कार्रवाई नहीं हुई तो वे अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे. वे पहले भी एयरपोर्ट के आसपास कथित अवैध निर्माण पर सवाल उठा चुके हैं. अब देखना होगा कि पुलिस, एयरपोर्ट प्रशासन और स्थानीय अधिकारी क्या जवाब देते हैं.
एमएमआरडीए ने एयरपोर्ट के टर्मिनल 2 में वीआईपी अराइवल और टैक्सी स्टैंड इलाके के पास बने ढांचे को अनधिकृत कहा है. रिपोर्ट्स के मुताबिक प्राधिकरण ने कोई अनुमति नहीं दी थी. उसने एयरपोर्ट चलाने वाली कंपनी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड यानी एमआईएएल को नियमों के मुताबिक इसे हटाने की प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया है.
अवैध पानी कनेक्शन को लेकर मस्जिद और MIAL को BMC का नोटिस: सोमैया
बीजेपी नेता किरीट सोमैया ने मुंबई एयरपोर्ट की एक मस्जिद की पानी की पाइपलाइन को लेकर दावा किया है. उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में आरोप लगाया कि मस्जिद में पानी का कनेक्शन अवैध तरीके से लिया गया है और पानी की चोरी की जा रही है. किरीट सोमैया के मुताबिक, मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने अवैध पानी कनेक्शन को लेकर मस्जिद और मुंबई एयरपोर्ट की कंपनी MIAL को नोटिस जारी किया है.
फिलहाल विवाद में तीन बड़े सवाल हैं. पहला, जमीन का मालिक कौन है और उसका कानूनी इस्तेमाल क्या है. दूसरा, निर्माण की इजाजत किस विभाग ने दी. तीसरा, एयरपोर्ट जैसे संवेदनशील इलाके में संबंधित एजेंसियों की जिम्मेदारी क्या है. एमएमआरडीए के अनुमति न देने से मामला सिर्फ राजनीतिक बयानबाजी तक सीमित नहीं रहा. अब नजर पुलिस, एयरपोर्ट प्रशासन और नियामक संस्थाओं की कार्रवाई पर रहेगी. आने वाले दिनों में मामला अदालत तक भी पहुंच सकता है.
दीपेश त्रिपाठी / दिव्येश सिंह