महाराष्ट्र में बाढ़ का कहर, 150 गांव बने टापू, कुछ इलाकों में नौसेना तैनात

महाराष्ट्र में लगातार हो रही बारिश फिलहाल थमती नहीं दिख रही है. भारी बारिश के बाद नदियां ऊफान पर हैं, लगातर हो रही बारिश से जहां कोल्हापुर में 14 लोगों की मौत हो गई तो वहीं सांगली में बचाव दल की एक नाव डूबने से 12 लोगों की मौत हो गई है.

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महाराष्ट्र में बाढ़ से बेहाल लोग (फोटो-IANS) महाराष्ट्र में बाढ़ से बेहाल लोग (फोटो-IANS)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 09 अगस्त 2019,
  • अपडेटेड 7:50 AM IST

महाराष्ट्र के कई शहरों में बाढ़ का कहर बरपा हुआ है. कई जगहों पर नदियों का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर चुका है. हजारों एकड़ फसल बर्बाद हो चुकी है. कुछ इलाकों में तो नौसेना को तैनात करना पड़ा है. 150 से ज्यादा गांव का संपर्क अभी भी टूटा है. हजारों लोग अभी भी पानी में फंसे हैं. एनडीआरएफ की टीम अब तक 3500 लोगों का रेस्क्यू कर चुकी है और लगातार लोगों को रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है.

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कोल्हापुर में हालात इतने खराब हैं कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने हेलिकॉप्टर से बाढ़ के हालात का जायजा लिया. वहीं महाराष्ट्र में लगातार हो रही बारिश फिलहाल थमती नहीं दिख रही है. भारी बारिश के बाद नदियां ऊफान पर हैं, लगातर हो रही बारिश से जहां कोल्हापुर में 14 लोगों की मौत हो गई तो वहीं सांगली में बचाव दल की एक नाव डूबने से 12 लोगों की मौत हो गई है.

मुख्यमंत्री ने गुरुवार को सतारा और पुणे सहित बाढ़ से प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वे करने के बाद कहा कि स्थिति बहुत विकट है उचित समय पर इस इलाके में राष्ट्रीय आपदा घोषित की जाएगी.

मुख्यमंत्री ने कहा कि एनडीआरएफ की 13 टीमों के साथ ही राज्य आपदा प्रबंधन टीम, भारतीय सेना, 14 नौसेना दल, वायु सेना और स्थानीय एंजेसी के 10 हजार से अधिक कर्मचारी दो जिले में लोगों को बचाने में जुटे हुए हैं. वहीं बचाव कार्य में बाधा आ रही है, क्योंकि अधिकांश इलाकों में अभी भी जल स्तर कम नहीं हो रहा है.

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गौरतलब है कि महाराष्ट्र पर अब तक 1.35 लाख से अधिक लोगों को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से बचाकर सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया है. वहीं हजारों लोग अभी भी भोजन, पेयजल, दवाई जैसी चीजें न मिलने पर परेशान हैं.

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