महाराष्ट्र के पिंपरी-चिंचवड में एक परिवार ने आरोप लगाया है कि तेज आवाज वाले डीजे और साउंड सिस्टम की वजह से उनके परिवार की सेहत पर बुरा असर हुआ है. परिवार का दावा है कि तेज शोर की वजह से ही उनके बीमार बुजुर्ग पिता को समय पर मेडिकल मदद नहीं मिल सकी और उनकी मौत हो गई.
मोशी स्थित 'मंत्र मूवमेंट सोसाइटी' में रहने वाली वर्षा गणेश कदम ने आरोप लगाया कि त्योहारों के दौरान उनके घर के ठीक नीचे तेज आवाज में डीजे और साउंड सिस्टम लगाए जाते हैं. शोर इतना तेज होता है कि खिड़कियां, दरवाजे और घर के बर्तन तक थरथराने लगते हैं.
उन्होंने बताया कि ज्यादा शोर के कारण उनका परिवार पिछले करीब 10 सालों से त्योहारों के दौरान घर छोड़ने पर मजबूर है. वो कभी रिश्तेदारों के यहां रुकते हैं तो कभी अपनी ही इमारत की आठवीं मंजिल के रिफ्यूज एरिया में रातें बिताते हैं.
इलाज के अभाव में बेटी की बाहों में तोड़ा दम
वर्षा ने बताया कि उनके पिता बहुत बीमार थे और अस्पताल में भर्ती थे. डॉक्टरों की सलाह पर वो उन्हें घर ले आए थे. पिता ऑक्सीजन सपोर्ट पर थे. वर्षा ने उत्सव समिति और आयोजकों से साउंड सिस्टम की आवाज कम करने या उसे दूसरी जगह शिफ्ट करने की गुहार लगाई, लेकिन उनकी विनती को अनसुना कर दिया गया.
घर में भारी शोर की वजह से वर्षा अपने पिता को बारामती के पास उजनी बांध के बैकवाटर स्थित अपने पैतृक गांव ले जाने लगीं. लेकिन गांव जाने वाली सड़क और पुल जर्जर थी, जिससे एम्बुलेंस समय पर नहीं पहुंच सकी. आखिरकार उनके पिता ने बिना समय पर इलाज मिले उनकी बाहों में ही दम तोड़ दिया. वर्षा ने जानकारी दी कि परिवार ने उनके इलाज पर करीब 15 लाख रुपये खर्च किए थे.
वर्षा ने ये भी बताया कि उनका बेटा पांच साल की उम्र से मिर्गी की बीमारी से पीड़ित है और फिलहाल 12वीं कक्षा में पढ़ रहा है. वर्षा खुद भी इस बीमारी से जूझ रही हैं.
धर्म के नाम पर राजनीति का आरोप
वर्षा का कहना है कि पिता के निधन के बाद भी सोसाइटी में आधी रात तक तेज आवाज में कार्यक्रम चलता रहा. जब भी उन्होंने शोर का विरोध किया, तो उन्हें 'धर्म विरोधी' बताकर निशाना बनाया गया. वर्षा ने कहा, 'हम खुद सभी त्योहार मनाते हैं. मैंने गणपति उत्सव में हिस्सा लिया है और इनाम भी जीते हैं. हम नास्तिक नहीं हैं. लेकिन क्या धर्म के नाम पर किसी की जिंदगी से खिलवाड़ करना सही है?'
पुलिस शिकायतों पर नहीं हुई कार्रवाई
वर्षा कदम ने बताया कि उन्होंने साल 2023 में पुलिस में पहली लिखित शिकायत दी थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई. इसके बाद 4 सितंबर को उन्होंने MIDC भोसरी पुलिस स्टेशन में दोबारा शिकायत दर्ज कराई. उनका आरोप है कि जब भी वो 112 नंबर पर पुलिस को कॉल करती हैं, पुलिस के आने से पहले साउंड सिस्टम बंद कर दिया जाता है और उनके जाते ही फिर शुरू हो जाता है.
आयोजकों ने उन्हें धमकी भी दी कि पुलिस स्टेशन जाने से कुछ नहीं होगा. कदम परिवार अब आयोजकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और त्योहारों में अत्यधिक शोर से राहत की मांग कर रहा है. उनका कहना है कि ये किसी धार्मिक उत्सव का विरोध नहीं, बल्कि लोगों के स्वास्थ्य और सुरक्षा से जुड़ा मामला है.
ओमकार