मराठी नहीं आती तो टैक्सी-रिक्शा चलाने वालों पर होगा एक्शन? 100 दिन की मोहलत खत्म

महाराष्ट्र में टैक्सी और ऑटो रिक्शा चालकों के लिए मराठी भाषा का मुद्दा एक बार फिर गरमा सकता है. सरकार की ओर से मराठी सीखने के लिए दी गई 100 दिन की मोहलत खत्म हो चुकी है. अब ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट की बैठक में तय होगा कि भाषा की शर्त पूरी नहीं करने वाले ड्राइवरों पर लाइसेंस या परमिट सस्पेंड करने जैसी कार्रवाई होगी या उन्हें एक और मौका दिया जाएगा.

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मराठी भाषा सीखने की मोहलत खत्म हो गई है. (Photo- ITG) मराठी भाषा सीखने की मोहलत खत्म हो गई है. (Photo- ITG)

दीपेश त्रिपाठी

  • मुंबई,
  • 18 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 2:52 PM IST

महाराष्ट्र में टैक्सी और ऑटो रिक्शा चालकों के लिए मराठी भाषा का मुद्दा एक बार फिर गरमा सकता है. मराठी भाषा की पर्याप्त नॉलेज नहीं रखने वाले ड्राइवरों को भाषा सीखने के लिए सरकार की तरफ से दी गई 100 दिन की मोहलत अब खत्म हो चुकी है. ऐसे में सबकी नजर कल होने वाली ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट की अहम बैठक पर है.

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सरकार ने पहले साफ किया था कि टैक्सी और ऑटो रिक्शा ड्राइवर को मराठी भाषा का ज्ञान होना जरूरी होगा. जिन ड्राइवरों को मराठी नहीं आती, उन्हें इसे सीखने के लिए 100 दिन का समय दिया गया था. इस दौरान उन्हें कार्रवाई से बचने का मौका दिया गया, लेकिन अब तय समय सीमा पूरी हो चुकी है.

यह भी पढ़ें: महाराष्ट्र में टैक्सी ड्राइवरों को मराठी सीखने की म‍ियाद खत्म, अब आगे क्‍या होगा?

सबसे बड़ा सवाल यही है कि अब सरकार का अगला कदम क्या होगा. क्या मराठी नहीं सीखने वाले ड्राइवरों के लाइसेंस या परमिट सस्पेंड किए जाएंगे या सरकार उन्हें एक और मौका देगी? ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट की बैठक में इसी मुद्दे पर चर्चा होने की संभावना है.

अगर नहीं सीखी मराठी तो होगा एक्शन

परिवहन मंत्री प्रताप सरनाइक ने कहा है कि बैठक में कार्रवाई किस तरीके से की जाए और आगे किस तरह बढ़ा जाए, इस पर चर्चा की जाएगी. यानी सरकार सीधे कार्रवाई करेगी या पहले नोटिस, चेतावनी अथवा अतिरिक्त समय देने का रास्ता अपनाएगी, यह बैठक के बाद साफ होगा.

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वहीं, कांग्रेस ने सरकार की नीति पर सवाल उठाए हैं. कांग्रेस नेता अमीन पटेल ने कहा कि मराठी का सम्मान होना चाहिए और सभी को मराठी सीखनी चाहिए, लेकिन जिन ड्राइवरों को भाषा नहीं आती, उन्हें सीखने के लिए पर्याप्त समय दिया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि वह परिवहन मंत्री को पत्र लिखकर अतिरिक्त समय देने की मांग करेंगे. उनका आरोप है कि सरकार रोजगार के पर्याप्त मौके नहीं दे पा रही और मेहनत कर रोजी-रोटी कमाने वालों पर इस तरह की सख्ती कर रही है.

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100 दिन की मोहलत खत्म होने के बाद कल की मंत्रालय की बैठक

कांग्रेस नेता असलम शेख ने भी सरकार से मराठी सीखने के लिए उचित SOP तैयार करने और नाइट स्कूल शुरू करने की मांग की है, ताकि काम करने वाले ड्राइवर भी आसानी से भाषा सीख सकें. अब 100 दिन की मोहलत खत्म होने के बाद कल की बैठक अहम हो गई है. बैठक के बाद साफ होगा कि सरकार समय सीमा बढ़ाती है या मराठी की शर्त पूरी नहीं करने वाले टैक्सी और रिक्शा चालकों के खिलाफ कार्रवाई का रास्ता खोलती है.

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