14 हजार पुरुषों ने ले लिया 'लाडकी बहिन योजना' का पैसा, अब फर्जी लाभार्थियों से राशि वसूलने की तैयारी में सरकार

सरकार इन लाभार्थियों के खिलाफ कार्रवाई और उनसे पैसा वापस लेने पर भी फैसला करेगी. सरकार ने लाड़की बहन योजना के लिए सालाना 42 हजार करोड़ रुपये आवंटित किए हैं. यह योजना तत्कालीन एकनाथ शिंदे सरकार ने शुरू की थी.

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महिला योजना पर पुरुषों ने उठाया फायदा (File Photo) महिला योजना पर पुरुषों ने उठाया फायदा (File Photo)

मुस्तफा शेख

  • मुंबई,
  • 28 जुलाई 2025,
  • अपडेटेड 4:38 PM IST

महाराष्ट्र (Maharashtra) की महिलाओं के लिए प्रमुख योजना 'लाड़की बहिन योजना' का फायदा 14,298 पुरुषों द्वारा उठाए जाने की बात सामने आई है. इन पुरुषों को 10 महीनों के लिए ₹1500 की सहायता दी गई, जिससे सरकारी खजाने को 21.44 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है. सरकारी सूत्रों के मुताबिक, ये आंकड़े जांच के दौरान सामने आए हैं.

योजना के लाभार्थियों की जांच के दौरान यह बात सामने आई. इस योजना का लाभ अगस्त 2024 में मिलना शुरू हुआ था और पिछले साल विधानसभा चुनावों में महायुति की भारी जीत का श्रेय इसी को जाता है. इन 14,298 पुरुषों को लाभार्थियों की लिस्ट में किसने शामिल किया और वे जांच से कैसे चूक गए, इसकी जांच की जा रही है. उनका मानदेय बंद कर दिया गया है.

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सरकार इन लाभार्थियों के खिलाफ कार्रवाई और उनसे पैसा वापस लेने पर भी फैसला करेगी. सरकार ने लाड़की बहन योजना के लिए सालाना 42 हजार करोड़ रुपये आवंटित किए हैं. तत्कालीन एकनाथ शिंदे सरकार ने यह योजना शुरू की थी. इससे विधानसभा चुनावों में महायुति को काफी फायदा हुआ था. हालांकि, इसकी वजह से राज्य सरकार कई विकास परियोजनाओं को लागू नहीं कर पाई है.

इसके अलावा, संदेह है कि 2,36,014 अन्य लाभार्थियों ने पुरुष होने के बावजूद महिलाओं के नाम देकर लाभ लिया है. सूत्रों ने बताया कि इनकी जांच का काम अभी चल रहा है.

लाखों सीनियर नागरिक महिलाओं को भी लाभ...

नीति के मुताबिक, 65 वर्ष से ज्यादा उम्र की महिलाएं इस योजना का लाभ नहीं ले सकतीं क्योंकि उन्हें राज्य सरकार की अन्य योजनाओं के तहत वित्तीय लाभ दिया जाता है. इसके बावजूद, यह देखा गया है कि 65 वर्ष से ज्यादा उम्र की 2,87,803 वृद्ध महिलाओं ने इस योजना का लाभ उठाया है. पिछले 10 महीनों में उनके बैंक खातों में कुल 431.70 करोड़ रुपये जमा हुए हैं. इन लाभार्थियों को छांटने से सरकार को सालाना 518 करोड़ रुपये की बचत होगी.

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यह भी पता चला है कि 7,97,751 मामलों में एक परिवार की दो से ज़्यादा महिलाओं ने लाभ लिया है. नियम है कि एक परिवार की दो से ज़्यादा महिलाओं को इस योजना का लाभ नहीं दिया जाएगा. ऐसे मामलों में महिलाओं को लाभार्थियों की लिस्ट से बाहर करने का फ़ैसला अभी लिया जाना बाकी है.

यह भी पढ़ें: 'लड़की बहिन योजना से बजट पर बढ़ा दबाव', भरणे के बाद अब भुजबल भी बोले, अजित पवार ने कहा- बात करेंगे

आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई का वादा

उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने जहां राशि वसूलने और धोखाधड़ी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने का वादा किया है, वहीं विपक्ष ने इसकी सीबीआई जांच की मांग की है.

इसके अलावा, महिला एवं बाल विकास मंत्री अदिति तटकरे ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, "महिला एवं बाल विकास विभाग ने मुख्यमंत्री लाड़की बहन योजना के अंतर्गत सभी पात्र आवेदनों की पहचान करने के लिए सभी सरकारी विभागों से जानकारी मांगी थी. सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग ने जानकारी प्रस्तुत की है कि करीब 26.34 लाख लाभार्थी अपात्र होने के बावजूद लाड़की बहन योजना का लाभ उठा रहे हैं.

यह देखा गया है कि कुछ लाभार्थी एक से ज्यादा योजनाओं का लाभ उठा रहे हैं, कुछ परिवारों में दो से ज्यादा लाभार्थी हैं, और कुछ स्थानों पर पुरुषों ने आवेदन किया है. इस जानकारी के आधार पर, इन 26.34 लाख आवेदकों का लाभ जून 2025 से अस्थायी रूप से स्थगित कर दिया गया है. इसके अलावा, लाड़की बहन योजना के करीब 2.25 करोड़ पात्र लाभार्थियों को जून 2025 माह की मानदेय राशि वितरित की जा चुकी है.

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जिन 26.34 लाख लाभार्थियों के लाभ अस्थायी रूप से निलंबित कर दिए गए हैं, उनकी जानकारी संबंधित जिला कलेक्टरों द्वारा सत्यापित की जाएगी और जो लाभार्थी पात्र हैं, उनके लाभ प्रशासन द्वारा फिर से शुरू किए जाएंगे.

 
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