पहले दी थी सुपारी, फिर खुद बना डाली हत्या की प्लानिंग, केतन अग्रवाल केस में तीसरी गिरफ्तारी

पुणे के कारोबारी केतन अग्रवाल की हत्या की साजिश में पहले कॉन्ट्रैक्ट किलिंग की बात हुई थी, लेकिन बाद में चेतन चौधरी और सिया गोयल ने खुद हत्या करने का फैसला किया. पुलिस ने चेतन के करीबी दोस्त रितेश हांगे को तीसरे आरोपी के तौर पर गिरफ्तार किया है. रितेश को 12 सितंबर तक पुलिस हिरासत में भेजा गया है.

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केतन अग्रवाल (L) सिया गोयल (M) और चेतन चौधरी (R). (Photo: ITG) केतन अग्रवाल (L) सिया गोयल (M) और चेतन चौधरी (R). (Photo: ITG)

ओमकार

  • महाराष्ट्र ,
  • 07 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 5:54 PM IST

पुणे के कारोबारी केतन अग्रवाल की हत्या की जांच में अब साजिश की एक और कड़ी सामने आई है. पुलिस के मुताबिक, केतन को रास्ते से हटाने के लिए शुरुआत में कॉन्ट्रैक्ट किलिंग की योजना पर चर्चा हुई थी. इसके लिए किसी बाहरी शख्स को सुपारी देने की बात भी सामने आई. हालांकि बाद में मुख्य आरोपी चेतन चौधरी और सिया गोयल ने कथित तौर पर अपना प्लान बदल दिया और हत्या को खुद अंजाम देने का फैसला किया. इस मामले में पुलिस ने चेतन चौधरी के करीबी दोस्त रितेश हांगे को गिरफ्तार किया है. वह इस केस का तीसरा आरोपी है. रितेश मूल रूप से बीड का रहने वाला है. गिरफ्तारी के बाद उसे कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे 12 सितंबर तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया.

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पुणे के पुलिस अधीक्षक संदीप सिंह गिल ने बताया कि चेतन और सिया ने शुरुआत में किसी बाहरी व्यक्ति को बुलाकर केतन की हत्या कराने को लेकर चर्चा की थी. पुलिस के मुताबिक, रितेश को भी इन चर्चाओं की जानकारी थी और वह कथित तौर पर इस साजिश का हिस्सा था. SP गिल के अनुसार, चेतन शुरू से ही रितेश को हत्या की योजना के बारे में जानकारी देता रहा था. हालांकि बाद में चेतन और सिया ने किसी दूसरे व्यक्ति से हत्या कराने के बजाय खुद ही योजना को अंजाम देने का फैसला किया.

पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान रितेश के खिलाफ बयान और तकनीकी सबूत सामने आए. इन्हीं सबूतों के आधार पर उसकी गिरफ्तारी की गई. जांच में पुलिस को यह भी पता चला है कि केतन की हत्या के बाद चेतन कथित तौर पर रितेश से मिला था. पुलिस के मुताबिक, इस मुलाकात के दौरान चेतन ने रितेश को पूरी घटना के बारे में बताया. अब जांच का एक अहम हिस्सा यह पता लगाना है कि हत्या के वक्त रितेश लोहगढ़ में मौजूद था या नहीं. पुलिस यह भी जांच रही है कि क्या रितेश हत्या से पहले कभी लोहगढ़ किले पर गया था. हत्या के समय लोहगढ़ में मौजूद रहे कई लोगों के बयान भी पुलिस ने दर्ज किए हैं. इन लोगों से घटना के आसपास की गतिविधियों और वहां मौजूद लोगों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है.

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केतन को गंभीर चोट पहुंचाने की भी हुई थी चर्चा

जांच में एक और चौंकाने वाली बात सामने आई है. पुलिस के मुताबिक, तीनों के बीच ऐसी योजना पर भी चर्चा हुई थी, जिसमें केतन के साथ कोई गंभीर हादसा कराया जाए या उसके शरीर के किसी हिस्से को नुकसान पहुंचाया जाए. पुलिस का कहना है कि आरोपियों को लगता था कि अगर केतन को गंभीर चोट लग जाए या उसके शरीर का कोई अंग काम करना बंद कर दे, तो सिया के साथ उसकी प्रस्तावित शादी रुक सकती है.

यानी जांच में सामने आया कि केतन को हटाने की साजिश सिर्फ हत्या तक सीमित नहीं थी. पहले उसे गंभीर रूप से घायल करने या उसके शरीर के किसी हिस्से को नुकसान पहुंचाने जैसे विकल्पों पर भी कथित तौर पर चर्चा हुई थी. SP संदीप सिंह गिल ने बताया कि जांच के दौरान पुलिस ने रितेश को पूछताछ के लिए बुलाया था. उस समय उसने पुलिस के साथ सहयोग किया था. रितेश, चेतन का करीबी दोस्त था और सिया को भी जानता था.

जांच आगे बढ़ने के बाद चेतन की भूमिका की पड़ताल के दौरान रितेश का नाम सामने आया. पुलिस के मुताबिक, आगे की जांच में ऐसे सबूत मिले, जिनसे संकेत मिला कि रितेश भी इस साजिश का हिस्सा था. इसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया. केतन अग्रवाल हत्याकांड की जांच में पुलिस डिजिटल सबूतों पर भी काम कर रही है. पुलिस के मुताबिक, डिलीट की गई WhatsApp चैट बरामद की गई हैं.

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इन चैट और दूसरे डिजिटल सबूतों की फॉरेंसिक जांच की जा रही है. जांच एजेंसियां यह समझने की कोशिश कर रही हैं कि आरोपियों के बीच हत्या से पहले और बाद में किस तरह की बातचीत हुई थी और उससे साजिश के बारे में क्या जानकारी मिल सकती है.

पुलिस पहले भी रितेश से पूछताछ कर चुकी है

फिलहाल पुलिस को इस साजिश में किसी और व्यक्ति की भूमिका नहीं मिली है. हालांकि जांच अभी जारी है. पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हत्या के वक्त लोहगढ़ में कोई और व्यक्ति मौजूद था या नहीं. इसके साथ ही रितेश हांगे के लोहगढ़ जाने से जुड़ी जानकारी भी जुटाई जा रही है. पुलिस यह भी जांच रही है कि क्या वह घटना से पहले लोहगढ़ किले पर गया था.

इस तरह केतन अग्रवाल हत्याकांड की जांच अब साजिश की अलग-अलग कड़ियों को जोड़ने पर केंद्रित है. पुलिस के मुताबिक, शुरुआत में कॉन्ट्रैक्ट किलिंग की चर्चा से लेकर बाद में खुद हत्या करने के फैसले तक की पूरी कड़ी की जांच की जा रही है. रितेश हांगे की गिरफ्तारी के बाद पुलिस को इस साजिश से जुड़े और सुराग मिलने की उम्मीद है.
 

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