जिन नंबरों से ठग कॉल करते हैं, वे लाते कहां से हैं? आरोपियों पर एक्शन के बाद साइबर टीम ने बताई पूरी कहानी

मुंबई में साइबर पुलिस ने आठ लोगों को गिरफ्तार किया है, जो बिना फर्जी तरीके से मोबाइल नंबर पोर्ट करके साइबर ठगों को दे रहे थे. इन नंबरों का इस्तेमाल वॉट्सएप ग्रुप बनाने और लोगों को झांसे में फंसाने के लिए किया जाता था. पुलिस ने मामले की जांच के बाद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है.

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फर्जी तरीके से पोर्ट किए जाते थे सिम. (AI Generated image) फर्जी तरीके से पोर्ट किए जाते थे सिम. (AI Generated image)

aajtak.in

  • मुंबई,
  • 15 नवंबर 2024,
  • अपडेटेड 9:07 AM IST

मुंबई में साइबर क्राइम की बड़ी साजिश का खुलासा हुआ है, जिसमें आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया है. इन पर आरोप है कि उन्होंने बिना KYC दस्तावेज़ों के मोबाइल नंबर पोर्ट किए और साइबर ठगों को उपलब्ध कराए. इन पोर्ट किए गए नंबरों का इस्तेमाल वॉट्सएप ग्रुप बनाने और लोगों को फर्जी तरीके से इन्वेस्टमेंट कर फंसाने के लिए किया गया. पुलिस की जांच में यह भी सामने आया कि इस गिरोह ने करीब 3,000 नंबरों की अवैध पोर्टिंग की और लाखों रुपये की ठगी की.

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एजेंसी के अनुसार, पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों में दो प्रमुख मोबाइल सेवा प्रदाता कंपनी के कर्मचारी और दुकान मालिक शामिल हैं. यह गिरोह कम से कम 3,000 नंबरों की अवैध पोर्टिंग कर चुका है और ठगों ने इन नंबरों के माध्यम से लोगों को फर्जी तरीके से इन्वेस्टमेंट और बिजनेस के झांसे में फंसाया. इस धोखाधड़ी में कई करोड़ रुपये की ठगी हुई है.

यह भी पढ़ें: 20 से 25 हजार में बना देते थे फर्जी मैरिज सर्टिफिकेट... साइबर कैफे से पूरा खेल कर रहा था गैंग

पुलिस का कहना है कि इस मामले को लेकर एक व्यक्ति ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उसके साथ 14 मई से 28 जून 2023 के बीच 51.33 लाख रुपये की धोखाधड़ी की गई. जब पुलिस ने जांच पड़ताल की तो सामने आया कि पीड़ित व्यक्ति को एक वॉट्सएप ग्रुप में जोड़ा गया था. इसके लिए एक सिम कार्ड का उपयोग किया गया था, जिसे अवैध रूप से UPC कोड के माध्यम से पोर्ट किया गया था.

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साइबर पुलिस ने इस मामले में जांच करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार किया और इस गिरोह के बड़े पैमाने पर फैले धोखाधड़ी के नेटवर्क का पर्दाफाश किया है. डिजिटल धोखाधड़ी के मामलों में बिना KYC के सिम कार्ड पोर्टिंग की प्रक्रिया का दुरुपयोग किया जा रहा है.

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