प्रेमी संग बेटी ने मिल्कशेक में जहर मिलाकर किया हेड कॉन्स्टेबल पिता का कत्ल, 3 साल बाद खुला राज

चंद्रपुर में बेटी ने प्रेमी संग मिलकर हेड कॉन्स्टेबल पिता को मिल्कशेक में जहर देकर मार डाला. तीन साल बाद प्रेमी के खुलासे पर मामला सामने आया है. पुलिस ने हत्या, साजिश और सबूत मिटाने की धाराओं में केस दर्ज कर चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है. कोर्ट ने सभी को एक दिन की पुलिस हिरासत में भेजकर जांच कर रही है.

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पिता की मौत के बाद अनुकंपा पर बेटी ने नौकरी की.(Photo: Vikas Rajurkar/ITG) पिता की मौत के बाद अनुकंपा पर बेटी ने नौकरी की.(Photo: Vikas Rajurkar/ITG)

विकास राजूरकर

  • चंद्रपुर,
  • 28 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 6:51 PM IST

महाराष्ट्र के चंद्रपुर से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां एक बेटी ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर अपने ही पिता की जहर देकर हत्या कर दी. यह खौफनाक साजिश करीब तीन साल तक दबी रही और आखिरकार प्रेमी के खुलासे के बाद पुलिस ने पूरे मामले की पुष्टि की है. पुलिस के बयान के बाद यह मामला फिर से सुर्खियों में आ गया है.

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पुलिस के अनुसार, भद्रावती निवासी 30 वर्षीय पुलिस कर्मचारी आशिष महेश शेडमाके ने 23 मार्च को रामनगर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई. उसने अपनी प्रेमिका और महिला पुलिस कर्मचारी आर्या जयंत बल्लावार पर अपने पिता, हेड कॉन्स्टेबल जयंत बल्लावार की जहर देकर हत्या करने का आरोप लगाया.

पुलिस जांच में सामने आया कि आशिष और आर्या के बीच लंबे समय से प्रेम संबंध थे. इस रिश्ते की जानकारी मिलते ही आर्या के पिता इसका विरोध करने लगे थे और दोनों के बीच अक्सर विवाद व मारपीट होती थी. इसी तनाव ने एक खौफनाक साजिश को जन्म दिया.

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जहर की व्यवस्था और हत्या की योजना

पुलिस के मुताबिक, हत्या की योजना बनाते हुए आशिष ने जहर की व्यवस्था के लिए अपने रिश्तेदार के नाबालिग बेटे की मदद ली. इसके बाद 22 वर्षीय चैतन्य उर्फ मोंटी सचिन गेडाम से संपर्क किया गया. 24 अप्रैल 2023 को चैतन्य ने कांच की बोतल में जहर उपलब्ध कराया, जिसके बदले उसे 5000 रुपये दिए गए.

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आरोपी बेटी.

अगले दिन यानी 25 अप्रैल 2023 को आर्या ने अपने पिता को मिल्कशेक में जहर मिलाकर पिला दिया. जहर पीने के बाद जयंत बल्लावार ड्यूटी पर पहुंचे, लेकिन अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई. उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया.

उस समय पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कोई संदिग्ध बात सामने नहीं आई, इसलिए मामला दब गया और पुलिस ने इसे आकस्मिक मृत्यु मानते हुए दर्ज कर लिया था.

हत्या के बाद शादी और रिश्तों में दरार

पिता की मौत के बाद दोनों ने शादी कर ली. जांच में सामने आया कि 2022 से दोनों के बीच प्रेम संबंध थे और 2023 में हत्या की गई. अगले एक-दो साल तक दोनों साथ रहे, लेकिन बाद में उनके बीच विवाद बढ़ने लगे.

बताया गया कि आर्या पुलिस में होने के कारण आशिष को सम्मान नहीं देती थी और आशिष को पुलिस से बर्खास्त कर दिया गया था. इसके बाद आर्या मायके रहने चली गई. इसी विवाद और गुस्से में आकर आशिष ने पूरे मामले का खुलासा पुलिस के सामने कर दिया.

पुलिस ने यह भी बताया कि आशिष 2024 में पुलिस विभाग में शामिल हुआ था, लेकिन अनुशासनहीनता के कारण उसे बर्खास्त कर दिया गया. वहीं आर्या 2025 में चंद्रपुर पुलिस में भर्ती हुई और ट्रेनिंग पूरी कर कांस्टेबल बनी. दोनों अपने-अपने पिता की मौत के बाद अनुकंपा पर नौकरी में आए थे.

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केस दर्ज, सभी आरोपी गिरफ्तार

रामनगर पुलिस ने इस मामले में आशिष महेश शेडमाके, आर्या जयंत बल्लावार, चैतन्य उर्फ मोंटी सचिन गेडाम और एक नाबालिग के खिलाफ आईपीसी की धारा 120(B), 302, 201 और 34 के तहत मामला दर्ज किया है. सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है.

न्यायालय ने चारों आरोपियों को एक दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है. इस पूरे मामले के सामने आने के बाद पुलिस विभाग की भी काफी किरकिरी हो रही है. यह मामला चंद्रपुर जिले में पारिवारिक रिश्तों, प्रेम संबंध और अपराध की भयावह कहानी बनकर सामने आया है.

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