भिवंडी इमारत हादसा: गलत कैटेगरी और अवैध मरम्मत... 10 मौतों के बाद खुली लापरवाही की परतें

महाराष्ट्र के भिवंडी में कोहिनूर बिल्डिंग का एक हिस्सा ढहने से 10 लोगों की मौत हो गई थी. हादसे की असल वजह स्थानीय नगर निगम के इमारत का गलत वर्गीकरण और प्रशासनिक लापरवाही पाई गई है. वार्ड अधिकारी ने इमारत को कम खतरनाक श्रेणी में रखा, जिससे निवासियों को समय पर बाहर नहीं निकाला जा सका.

Advertisement
इमारत हादसे में 10 लोगों की मौत हो गई थी. (Photo- PTI) इमारत हादसे में 10 लोगों की मौत हो गई थी. (Photo- PTI)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 10 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 10:28 AM IST

महाराष्ट्र के भिवंडी में 30 जुलाई की रात 'कोहिनूर बिल्डिंग' का एक हिस्सा ढहने से 10 लोगों की मौत हो गई. इस हादसे में 3 लोग घायल भी हो गए थे. अब इस हादसे को लेकर नगर निगम के बड़े प्रशासनिक खेल और घोर लापरवाही का खुलासा हुआ है.

भिवंडी निजामपुर शहर नगर निगम (BNCMC) के शीर्ष सूत्रों के मुताबिक, इमारत का गलत वर्गीकरण इस हादसे की असल वजह बना. स्थानीय वार्ड अधिकारी ने इमारत को गलत कैटेगिरी में बांटा था. 

Advertisement

12 मई 2026 को जारी एक लिस्ट में 48 कमरों वाली इस इमारत को 'C2B' श्रेणी में रखा गया. इस कैटेगिरी का मतलब होता है कि इमारत को खाली कराए बिना ही मरम्मत का काम कराया जा सकता है.

जबकि सबसे खतरनाक इमारतों को 'C-1' (तुरंत खाली कराने योग्य) और 'C2A' (आंशिक रूप से खाली कराकर मरम्मत) कैटिगिरी में रखा जाता है. गलत वर्गीकरण की वजह से निवासियों को तुरंत इमारत से बाहर नहीं निकाला गया और 10 लोगों की जान चली गई.

आला अधिकारियों को दी गई गलत जानकारी

ये सब छुपाने के लिए स्थानीय कर्मचारियों ने वरिष्ठ अधिकारियों को भी गुमराह किया. 5 अगस्त को ठाणे कलेक्टर और BNCMC आयुक्त का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे श्रीकृष्ण पांचाल के साथ समीक्षा बैठक हुई. इस दौरान वार्ड कर्मचारियों ने झूठ बोला कि इमारत 'C2A' श्रेणी में दर्ज थी. इस तरह इमारत की असल जर्जर स्थिति को छुपाया गया.

Advertisement

बिना अनुमति शुरू हुई मरम्मत

गलत श्रेणी का फायदा उठाकर मकान मालिकों और ठेकेदार ने नगर निगम की अनुमति के बिना ही मरम्मत का काम शुरू कर दिया. हालांकि, BNCMC का दावा है कि उसने 2020 और 2022 में नोटिस जारी किए थे तथा 5 जून 2026 को बिजली-पानी काटकर इमारत खाली कराई थी, लेकिन बाद में अवैध रूप से मरम्मत शुरू कर दी.

पुलिस ने इस मामले में इमारत के मालिक और ठेकेदार के खिलाफ बीएनएस (BNS) के तहत प्राथमिकी (FIR) दर्ज की है. वहीं इस घटना के बाद BNCMC कमिश्नर छुट्टी पर चले गए हैं. कलेक्टर श्रीकृष्ण पांचाल ने भिवंडी की सभी जर्जर इमारतों के दोबारा ऑडिट और नए सिरे से वर्गीकरण के आदेश दिए हैं. 

यह भी पढ़ें: महाराष्ट्र के भिवंडी में 4 मंजिला इमारत ढही, 10 की मौत

इसके साथ ही, गलत रिपोर्ट देने वाले और लापरवाही बरतने वाले निकाय अधिकारियों पर आपराधिक और प्रशासनिक जवाबदेही तय करने के निर्देश जारी किए गए हैं.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »