कुछ शब्द ऐसे होते हैं, जिन्हें पढ़कर दिल भारी हो जाता है. NEET की तैयारी कर रही छात्रा अंकिता का एक लेटर (सुसाइड नोट) भी कुछ ऐसा ही है. माता-पिता के नाम लिखे आखिरी संदेश में उसने खुद को उनकी उम्मीदों पर खरा नहीं उतर पाने की बात लिखी और परिवार से माफी मांगी. अंकिता ने अपने नोट में साफ लिखा कि उसकी मौत के लिए परिवार का कोई सदस्य जिम्मेदार नहीं है. उसने माता-पिता, भाई और दादा को धन्यवाद देते हुए उनके प्यार और साथ का जिक्र किया.
छात्रा की मौत के बाद परिवार सदमे में है. वहीं पिता का दावा है कि बेटी पिछले कुछ समय से NEET परीक्षा से जुड़े घटनाक्रम के बाद तनाव में रहने लगी थी. परिजनों के मुताबिक, घटना दोपहर की है. अंकिता ने घर की छत पर लगे पंखे से फांसी लगाकर जान दे दी. जब परिवार के लोगों को इसकी जानकारी हुई तो घर में कोहराम मच गया. सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू की. पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है.
अंकिता के पिता ने बताया कि उनकी बेटी लंबे समय से NEET की तैयारी कर रही थी. उसने पढ़ाई के लिए काफी मेहनत की थी और परिवार को उम्मीद थी कि इस बार उसका चयन हो जाएगा. पिता के मुताबिक, पहली परीक्षा में अंकिता का पेपर अच्छा गया था. बाद में हुई परीक्षा में उसे 166 अंक मिले, जबकि कटऑफ 177 अंक तक पहुंच गया. उनका दावा है कि परीक्षा से जुड़े विवाद और घटनाक्रम के बाद बेटी काफी तनाव में रहने लगी थी. वह पहले जैसी नहीं रही और धीरे-धीरे डिप्रेशन जैसी स्थिति में चली गई. परिवार ने उसे सामान्य करने की कोशिश की, लेकिन वह खुद को संभाल नहीं सकी.
लेटर में परिवार के लिए लिखा भावुक संदेश
अंकिता ने अपने सुसाइड नोट में लिखा कि माँ-पापा, आपने मुझे बहुत प्यार दिया, लेकिन मैं आपकी एक भी इच्छा पूरी नहीं कर सकी. इसलिए मुझे माफ कर दीजिए. उसने अपने भाई का जिक्र करते हुए लिखा कि भाई, तुमने हर मुश्किल में एक दोस्त बनकर मेरा साथ दिया. अपने दादा के लिए उसने लिखा कि दादा, आपने मुझे मम्मी-पापा से भी ज्यादा प्यार दिया. मेरी आत्महत्या के लिए आप में से कोई भी जिम्मेदार नहीं है. आपने मुझे जो प्यार और खुशियां दीं, उन्हें मैं कभी नहीं भूल सकती.
मम्मी-पापा का ध्यान रखना
लेटश्र में अंकिता ने अपने दादा से माता-पिता का ख्याल रखने की अपील भी की. उसने लिखा कि दादा, मम्मी-पापा का अच्छे से ख्याल रखना. उन्हें किसी भी चीज की कमी महसूस मत होने देना. अगर मुझसे कोई गलती हुई हो तो मुझे माफ कर देना. नोट में उसने यह भी लिखा कि वह परिवार को कोई खुशी नहीं दे सकी, जिसका उसे दुख है.
NEET के लिए किया था संघर्ष
अंकिता ने अपने आखिरी संदेश में लिखा कि उसने NEET की तैयारी के लिए बहुत कुछ त्याग किया था. उसने लिखा कि मैं पहले से ही NEET की पढ़ाई कर रही थी और उसके लिए मैंने बहुत कुछ त्याग किया, लेकिन फिर भी मैं आपकी इच्छा पूरी नहीं कर सकी. आखिर में उसने परिवार से कहा कि उसके जाने के बाद खुद को तकलीफ न दें और खुश रहें.
पुलिस कर रही है जांच
फिलहाल पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है. सुसाइड नोट की भी जांच की जा रही है और परिजनों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं. जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि छात्रा ने किन परिस्थितियों में यह कदम उठाया. फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की पड़ताल कर रही है.
ओमकार