ग्राउंड रिपोर्ट: मध्य प्रदेश में गणेश पंडालों पर रोक से संकट में मूर्तिकार

मध्य प्रदेश में लगातार बढ़ते कोरोना संक्रमण के कारण शिवराज सरकार ने फैसला लिया है कि आगामी गणेश उत्सव के दौरान गणेश पंडालों को अनुमति नहीं दी जाएगी और ना ही ऊंची मूर्ति स्थापित करने की इजाजत होगी.

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मूर्तिकार मूर्तिकार

रवीश पाल सिंह

  • भोपाल,
  • 16 अगस्त 2020,
  • अपडेटेड 10:35 PM IST

  • 22 अगस्त से गणेश चतुर्थी का त्योहार
  • मध्य प्रदेश में बढ़ रहे कोरोना मरीज

देश में 22 अगस्त से गणेश चतुर्थी का बड़ा त्योहार मनाया जाएगा. भगवान गणेश को विघ्नहर्ता भी कहा जाता है लेकिन इस बार कोरोना ने विघ्नहर्ता के सार्वजनिक कार्यक्रमों में ही विघ्न डाल दिया है. मध्य प्रदेश में लगातार बढ़ते कोरोना संक्रमण के कारण शिवराज सरकार ने फैसला लिया है कि आगामी गणेश उत्सव के दौरान गणेश पंडालों को अनुमति नहीं दी जाएगी और ना ही ऊंची मूर्ति स्थापित करने की इजाजत होगी.

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एक तरफ इससे भक्तों में निराशा है तो दूसरी तरफ गणेश मूर्तियां बनाने वालों के सामने इस फैसले के कारण बड़ा संकट खड़ा हो गया है. 'आजतक' ने भोपाल में ऐसे ही मूर्तिकारों की वर्कशॉप पर जाकर मूर्तिकारों से बात की और जाना कि सरकार का ये फैसला उनके लिए कितना बड़ा झटका है.

'आजतक' की टीम भोपाल के करोंद इलाके में पहुंची. यहां कई मूर्तिकार हैं, जो साल भर सिर्फ गणेश चतुर्थी और नवरात्रि का इंतजार करते हैं, लेकिन आजकल इनके चेहरे पर मायूसी है. 'आजतक' ने सबसे पहले मूर्तिकार राकेश प्रजापति की वर्कशॉप का रुख किया. राकेश प्रजापति करीब 30 साल से मूर्तियां बना रहे हैं.

22 अगस्त से गणेश चतुर्थी का त्योहार शुरू होना है और राकेश की मानें तो उन्होंने करीब 3 महीने पहले से ही मूर्तियां बनाना शुरू कर दिया था. अब यहां मूर्तियां तो बन रही हैं लेकिन राकेश को इस बात का डर सता रहा कि इन्हें खरीदेगा कौन?

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'आजतक' से बात करते हुए राकेश ने बताया, 'मेरी वर्कशॉप में करीब 10 कारीगर मध्य प्रदेश और बंगाल से हैं जो लगातार मूर्तियां बनाने में जुटे हैं. पहले हम बड़ी गणेश प्रतिमाएं भी बना रहे थे लेकिन गृहमंत्री के बयान के बाद अब सारा ध्यान छोटी मूर्तियों पर है. हमारी कमाई के दो सीजन गणेश चतुर्थी और नवरात्र ही होते हैं और इसमें भी सबसे ज्यादा डिमांड बड़ी मूर्तियों की होती है. ऐसे में छोटी मूर्तियां बनाने में न तो लागत निकलेगी और न ही कारीगरों की तनख्वाह.'

मूर्तिकार

राकेश अकेले नहीं जिनके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है. टीटी नगर में करीब 20 साल से मूर्तियां बना रहे भरत भी सरकारी फरमान से परेशान हैं. आजतक से बात करते हुए भरत ने बताया कि वो और उनकी पत्नी करीब 20 साल से मूर्तियां बना रहे हैं और इससे होने वाली आमदनी से ही अब तक बच्चों की पढ़ाई और घर का खर्च चल रहा है. लेकिन इस साल पहले कोरोना ने असर डाला क्योंकि इसके चलते वर्कशॉप करीब 3 महीने बंद रही और जब काम शुरू करने का समय आया तो सरकार का बड़ी मूर्तियों पर प्रतिबंध का फरमान आ गया.

भरत ने कहा कि अब हम छोटी मूर्तियां तो बना रहे हैं लेकिन समस्या ये है कि ग्राहक नहीं आ रहे जबकि इस समय तक हमारी मूर्तियां बुक हो जाती थीं. ऊपर से अब ये भी नहीं पता कि नवरात्रि के लिए माताजी की मूर्तियां भी बना पाएंगे या नहीं. ऐसे में अब ये समझ नहीं आ रहा कि जो सामान उधार में लाए थे उसका पैसा चुकाने लायक रुपये भी इस साल जमा कर पाएंगे या नहीं?

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नरोत्तम मिश्रा

गणेश पंडालों पर प्रतिबंध

दरअसल, 2 महीने के लॉकडाउन और एक महीने की अनलॉक प्रक्रिया के बाद भी मध्य प्रदेश में कोरोना काबू होता नहीं दिख रहा है. यही वजह है कि अभी भी पूरे मध्य प्रदेश में रविवार का लॉकडाउन रहता है. गणेश चतुर्थी में सार्वजनिक रूप से पंडाल लगते हैं. जिनमें खासी भीड़ आती है इसलिए मध्य प्रदेश सरकार ने बड़ा फैसला करते हुए गणेश पंडालों को अनुमति नहीं देने का फैसला किया है.

गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने 'आजतक' से बात करते हुए कहा कि हमारे सामने लोगों की जान बचाना और उन्हें सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी है इसलिए ये फैसला किया. हम लोगों को त्योहार मनाने से नहीं रोक रहे हैं बल्कि वो चाहे तो घर पर गणेश भगवान की मूर्तियों की स्थापना करें और पूजन करें, बस सार्वजनिक जगहों पर गणेश प्रतिमाएं ना बैठाएं. यही जनता से अपील है'.

साध्वी प्रज्ञा

'हिन्दू संगठनों को प्रतिबंध से आपत्ति'

गणेश चतुर्थी के पंडालों और बड़ी प्रतिमाओं पर प्रतिबंध का हिंदू संगठन संस्कृति बचाओ मंच ने विरोध किया है. हिंदू संगठनों को इस बात से आपत्ति है कि जब पूरा बाजार खुला है और सभी मंदिर भी खुल चुके हैं तो ऐसे में सिर्फ पंडालों पर रोक क्यों लगाई जा रही है. सरकार को चाहिए कि वो गणेश पंडालों के लिए भी नियम बनाए.

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हिन्दू संगठनों और पंडाल समितियों ने बाकायदा भोपाल सांसद साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर को ज्ञापन देकर मांग की है कि सरकार अपना फैसला वापस ले और सोशल डिस्टेंसिंग के साथ पंडाल बनाने की अनुमति दे, जिससे हिंदू धर्म के इस प्रमुख त्योहार को लोग श्रद्धा और सुरक्षा के साथ मना सकें. साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने भी पंडाल समितियों को भरोसा दिलाया है कि वो उनकी मांग पर गृहमंत्री से बात करेंगी.

'मूर्तिकारों को आर्थिक मदद दे सरकार'

कांग्रेस ने भी गणेश पंडालों को अनुमति नहीं देने के फैसले का विरोध किया है. वहीं बड़ी मूर्तियों के ना बनने और बेचने की सूरत में मूर्तिकारों के लिए आर्थिक मदद देने की मांग सरकार से की है. पूर्व धर्मस्व मंत्री पीसी शर्मा ने कहा है कि सरकार कोरोना को रोकने में पूरी तरह से नाकाम रही है और इसलिए अलग-अलग तरीके से खुद की नाकामियों का ठीकरा दूसरों पर फोड़ रही है. कांग्रेस मांग करती है कि मूर्ति बनाने वालों को आर्थिक मदद दी जाए. जिससे उनके नुकसान की भरपाई हो सके.

मध्य प्रदेश में कोरोना केस

मध्य प्रदेश में कोरोना के कुल 44,433 मामले हो गए हैं और 1094 लोगों की इससे मौत हो गई है. फिलहाल मध्य प्रदेश में एक्टिव कोरोना मामलों की संख्या 9986 है, जो सरकार के सामने चिंता की बड़ी वजह है क्योंकि राज्य में एक्टिव केस की संख्या लगातार बढ़ती ही जा रही है.

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