झारखंड में जेपीएससी परीक्षा में कथित गड़बड़ी को लेकर जांच जारी है. इस मामले में आठ लोगों के नाम सामने आए हैं. इनमें TDPL एजेंसी के मार्केटिंग मैनेजर अभय तिवारी, JPSC के पूर्व अध्यक्ष एल. खियांगते, JPSC की उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता गुप्ता, TDPL निदेशक सत्यपाल सिंह, TDPL एजेंसी के निदेशक रामबीर सिंह, JPSC कर्मचारी सोनू कुमार, JPSC कर्मचारी मनोज तिर्की और TDPL कर्मचारी अवध शामिल हैं. चलिए आपको इनके बारे में बताते हैं.
अभय तिवारी
TDPL कंपनी के मार्केटिंग मैनेजर अभय तिवारी ने JPSC अध्यक्ष को करोड़ एडवांस में दिए थे, साथ ही पूरी कमाई का 20% कमीशन देने की बात आई है. अभय तिवारी TDPL एजेंसी के मार्केटिंग मैनेजर ने JSSC सचिव सुधीर गुप्ता को JSSC CGL पेपर के लिए 1 करोड़ 80 लाख लिए थे और पूरी कमाई का 25% में डील हुई थी.
झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की परीक्षा की जांच चल रही है. पैसे लेकर सरकारी नौकरी में सेटिंग करने वाला कथित मास्टरमाइंड अभय तिवारी खुद सरकारी नौकरी की 12 परीक्षाएं पास कर चुका है. अभय तिवारी को इस पूरे मामले में मास्टरमाइंड माना जा रहा है. वह पहले TDPL कंपनी में मार्केटिंग मैनेजर रह चुका है. वर्तमान में गोड्डा जिले के पोड़ैयाहाट में प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी के पद पर कार्यरत है.
अभय तिवारी राज्य स्तरीय सहित केंद्रीय प्रतियोगिता परीक्षाओं में भी पास कर चुका है. वह JSSC द्वारा आयोजित PGT अंग्रेजी के टॉपर रहे. इसके अलावा साल 2018 की पुलिस अवर निरीक्षक (दारोगा) की लिखित परीक्षा, नेवी में SAR पद के लिए वर्ष 2013 की लिखित परीक्षा, भाभा एटॉमिक रिसर्च सेंटर (BARC) में सहायक पद हेतु वर्ष 2014 की लिखित परीक्षा, IRB कॉन्स्टेबल की लिखित परीक्षा, वर्ष 2018 की CRPF हेड कॉन्स्टेबल (लिखित एवं टाइपिंग) परीक्षा, वर्ष 2014 में नॉर्दर्न कोल फील्ड्स लिमिटेड (NCL) की PT परीक्षा, JSSC की PGT टीचर परीक्षा, CGL परीक्षा, JPSC की सहायक वन रक्षक (ACF) और JPSC वन क्षेत्र पदाधिकारी (FRO) परीक्षा शामिल हैं.
आरोप है कि वह पैसे लेकर सरकारी नौकरी दिलाने की सेटिंग करता आ रहा है. वह खुद भी 12 परीक्षाएं पास कर चुका है. वह खुद तो अधिकारी बना ही, परिवार के लोगों को भी अफसर बना दिया. उसका भाई और पत्नी भी झारखंड में सरकारी नौकरी कर रहे हैं. अपने परिवार और रिश्तेदार को सिंडिकेट में हावी रखने की बात भी सामने आई है. उनकी पत्नी स्वीटी पांडे ASO बनी हुई हैं और उनके दोनों साले सौरव और गौरव तिवारी दोनों फरार हैं.
एल. खियांगते
झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) के पूर्व चेयरमैन एल. खियांगते को राज्य की CID ने आयोग की 14वीं सिविल सेवा परीक्षा में कथित अनियमितताओं के सिलसिले में गिरफ्तार किया है. जांचकर्ता इस बात की जांच कर रहे हैं कि परीक्षा आयोजित करने के लिए TDPL जैसी ब्लैकलिस्टेड कंपनी को क्यों चुना गया.
खियांगते, जो पहले झारखंड के मुख्य सचिव रह चुके हैं, ने 22 जुलाई 2026 को JPSC चेयरमैन के पद से इस्तीफा दे दिया था. उन्होंने कहा था कि उनके इस्तीफे से निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी.
श्वेता गुप्ता
श्वेता गुप्ता JPSC में उप परीक्षा नियंत्रक थीं. परीक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण कार्य श्वेता गुप्ता की ही देखरेख में होते थे. लेकिन 22 मई को श्वेता गुप्ता का तबादला खाद आपूर्ति विभाग में हो गया. इसके बाद भी उन्हें JPSC से रिलीव नहीं किया गया. परीक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण कार्य उन्हीं की देखरेख में होते थे. यानी तबादला होने के बावजूद भी वह JPSC परीक्षा व्यवस्था से जुड़े संवेदनशील और महत्वपूर्ण कार्य संभालती रहीं.
श्वेता गुप्ता ने एजेंसी के चयन से लेकर परीक्षा संचालन तक की प्रक्रिया को लेकर महत्वपूर्ण कार्य किए. सीआईडी की पूछताछ में उन्होंने बताया था कि JPSC में TDPL को बिना किसी निविदा के केवल नॉमिनेशन के आधार पर परीक्षा से जुड़ा काम सौंप दिया गया था.
सत्यपाल सिंह
सत्यपाल सिंह TDPL में रामवीर सिंह के साथ निदेशक के रूप में कार्यरत थे. यह नोएडा स्थित एक फर्म है, जिसे झारखंड में सार्वजनिक क्षेत्र की भर्ती परीक्षाओं के प्रबंधन का ठेका दिया गया था. सत्यपाल सिंह रांची में झारखंड लोक सेवा भर्ती परीक्षा में हुई कथित गड़बड़ी और अनियमितता के मामले में चर्चा में थे.
वह परीक्षा का काम देखने वाली निजी एजेंसी TDPL में रामवीर सिंह के साथ निदेशक थे. परीक्षाओं में कथित धांधली और पैसों के लेनदेन के आरोप में CID ने उनके खिलाफ मामला दर्ज कर गिरफ्तार किया था.
रामबीर सिंह
TDPL कंपनी के निदेशक रामबीर सिंह झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और भर्ती परीक्षा घोटाले तथा अनियमितताओं के मामले में CID द्वारा गिरफ्तार किए गए मुख्य आरोपियों में शामिल हैं. उन पर परीक्षाओं में गड़बड़ी और ठेका दिलाने के नाम पर घूसखोरी व ठगी के गंभीर आरोप हैं.
सोनू कुमार
सोनू कुमार JPSC कर्मचारी हैं.
मनोज तिर्की
मनोज तिर्की JPSC कर्मचारी हैं.
अवध
TDPL कर्मचारी हैं. JPSC को लेकर सामने आए नामों में अवध का भी नाम शामिल है.
सत्यजीत कुमार