झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के आवास के पास धरने पर बैठे बीजेपी विधायकों को लेकर गंभीर आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि यह सिर्फ प्रदर्शन नहीं था, बल्कि मुख्यमंत्री को मारने की कोशिश थी.
इरफान अंसारी ने दावा किया कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन उस समय अपनी पत्नी और बच्चों के साथ घर के अंदर मौजूद थे. उन्होंने कहा कि अगर प्रदर्शनकारियों की ओर से ऐसी कोशिश की गई है, तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए. इसके अलावा उन्होंने कहा कि छात्रों पर पुलिस ने कोई लाठीचार्ज नहीं किया है.
इससे पहले डॉ. इरफान अंसारी 10 दिन से भूख हड़ताल पर बैठे छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो और अन्य घायल छात्रों से मिलने अस्पताल पहुंचे थे. दरअसल, 10 अगस्त को छात्रों ने अपनी मांगों को लेकर झारखंड विधानसभा का घेराव किया था. इस दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए लाठीचार्ज किया, जिसमें कई छात्र घायल हो गए. घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था.
देवेंद्र महतो अस्पताल में भर्ती
अनशन के चलते छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो की भी तबीयत बिगड़ गई थी. वह कई दिनों से अस्पताल में भर्ती थे और विधानसभा मार्च में शामिल होने के लिए एंबुलेंस से पहुंचे थे. उनके इलाज और स्वास्थ्य की लगातार निगरानी के लिए प्रशासन की ओर से विशेष मेडिकल बोर्ड भी बनाया गया था. डॉक्टरों के मुताबिक, उनकी स्थिति फिलहाल खतरे से बाहर थी.
इसी दौरान स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी देर रात बिना किसी पूर्व सूचना, सुरक्षा काफिले और प्रोटोकॉल के सीधे सदर अस्पताल पहुंचे. उन्होंने अस्पताल में भर्ती देवेंद्र नाथ महतो और अन्य घायल छात्रों से मुलाकात कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली.
मरीजों से मिलकर हालचाल जाना
छात्रों से मिलने के बाद इरफान अंसारी ने अस्पताल के अलग-अलग वार्डों का भी निरीक्षण किया. उन्होंने वहां भर्ती अन्य मरीजों से बातचीत कर उन्हें मिल रही स्वास्थ्य सुविधाओं का जायजा लिया. अस्पताल की व्यवस्थाओं को देखने के बाद उन्होंने डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों को मरीजों के प्रति संवेदनशील रहने का निर्देश दिया.
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