कभी सरकारी अफसर तो कभी कस्टमर केयर बनकर करते थे ठगी, झारखंड पुलिस ने 2 भाइयों समेत 4 को किया गिरफ्तार

देवघर में साइबर ठगी के मामले में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है. करौं थाना क्षेत्र के अंबा-टीला जंगल से चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. इनमें दो सगे भाई भी शामिल हैं. पुलिस ने आरोपियों के पास से 9 मोबाइल फोन और 11 फर्जी सिम कार्ड बरामद किए हैं.

Advertisement
देवघर में ऑनलाइन ठगी के आरोप में पुलिस ने 4 को गिरफ्तार किया है. (Photo:Representative) देवघर में ऑनलाइन ठगी के आरोप में पुलिस ने 4 को गिरफ्तार किया है. (Photo:Representative)

aajtak.in

  • रांची,
  • 14 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 5:53 PM IST

झारखंड के देवघर में पुलिस ने लोगों को झांसा दिलाने और ऑनलाइन ठगी करने वाले गिरोह को गिरफ्तार किया है. आरोपी सरकारी योजना का फायदा, कैशबैक और दूसरे लाभों का लालच देकर लोगों को ठगते थे. आरोप है कि ये लोग कभी सरकारी अधिकारी बनकर फोन करते थे तो कभी कस्टमर केयर कर्मचारी बनकर लोगों से संपर्क करते थे.

इसके बाद फर्जी लिंक भेजकर लोगों को ठगी के जाल में फंसाया जाता था.पुलिस ने शनिवार को करौं थाना क्षेत्र के अंबा-टीला जंगल इलाके से चारों को पकड़ा. आरोपियों के पास से 9 मोबाइल फोन और 11 फर्जी सिम कार्ड बरामद किए गए हैं. 

Advertisement

देवघर के एसपी प्रवीण पुष्कर ने बताया कि आरोपी आम लोगों को फोन कर खुद को सरकारी अधिकारी या कस्टमर केयर प्रतिनिधि बताते थे. इसके बाद उन्हें पीएम किसान योजना के तहत कैशबैक या दूसरे फायदे मिलने का लालच दिया जाता था.

लोगों को भरोसे में लेने के बाद ठगी का अगला कदम शुरू होता था. आरोपियों की तरफ से फर्जी लिंक भेजे जाते थे. इन्हीं लिंक के जरिए लोगों को ऑनलाइन ठगी का शिकार बनाने की कोशिश की जाती थी.

गिरफ्तार आरोपियों में दो सगे भाई भी शामिल हैं. इनकी पहचान 18 साल के कन्हैया कुमार दास और उसके 19 साल के बड़े भाई समीर कुमार दास के तौर पर हुई है में हुई है. इनके अलावा मोहम्मद सलीम अंसारी (26) और रूपलाल पोद्दार (29) को भी गिरफ्तार किया गया है.

Advertisement

यह भी पढ़ें: 72 बैंक खाते, फर्जी फर्में और 5600 करोड़ का ट्रांजैक्शन, कानपुर पुलिस ने खोला साइबर फ्रॉड का राज, दो आरोपी गिरफ्तार

पुलिस के मुताबिक चारों देवघर जिले के अलग-अलग इलाकों के रहने वाले हैं. पुलिस ने इनके पास से मिले मोबाइल फोन और फर्जी सिम कार्ड भी जब्त कर लिए हैं.

एक आरोपी का पहले भी रहा है रिकॉर्ड

पुलिस के मुताबिक रूपलाल पोद्दार का इस तरह के मामलों में पहले भी आपराधिक रिकॉर्ड रहा है. अब पुलिस चारों से पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस तरीके से कितने लोगों को निशाना बनाया गया था.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »