वैष्णो देवी मंदिर में दो हफ्तों में बंद होगी चढ़ावे की मैनुअल काउंटिंग, कैश रीसाइक्लर मशीनें लगाई गईं

वैष्णो देवी मंदिर में श्रद्धालुओं के चढ़ावे की मैनुअल काउंटिंग अब पूरी तरह बंद हो जाएगी. इसके लिए दो कैश रीसाइक्लर मशीनें (CRM) लगाई गई हैं. बाकी सीआरएम भी आने वाले दिनों में लगा दी जाएंगी.

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अयोध्या में राम मंदिर में गिनती करने वाले कर्मचारियों द्वारा दान की कथित चोरी के विवाद के बाद यह मुद्दा चर्चा में आया है. (Photo: Pixabay) अयोध्या में राम मंदिर में गिनती करने वाले कर्मचारियों द्वारा दान की कथित चोरी के विवाद के बाद यह मुद्दा चर्चा में आया है. (Photo: Pixabay)

aajtak.in

  • जम्मू,
  • 20 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 8:18 AM IST

जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने ऐलान किया है कि माता वैष्णो देवी मंदिर में श्रद्धालुओं के चढ़ावे की मैनुअल काउंटिंग अब पूरी तरह बंद हो जाएगी.

उन्होंने बताया कि श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड (SMVDSB) श्रद्धालुओं के चढ़ावे को संभालने की प्रक्रिया को आधुनिक और सुव्यवस्थित बनाने के लिए अहम कदम उठा रहा है. इसके तहत, आने वाले दिनों में मैनुअल काउंटिंग करने की व्यवस्था को पूरी तरह से खत्म कर दिया जाएगा.

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मंदिर के चढ़ावे के प्रबंधन में पारदर्शिता और दक्षता के मुद्दे पर बात करते हुए सिन्हा ने कहा कि मैनुअल काउंटिंग बंद करने का सुझाव बोर्ड के एक सदस्य ने बैठक के दौरान दिया था.

एक कार्यक्रम के दौरान उपराज्यपाल (जो SMVDSB के चेयरमैन भी हैं) ने कहा, 'देश में मंदिर के चढ़ावे को लेकर काफी चर्चा हो रही है. बोर्ड के एक सम्मानित सदस्य ने बैठक में सुझाव दिया था कि मैनुअल काउंटिंग की प्रक्रिया बंद कर दी जानी चाहिए. इसलिए, वहां दो कैश रीसाइक्लर मशीनें (CRM) लगाई गई हैं और बाकी सीआरएम 15 दिनों में लगा दी जाएंगी.'

उन्होंने स्पष्ट किया कि नई व्यवस्था के पूरी तरह से लागू होने के बाद, चढ़ावे को संभालने और उसकी काउंटिंग करने में श्राइन बोर्ड के कर्मचारियों या बैंक अधिकारियों की कोई सीधी भूमिका नहीं होगी.

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उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा, 'इसमें इंसानी दखल को ही खत्म कर दिया गया है. इसमें श्राइन बोर्ड या बैंक के किसी भी कर्मचारी की कोई सीधी भूमिका नहीं होगी.'

उन्होंने बताया कि इस कदम का मकसद श्रद्धालुओं के चढ़ावे के प्रबंधन के लिए संस्थागत तंत्र को मजबूत करना और यह सुनिश्चित करना है कि यह प्रक्रिया अधिक पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ तकनीक-आधारित प्रणाली के माध्यम से पूरी की जाए.

अयोध्या में राम मंदिर में गिनती करने वाले कर्मचारियों द्वारा दान की कथित चोरी के विवाद के बाद यह मुद्दा चर्चा में आया है.

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