'PoK हमारा है तो चुप्पी क्यों...' फारूक अब्दुल्ला ने PM-विदेश मंत्री से पूछा सवाल

PoK के हालात को लेकर फारूक अब्दुल्ला ने केंद्र सरकार से सवाल किया है. उन्होंने कहा कि अगर यह भारत का हिस्सा है तो वहां के मुद्दों पर बातचीत भी होनी चाहिए. साथ ही संयुक्त राष्ट्र से भी इलाके का दौरा करने की अपील की.

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फारूक अब्दुल्ला ने PoJK मुद्दे पर सरकार से चुप्पी तोड़ने को कहा. (File Photo) फारूक अब्दुल्ला ने PoJK मुद्दे पर सरकार से चुप्पी तोड़ने को कहा. (File Photo)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 29 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 11:51 PM IST

पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर (PoJK) में जारी तनाव के बीच जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस प्रमुख फारूक अब्दुल्ला ने केंद्र सरकार से सवाल पूछा है. उनका कहना है कि अगर भारत लगातार PoJK को अपना हिस्सा बताता है, तो वहां के हालात पर बातचीत क्यों नहीं होती? उन्होंने प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री से इस मुद्दे पर पहल करने की अपील की. इसके अलावा, उन्होंने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार आयोग से भी PoJK का दौरा कर वहां की जमीनी सच्चाई जानने की मांग की है.

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फारूक अब्दुल्ला का कहना है कि PoJK में हाल के दिनों में भड़की हिंसा और तनाव चिंताजनक है. उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार आयोग को वहां जाकर देखना चाहिए कि लोग किन मुश्किलों का सामना कर रहे हैं और उन दिक्कतों को दूर करने की कोशिश करनी चाहिए. उन्होंने अफसोस जताया कि PoJK को अपना क्षेत्र बताने के बावजूद सरकार की तरफ से वहां के बिगड़ते हालात को लेकर अब तक कोई आधिकारिक बयान या बातचीत की पहल देखने को नहीं मिली है.

ड्रग्स के खिलाफ अभियान का भी किया जिक्र

बातचीत के दौरान उन्होंने कश्मीर में युवाओं के बीच बढ़ रही नशे की लत पर भी अपनी बात रखी. सामाजिक संगठन के अभियान की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा कि युवाओं को ड्रग्स, शराब और तंबाकू जैसी बुराइयों से दूर रखना सबसे जरूरी है. फारूक अब्दुल्ला के मुताबिक, सिर्फ नशा करने वाले बच्चों को रोकने से यह बीमारी खत्म नहीं होगी. असली सख्ती उन बड़े तस्करों पर होनी चाहिए जो बाजार में ड्रग्स की सप्लाई करते हैं.

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जम्मू-कश्मीर में बने होटलों के निर्माण पर उठे विवाद को उन्होंने व्यवहारिक नजरिए से देखा. उन्होंने कहा कि एक दौर ऐसा भी था जब श्रीनगर आने वाले पर्यटकों को ठहरने के लिए जगह नहीं मिलती थी और उन्हें गाड़ियों या सड़कों पर रात काटनी पड़ती थी. अब अगर लोगों ने अपने दम पर होटल बनाए हैं, तो इससे पर्यटन मजबूत हुआ है और स्थानीय युवाओं को बिना सरकारी निर्भरता के रोजगार का जरिया मिला है.

अपने संबोधन में उन्होंने बिहार में पेपर लीक के खिलाफ छात्रों पर हुई कार्रवाई, दिल्ली के जंतर-मंतर के प्रदर्शन और महबूबा मुफ्ती के बयानों से जुड़े सवालों का भी जवाब दिया. उन्होंने कहा कि जनता अपने हक के लिए आवाज उठाती रहेगी और सरकार को अपने वादे पूरे करने होंगे. हालांकि, पूरे बयान के केंद्र में PoJK का मुद्दा ही हावी रहा, जिस पर उन्होंने सरकार से अपना स्टैंड साफ करने की मांग की है.
 

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