हर महीने अच्छी कमाई हो जाए और आर्थिक परेशानियां दूर हो जाएं, यह उम्मीद हर उस शख्स को होती है जो मुश्किल दौर से गुजर रहा हो. फरीदाबाद में एक सीधासाधा युवक भी इसी उम्मीद में फेसबुक पर मिले एक ऑफर के झांसे में आ गया. उसे जिगोलो बनकर काम करने और हर विजिट के बदले 20 से 30 हजार रुपये कमाने का सपना दिखाया गया. शुरुआत में रजिस्ट्रेशन के नाम पर महज 1,200 रुपये मांगे गए. युवक को लगा कि थोड़ी रकम खर्च करके अच्छी कमाई का रास्ता खुल सकता है. लेकिन धीरे-धीरे उससे अलग-अलग सुविधाओं और कार्ड के नाम पर पैसे मांगे जाने लगे. नौ किस्तों में युवक ने कुल 89,750 रुपये दे दिए. इसके बावजूद न उसे कोई काम मिला और न ही कमाई का वादा पूरा हुआ. आखिरकार परेशान होकर उसने साइबर क्राइम पुलिस का दरवाजा खटखटाया.
हर विजिट पर 30 हजार रुपये का वादा
पुलिस को दी गई शिकायत के मुताबिक, युवक को कुछ महीने पहले फेसबुक के माध्यम से एक फ्रेंड रिक्वेस्ट मिली थी. इसी संपर्क के जरिए उसे जिगोलो बनने का ऑफर दिया गया. उसे बताया गया कि रजिस्ट्रेशन कराने के बाद वह इस काम से अच्छी कमाई कर सकता है. प्रत्येक विजिट के लिए 20 हजार से 30 हजार रुपये मिलने की बात कही गई. आर्थिक तंगी से गुजर रहे युवक को यह ऑफर कमाई का आसान रास्ता लगा. उसने शुरुआत में मांगे गए 1,200 रुपये का भुगतान कर दिया. उसे उम्मीद थी कि रजिस्ट्रेशन पूरा होने के बाद काम मिलना शुरू हो जाएगा और उसकी आर्थिक स्थिति सुधर सकेगी. लेकिन रजिस्ट्रेशन की रकम देने के बाद मांगों का सिलसिला शुरू हो गया.
कभी मसाज किट तो कभी होटल कार्ड के नाम पर मांगे पैसे
शिकायत के अनुसार, रजिस्ट्रेशन के बाद युवक से कहा गया कि उसे काम शुरू करने के लिए मसाज किट खरीदनी होगी. इसके लिए 18 हजार रुपये मांगे गए. इसके बाद डीलक्स रूम का स्पेशल कार्ड बनवाने के नाम पर छह हजार रुपये से अधिक की रकम मांगी गई. युवक को होटल रूम का स्कैनर कार्ड बनवाने के लिए भी अलग से छह हजार रुपये देने को कहा गया. इस तरह हर बार एक नई जरूरत बताकर उससे भुगतान कराया जाता रहा. युवक को उम्मीद थी कि इन औपचारिकताओं को पूरा करने के बाद उसे क्लाइंट मिलने लगेंगे और उसकी कमाई शुरू हो जाएगी. इसी उम्मीद में वह अलग-अलग किस्तों में रकम देता रहा. शिकायत में बताया गया है कि कुल नौ किस्तों में उससे 89,750 रुपये ले लिए गए. इतनी बड़ी रकम खर्च करने के बाद भी उसे कोई काम नहीं मिला.
दो महीने तक टलती रही क्लाइंट विजिट
जब युवक ने पैसे देने के बाद क्लाइंट विजिट के बारे में पूछना शुरू किया तो उसे इंतजार करने के लिए कहा जाने लगा. शिकायत के मुताबिक, कभी दो दिन तो कभी चार दिन बाद काम मिलने की बात कहकर उसे टाल दिया जाता था. युवक को उम्मीद थी कि जल्द ही उसे काम मिल जाएगा और खर्च की गई रकम वापस कमाने का मौका मिलेगा. लेकिन दिन बीतते गए और वादे पूरे नहीं हुए. दो महीने से अधिक समय गुजरने के बाद भी उसे कोई क्लाइंट विजिट नहीं मिली. इसके बाद उसे अपने साथ ठगी होने का संदेह हुआ. जिस काम से वह आर्थिक परेशानियां दूर करना चाहता था, उसी के नाम पर उसकी जमा रकम चली गई.
आर्थिक तंगी ने आसान कमाई के ऑफर पर किया भरोसा
शिकायत में युवक ने बताया कि वह काफी आर्थिक तंगी से गुजर रहा था. इसी वजह से उसे पैसे कमाने का यह रास्ता आसान लगा और उसने ऑफर पर भरोसा कर लिया. ऐसे मामलों में शुरुआती रकम कम रखकर भरोसा जीतने और बाद में अलग-अलग शुल्क के नाम पर पैसे मांगने का तरीका लोगों को आर्थिक नुकसान पहुंचा सकता है. युवक ने आखिरकार साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क किया और अपनी शिकायत दर्ज कराई. इसके बाद मामला पुलिस तक पहुंचा. फरीदाबाद पुलिस के पीआरओ यशपाल के मुताबिक, साइबर क्राइम थाना पुलिस ने मामले में शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. पुलिस आरोपियों की पहचान करने और उनका पता लगाने का प्रयास कर रही है. जांच के बाद उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि युवक से संपर्क करने वाले लोग कौन थे और रकम किस तरह वसूली गई. आरोपियों की पहचान और उनकी भूमिका को लेकर जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी.
ऑनलाइन ऑफर पर भरोसा करने से पहले बरतें सावधानी
यह मामला उन लोगों के लिए भी सबक है जो सोशल मीडिया पर नौकरी या मोटी कमाई के ऑफर तलाशते हैं. खासकर तब, जब किसी काम की शुरुआत से पहले रजिस्ट्रेशन, किट, कार्ड या दूसरी सुविधाओं के नाम पर बार-बार भुगतान करने को कहा जाए. फरीदाबाद के इस मामले में युवक ने पहले 1,200 रुपये दिए, लेकिन बाद में रकम बढ़ती गई और कुल भुगतान 89,750 रुपये तक पहुंच गया. इसके बावजूद उसे काम नहीं मिला. अगर किसी ऑनलाइन ऑफर में कम समय में बहुत ज्यादा कमाई का वादा किया जा रहा हो और उसके लिए लगातार पैसे मांगे जा रहे हों, तो भुगतान करने से पहले उसकी विश्वसनीयता की जांच करना जरूरी है. साइबर ठगी का संदेह होने पर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत की जा सकती है. फिलहाल, फरीदाबाद पुलिस मामले की जांच कर रही है. युवक को जिगोलो बनाकर मोटी कमाई कराने का वादा कितना बड़ा जाल था और इसके पीछे कौन लोग हैं, इसका जवाब जांच पूरी होने के बाद ही मिल सकेगा.
सचिन गौड़