वरिष्ठ IAS अधिकारी अशोक खेमका का तबादला, 30 साल के करियर में 56वीं बार हुआ ट्रांसफर

हरियाणा सरकार ने वरिष्ठ IAS अधिकारी अशोक खेमका का तबादला कर दिया है. यह खेमका के 30 साल के करियर में 56वीं पोस्टिंग है. एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव खेमका को अब अभिलेखागार विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव के रूप में नियुक्त किया गया है.

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IAS अशोक खेमका का फिर हुआ तबादला (फाइल फोटो) IAS अशोक खेमका का फिर हुआ तबादला (फाइल फोटो)

aajtak.in

  • चंडीगढ़,
  • 09 जनवरी 2023,
  • अपडेटेड 11:30 PM IST

हरियाणा सरकार ने सोमवार को वरिष्ठ IAS अधिकारी अशोक खेमका का तबादला कर दिया है. यह खेमका के 30 साल के करियर में 56वीं पोस्टिंग है. इस फेरबदल में हरियाणा सिविल सेवा के चार अधिकारियों का भी तत्काल प्रभाव से तबादला कर दिया गया है. एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव खेमका को अब अभिलेखागार विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव के रूप में नियुक्त किया गया है.

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बयान में तबादलों के लिए किसी विशेष कारण का उल्लेख नहीं किया गया है. सूत्रों के मुताबिक, खेमका का तबादला हरियाणा के मुख्य सचिव सर्वेश कौशल को पत्र लिखने के कुछ दिनों बाद आया है, जिसमें संकेत दिया गया था कि उनके विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग के उच्च शिक्षा विभाग में विलय के बाद उनके पास पर्याप्त काम नहीं था.

तबादलों की वजह से फेमस हैं खेमका 

IAS अधिकारी का करियर विवादों और बार-बार तबादलों से चिह्नित रहा है. उनकी आखिरी नई पोस्टिंग अक्टूबर 2021 में हुई थी. 1991-बैच के हरियाणा कैडर के भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी ने 2012 में उस समय विवाद खड़ा कर दिया था जब उन्होंने कांग्रेस नेता सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा से जुड़े गुरुग्राम के एक जमीन सौदे के म्यूटेशन को रद्द कर दिया था। उत्परिवर्तन भूमि के एक टुकड़े के स्वामित्व को स्थानांतरित करने की प्रक्रिया का हिस्सा है।

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औसतन हर 6 महीने मेंहो जाता है तबादला 

गौरतलब है कि पिछले एक दशक के दौरान, उन्हें अक्सर महत्वहीन माने जाने वाले विभागों में तैनात किया गया है. अपने पूरे करियर में, औसतन हर छह महीने में उनका तबादला कर दिया गया. यह चौथी बार है जब खेमका को राज्य के अभिलेखागार विभाग में नियुक्त किया गया है - इनमें से तीन कार्यकाल राज्य में भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार के कार्यकाल के दौरान थे.

हाल ही में लिखा था पत्र

उन्होंने पहले महानिदेशक और बाद में अभिलेखागार विभाग के प्रधान सचिव के रूप में काम किया है. खेमका को पहली बार 2013 में इस विभाग में ट्रांसफर किया गया था जब हरियाणा में कांग्रेस की सरकार थी. सूत्रों की मानें तो मुख्य सचिव को लिखे अपने हालिया पत्र में, उन्होंने संकेत दिया कि विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग में पहले काम का बोझ 'प्रति सप्ताह 2-3 घंटे से ज्यादा नहीं था.'

पत्र में कहा गया, 'यह सुझाव दिया जाता है कि एसीएस रैंक के एक अधिकारी को सप्ताह में कम से कम 40 घंटे के कुल वर्कलोड वाले विभाग सौंपे जा सकते हैं. अगर कैडर अधिकारियों के लिए पर्याप्त कार्यभार नहीं है, तो गैर-कैडर अधिकारियों को प्रशासनिक सचिवों से हटाकर उनके अपने विभागों में वापस भेजा जा सकता है.'

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