साइबर सिटी गुरुग्राम के गाड़ौली कलां गांव में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक घर के बाथरूम में टॉयलेट सीट के भीतर से फुंकारने की आवाज आने लगी. परिवार के लोग काफी देर तक परेशान रहे, क्योंकि आवाज लगातार सुनाई दे रही थी, लेकिन सांप दिखाई नहीं दे रहा था.
मामले की जानकारी वन्यजीव संरक्षण कर्मी अनिल गंडास को दी गई. वह टीम के साथ मौके पर पहुंचे और बाथरूम का निरीक्षण किया. टॉयलेट सीट को ध्यान से देखने पर उसके भीतर से आने वाली फुंकार और तेज हो गई. इसके बाद अंदाजा हुआ कि सांप सीट के अंदर बेहद संकरी जगह में छिपा हुआ है.
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सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए रेस्क्यू टीम ने टॉयलेट सीट को तोड़ने का फैसला किया. सीट हटाने पर अंदर करीब 6 फीट लंबा बेहद विषैला स्पेक्टेकल्ड कोबरा छिपा मिला. सांप को बाहर निकालने के लिए टीम को काफी मशक्कत करनी पड़ी. आखिरकार कोबरा को सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू कर लिया गया.
शहरीकरण से रिहायशी इलाकों में बढ़े सांप
वन्यजीव संरक्षण कर्मी अनिल गंडास के मुताबिक, बढ़ते शहरीकरण और लगातार हो रहे निर्माण कार्यों के चलते जंगल और खेत तेजी से कम हो रहे हैं. इससे सांपों का प्राकृतिक आवास प्रभावित हो रहा है. भोजन और सुरक्षित ठिकाने की तलाश में ये जीव अब रिहायशी कॉलोनियों और घरों तक पहुंच रहे हैं.
उन्होंने बताया कि पिछले कुछ महीनों में घरों के भीतर सांप मिलने की घटनाओं में काफी बढ़ोतरी हुई है. मानसून के दौरान यह समस्या और बढ़ जाती है. अगस्त महीने में ही करीब 70 सांपों का रेस्क्यू किया जा चुका है, जबकि पिछले तीन महीनों में 200 से अधिक सांपों को सुरक्षित निकाला गया है.
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वन्यजीव कर्मी ने लोगों से बारिश के मौसम में विशेष सावधानी बरतने की अपील की है. उन्होंने कहा कि घर के आसपास साफ-सफाई रखें और सांपों के छिपने की संभावित जगहों पर नजर रखें. रात में जमीन पर सोने से बचें और बिस्तर पर मच्छरदानी का इस्तेमाल करें, ताकि किसी जहरीले जीव के संपर्क में आने का खतरा कम हो.
सांप के काटने पर तुरंत अस्पताल जाने की अपील
अनिल गंडास ने लोगों को भोजन खुला न छोड़ने की सलाह भी दी है. खुले में रखा खाना चूहों को आकर्षित कर सकता है और चूहे सांपों के लिए भोजन का स्रोत बनते हैं. ऐसे में घर में चूहों की मौजूदगी सांपों के आने की आशंका बढ़ा सकती है. इसलिए खाने-पीने की चीजों को ढककर रखना जरूरी है.
उन्होंने कहा कि अगर किसी व्यक्ति को सांप काट ले तो घबराने के बजाय तुरंत अस्पताल पहुंचना चाहिए. झाड़-फूंक या किसी देसी इलाज में समय गंवाना जानलेवा साबित हो सकता है. सर्पदंश के मामले में समय पर अस्पताल पहुंचकर एंटी-वेनम दिया जाना बेहद जरूरी है.
गाड़ौली कलां की इस घटना में राहत की बात यह रही कि समय रहते कोबरा की मौजूदगी का पता चल गया और रेस्क्यू टीम ने उसे सुरक्षित बाहर निकाल लिया. हालांकि टॉयलेट सीट के भीतर इतने बड़े और जहरीले सांप के मिलने से परिवार के साथ-साथ आसपास के लोगों में भी दहशत फैल गई.
नीरज वशिष्ठ