मां की गला दबाकर हत्या, फिर बेटे ने खुद दी जान, शेयर बाजार में 50 लाख के नुकसान से था परेशान

सूरत में शेयर बाजार में करीब 40 से 50 लाख रुपये गंवाने के बाद एक शख्स ने अपनी 63 वर्षीय मां की हत्या कर दी और फिर खुद भी जान दे दी. दोनों मां-बेटे लंबे समय से साथ रह रहे थे. पुलिस को मौके से हाथ से लिखा सुसाइड नोट मिला, जिसमें आर्थिक तंगी, कर्ज और परिवार से माफी का जिक्र है.

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पति की मौत के बाद मां-बेटे साथ रहते थे.(Photo: Ramesh Kumar/ITG) पति की मौत के बाद मां-बेटे साथ रहते थे.(Photo: Ramesh Kumar/ITG)

संजय सिंह राठौर

  • सूरत,
  • 01 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 11:41 PM IST

गुजरात के सूरत शहर में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है. अश्विनीकुमार थाना क्षेत्र की रूपम सोसाइटी में 36 वर्षीय जतिन जगदीश सोनाणी ने अपनी 63 वर्षीय मां भानुबेन की गला दबाकर हत्या कर दी. इसके बाद उसने घर में ही फंदे से लटककर खुदकुशी कर ली. घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई.

पुलिस के मुताबिक, जतिन शेयर बाजार में निवेश करता था और उसे इसमें पहले भी नुकसान हो चुका था. इस बार उसे करीब 40 से 50 लाख रुपये का नुकसान हुआ था. आर्थिक तंगी और कर्ज के दबाव में वह कथित तौर पर बेहद परेशान था. इसी तनाव के बीच गुरुवार सुबह उसने अपनी मां की हत्या कर दी और फिर खुद भी जान दे दी.

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मृतका भानुबेन की अपनी कोई संतान नहीं थी. उनके पति जगदीशभाई के छोटे भाई के दो बेटे थे. इनमें से जतिन को महज छह महीने की उम्र में जगदीशभाई और भानुबेन ने गोद लिया था. इसके बाद से वह उन्हीं के साथ रह रहा था. इस तरह जतिन का पालन-पोषण भानुबेन और उनके पति ने अपने बेटे की तरह किया था.

2014 में पति की मौत के बाद मां-बेटे साथ रहते थे

जतिन के दत्तक पिता जगदीशभाई का वर्ष 2014 में निधन हो गया था. इसके बाद भानुबेन और जतिन ही घर में साथ रहते थे. पुलिस की शुरुआती जांच के मुताबिक, जतिन को शेयर बाजार में पैसे लगाने की आदत थी. वह कई बार इसमें निवेश कर चुका था और उसे पहले भी नुकसान उठाना पड़ा था.

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पुलिस का कहना है कि इस बार शेयर मार्केट में करीब 50 लाख रुपये का नुकसान होने के बाद उसकी आर्थिक स्थिति काफी बिगड़ गई थी. वह कर्ज के दबाव में था. जांच में यह बात भी सामने आई है कि जतिन कोई बड़ा कारोबारी नहीं था. परिवार की आर्थिक स्थिति सामान्य थी और वह छोटे-मोटे काम करके तथा शेयर बाजार से होने वाली कमाई पर निर्भर रहता था.

पुलिस के अनुसार, आर्थिक परेशानी के बीच जतिन ने अपनी मां को अकेला छोड़ने को लेकर भी चिंता जताई थी. इसी मानसिक और आर्थिक दबाव में उसने पहले भानुबेन की गला दबाकर हत्या की और उसके बाद खुदकुशी कर ली. पुलिस मामले में हत्या और आत्महत्या से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है.

कपड़ों से मिला हाथ से लिखा सुसाइड नोट

घटना की सूचना पुलिस को पीसीआर कॉल के जरिए मिली थी. पुलिस टीम मौके पर पहुंची तो जतिन का शव फंदे पर मिला, जबकि उसकी मां का शव बिस्तर पर पड़ा था. जांच के दौरान पुलिस ने जतिन के कपड़ों की तलाशी ली तो उसमें हाथ से लिखा एक पन्ना बरामद हुआ.

पुलिस के मुताबिक, इस नोट में जतिन ने आर्थिक तंगी, कर्ज के लेन-देन और परिवार से माफी मांगने का जिक्र किया था. उसने अपनी मां की हत्या करने और फिर खुदकुशी करने की बात भी लिखी थी. पुलिस ने इस नोट को जांच का अहम हिस्सा माना है और इसकी भी जांच की जा रही है.

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सूरत शहर पुलिस के डीसीपी आलोक कुमार ने बताया कि शुरुआत में पुलिस को फंदे पर शव मिलने की सूचना मिली थी. मौके पर पहुंचने के बाद जांच शुरू की गई. पोस्टमार्टम के लिए दोनों शवों को भेजा गया. पुलिस ने सुसाइड नोट और घटनास्थल से मिले अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की आगे की कार्रवाई की.

आरोपी की मौत के कारण पुलिस भरेगी फाइनल रिपोर्ट

डीसीपी के मुताबिक, शुरुआती तौर पर मामले को आकस्मिक मौत के रूप में दर्ज किया गया था. बाद की जांच में सुसाइड नोट और घटनास्थल से मिले तथ्यों के आधार पर मां की हत्या का मामला दर्ज किया गया. पुलिस ने मृतक जतिन के खिलाफ हत्या की धाराओं में भी कार्रवाई दर्ज की है.

चूंकि हत्या का आरोपी जतिन खुद भी जान दे चुका है, इसलिए पुलिस की जांच के बाद मामले में अंतिम रिपोर्ट दाखिल की जाएगी. पुलिस यह भी देख रही है कि शेयर बाजार में उसे कितना आर्थिक नुकसान हुआ था, उस पर कितना कर्ज था और घटना से पहले उसकी आर्थिक एवं मानसिक स्थिति कैसी थी.

फिलहाल, इस दोहरे हादसे ने सूरत के अश्विनीकुमार इलाके में रहने वाले लोगों को स्तब्ध कर दिया है. एक तरफ 63 वर्षीय भानुबेन की हत्या हुई, वहीं दूसरी ओर उनके दत्तक पुत्र जतिन की भी मौत हो गई. पुलिस अब सुसाइड नोट, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और घटनास्थल से मिले साक्ष्यों के आधार पर पूरी घटना की कड़ियां जोड़ रही है.

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नोट:- (अगर आपके या आपके किसी परिचित के मन में आता है खुदकुशी का ख्याल तो ये बेहद गंभीर मेडिकल एमरजेंसी है. तुरंत भारत सरकार की जीवनसाथी हेल्पलाइन 18002333330 पर संपर्क करें. आप टेलिमानस हेल्पलाइन नंबर 1800914416 पर भी कॉल कर सकते हैं. यहां आपकी पहचान पूरी तरह से गोपनीय रखी जाएगी और विशेषज्ञ आपको इस स्थिति से उबरने के लिए जरूरी परामर्श देंगे. याद रखिए जान है तो जहान है.)

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