मरीज को ICU भेजने की बात पर अपनी जूनियर को जड़ा थप्पड़! सीनियर की गुंडागर्दी, CCTV वीडियो वायरल

Rajkot Civil Hospital: जब डॉ. क्रिशा ने दोबारा मरीज की गंभीर स्थिति का हवाला दिया, तो डॉक्टर रमाणी आपा खो बैठे. उन्होंने न सिर्फ महिला डॉक्टर को अपशब्द कहे, बल्कि उन्हें थप्पड़ भी जड़ दिया.

Advertisement
आधी रात को हड़ताल पर बैठे रेजिडेंट डॉक्टर्स.(Photo:Screengrab) आधी रात को हड़ताल पर बैठे रेजिडेंट डॉक्टर्स.(Photo:Screengrab)

रौनक मजीठिया

  • राजकोट,
  • 21 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 8:35 PM IST

गुजरात के राजकोट का सिविल अस्पताल एक बार फिर विवादों में आ गया है, जहां बीती देर रात सीनियर डॉक्टर अश्विन रमाणी द्वारा एक महिला रेजिडेंट डॉक्टर को थप्पड़ मारने की घटना सामने आई है. इस घटना का लाइव वीडियो भी सामने आया है. मामले में डॉ. अश्विन रमाणी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है और पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार भी कर लिया है.

Advertisement

पूरे मामले की बात करें तो दर्ज FIR के मुताबिक, रेजिडेंट डॉक्टर क्रिशा शिंगाला एक गंभीर मरीज को लेकर सीनियर डॉक्टर अश्विन रमाणी के पास गई थीं. उन्होंने डॉक्टर से कहा कि मरीज की हालत गंभीर है और उसे आईसीयू में भर्ती करना पड़ेगा.

इसके बावजूद डॉक्टर रमाणी ने मरीज को जनरल वार्ड में ही रेफर करने को कहा. इस बात को लेकर डॉ. क्रिशा ने दोबारा अपनी बात रखी तो डॉ. अश्विन रमाणी भड़क गए और डॉ. क्रिशा को अपशब्द कहने लगे. इतना ही नहीं, उन्होंने डॉ. क्रिशा को थप्पड़ भी मार दिया, जिसका वीडियो भी सामने आया है. 

घटना के बाद सिविल अस्पताल के रेजिडेंट डॉक्टर आधी रात को सिविल अस्पताल परिसर में हड़ताल पर बैठ गए थे. आखिरकार पुलिस ने डॉक्टर रमाणी के खिलाफ FIR दर्ज की और सिविल अस्पताल के अधिकारियों द्वारा उचित कार्रवाई का आश्वासन दिए जाने के बाद हड़ताल समाप्त की गई. इसके बाद आज सुबह पुलिस ने डॉक्टर रमाणी को गिरफ्तार भी कर लिया. देखें VIDEO:- 

Advertisement

साथ ही, गांधीनगर के उच्च कार्यालय से कार्रवाई को लेकर निर्देश मिलने तक डॉक्टर रमाणी को सिविल अस्पताल में प्रवेश करने से भी रोक दिया गया है. पीड़ित डॉक्टर क्रिशा के पिता ने भी हुई कार्रवाई पर संतोष व्यक्त किया है.

आज सुबह सिविल अस्पताल में सिविल सुपरिंटेंडेंट, आरएमओ, डॉक्टरों और पीड़ित डॉक्टर के माता-पिता के साथ बैठक आयोजित की गई, जिसमें डॉक्टरों की सुरक्षा को लेकर चर्चा की गई.

आरएमओ  डॉ. हर्षद दुसरा ने बताया कि परिजनों और सिविल अथॉरिटी के बीच बैठक हुई है. हमने इस मामले की रिपोर्ट गांधीनगर के उच्च कार्यालय को सौंप दी है. जब तक कार्रवाई नहीं की जाती, तब तक संबंधित डॉक्टर ड्यूटी पर मौजूद नहीं रह सकेंगे. डॉक्टर अश्विन रमाणी को ड्यूटी पर उपस्थित न रहने के लिए लिखित रूप से निर्देश दिया गया है. जल्द ही आरोपी डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. डॉ. रमाणी के खिलाफ पहले भी कई शिकायतें आ चुकी हैं. यह घटना गंभीर है और इस तरह की घटनाओं में ट्रांसफर और सस्पेंशन तक की कार्रवाई की जाती है.

इस बीच, सिविल अस्पताल की सुपरिंटेंडेंट डॉ. मोनाली मांकड़िया को सिविल अस्पताल अधीक्षक के पद से मुक्त कर दिया गया है. उनकी जगह डॉ. कमल डोडिया को सिविल अस्पताल का अधीक्षक नियुक्त किया गया है.
 
डॉ. मोनाली मांकड़िया, ''मैंने काफी समय से सरकार से इस जिम्मेदारी से मुक्त करने की मांग की थी, जिसे सरकार ने स्वीकार कर लिया है. जो घटना हुई है, वह बिल्कुल अस्वीकार्य है. महिला के साथ इस प्रकार का व्यवहार किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता. उनके खिलाफ पहले भी दो से तीन शिकायतें मिली थीं.''

Advertisement

डॉ. क्रिशा के पिता निलेश शिंगाला, ''मुझे जिस तरह का आश्वासन दिया गया था, उसी तरह मुझे न्याय मिला है. मैं अस्पताल के अधिकारियों और स्वास्थ्य मंत्री का आभारी हूं कि उन्होंने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत कार्रवाई की. स्वास्थ्य मंत्री ने आश्वासन दिया है कि जल्द ही डॉक्टर के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. मेरी मांग है कि डॉक्टर को सस्पेंड किया जाए और जल्द ही इस तरह की कार्रवाई की जाएगी.''

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »