स्टील और कंक्रीट की ताकत, सोलर एनर्जी का सोर्स और गीता की प्रेरणा... सिविल इंजीनियरिंग की दमदार तस्वीर है सुदर्शन ब्रिज

प्रधानमंत्री मोदी ने आज गुजरात के द्वारका में अरब सागर पर बने देश के सबसे लंबे केबल आधारित पुल ‘सुदर्शन सेतु’ को राष्ट्र को समर्पित किया. इस सेतु से वाहनों की आवाजाही और सुगम होगी और द्वारका एवं बेट-द्वारका मार्ग के बीच यात्रा करने वाले भक्तों के समय में काफी कमी करेगा. 

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सुदर्शन सेतु की तस्वीरें सुदर्शन सेतु की तस्वीरें

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 25 फरवरी 2024,
  • अपडेटेड 11:26 AM IST

पीएम मोदी दो दिन के गुजरात दौरे पर हैं. देर रात पीएम मोदी जामनगर पहुंचे और भव्य रोड शो में लोगों ने उनका जबरदस्त स्वागत किया. इसके बाद वह आज सुबह बेट द्वारका मंदिर पहुंचे और पूर्जा-अर्चना की. इसके बाद उन्होंने अरब सागर पर बने देश के सबसे लंबे केबल आधारित पुल 'सुदर्शन सेतु' का उद्घाटन किया.

2.32 किलोमीटर लंबा यह पुल करीब 980 करोड़ रुपये की लागत से बना है जो ओखा मुख्य भूमि को बेट द्वारका द्वीप से जोड़ता है. इसके अलावा यह पुल कई खूबियों से लैस है.

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सुदर्शन सेतु की खासियतें

  • इस पुल के निर्माण को साल 2016 में केंद्र सरकार ने मंजूरी दी थी और 7 अक्टूबर 2017 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसकी आधारशिला रखी. इसका लाभ लक्षद्वीप पर रहने वाले लोगों को भी मिलेगा.
  • सुदर्शन सेतु एक अद्वितीय डिजाइन को प्रदर्शित करता है, जिसमें दोनों तरफ श्रीमद्भगवद गीता के श्लोकों और भगवान कृष्ण की छवियों से सुसज्जित एक पैदलपथ है. 
  • इसमें पैदलपथ के ऊपरी हिस्से पर सौर पैनल भी लगाए गए गए हैं, जिससे एक मेगावाट बिजली का उत्पादन किया जाता है.
  • इस सेतु से वाहनों की आवाजाही और सुगम होगी और द्वारका एवं बेयत-द्वारका मार्ग के बीच यात्रा करने वाले भक्तों के समय में काफी कमी करेगा. 
  • सेतु के निर्माण से पूर्व तीर्थयात्रियों को बेयत द्वारका तक पहुंचने के लिए नौका परिवहन पर निर्भर रहना पड़ता था. खराब मौसम हो जाए तो लोगों को काफी प्रतीक्षा करनी पड़ती थी. 
  •  यह प्रतिष्ठित सेतु देवभूमि द्वारका के प्रमुख पर्यटक आकर्षण के रूप में भी कार्य करेगा.
  • पुल का डेक कंपोजिट स्टील-रिइनफोर्स्ड कंक्रीट से बना है जिसमें 900 मीटर का सेंट्रल डबल स्पैन केबल-स्टैंड वाला हिस्सा और 2.45 किमी लंबी एप्रोच रोड शामिल है. चार लेन वाले 27.20 मीटर चौड़े पुल की प्रत्येक साइड पर 2.50 मीटर चौड़े फुटपाथ हैं.
  • इस पुल को 'सिग्नेचर ब्रिज' के नाम से जाना जाता था, उसका नाम बदलकर 'सुदर्शन सेतु' या सुदर्शन ब्रिज कर दिया गया है.

कहां है बेट द्वारका

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बेट द्वारका ओखा बंदरगाह के पास एक द्वीप है, जो द्वारका शहर से लगभग 30 किमी दूर है, जहां भगवान कृष्ण का प्रसिद्ध द्वारकाधीश मंदिर स्थित है.अधिकारियों के मुताबिक अभी तक बेट द्वारका में मंदिर में आने वाले भक्त केवल दिन के दौरान नाव से यात्रा कर सकते हैं. अब जब इस पुल का उद्घाटन हो गया है तो वह कभी भी और किसी भी समय जाकर द्वारकाधीश के दर्शन कर सकते हैं. 

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