फ्री फायर पर दोस्ती, फिर 2000 किमी दूर असम पहुंची नाबालिग, गेम के पीछे की कहानी चौंका देगी

गुजरात के जामनगर में ऑनलाइन गेम फ्री फायर के जरिए असम के युवक के संपर्क में आई नाबालिग लड़की 8 अक्टूबर को लापता हो गई थी. परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने जांच शुरू की और तकनीकी निगरानी के जरिए असम के बोंगाईगांव जिले तक पहुंची. पुलिस ने 24 वर्षीय प्रद्युत कार्तिक चौधरी को गिरफ्तार कर लड़की को सुरक्षित बरामद किया और परिवार को सौंप दिया.

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ऑनलाइन गेम पर दोस्ती के बाद नाबालिग लापता. (Photo: Screengrab) ऑनलाइन गेम पर दोस्ती के बाद नाबालिग लापता. (Photo: Screengrab)

ब्रिजेश दोशी

  • जामनगर,
  • 28 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 11:02 PM IST

गुजरात के जामनगर से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. बताया जा रहा है कि ऑनलाइन गेम फ्री फायर खेलते समय असम के एक युवक ने जामनगर की नाबालिग लड़की से दोस्ती की. इसके बाद उसने लड़की का मोबाइल नंबर हासिल किया और फोन पर लगातार बातचीत करने लगा. पुलिस के मुताबिक, युवक ने लड़की को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले जाने की योजना बनाई. 8 अक्टूबर को लड़की जामनगर के एसटी बस स्टैंड से रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हो गई. परिजनों की शिकायत के बाद पुलिस ने उसकी तलाश शुरू की. जांच के दौरान पता चला कि लड़की असम में है. इसके बाद जामनगर पुलिस की टीम करीब 2000 किलोमीटर दूर असम पहुंची और नाबालिग को सुरक्षित बरामद कर लिया.

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पुलिस के अनुसार, आरोपी की पहचान 24 वर्षीय प्रद्युत कार्तिक चौधरी के रूप में हुई है. वह असम का रहने वाला है. बताया गया है कि ऑनलाइन वीडियो गेम फ्री फायर खेलते समय उसकी नाबालिग लड़की से बातचीत शुरू हुई थी. गेम के दौरान दोनों के बीच संपर्क बढ़ा तो आरोपी ने लड़की का मोबाइल नंबर हासिल कर लिया. इसके बाद गेम तक सीमित रहने वाली बातचीत फोन पर होने लगी. आरोप है कि युवक ने लगातार संपर्क में रहकर लड़की को अपने झांसे में लिया और उसे बहला-फुसलाकर ले जाने की साजिश रची. ऑनलाइन गेम के जरिए शुरू हुआ यह संपर्क आखिरकार लड़की के लापता होने के मामले में बदल गया.

हालांकि, ऑनलाइन गेम पर किसी से दोस्ती करना अपने आप में अपराध नहीं है, लेकिन इस मामले में पुलिस ने आरोपी पर नाबालिग को बहलाकर ले जाने का आरोप लगाया है. इसी वजह से मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच तेज कर दी. जामनगर में 8 अक्टूबर को नाबालिग लड़की अचानक लापता हो गई. वह शहर के एसटी बस स्टैंड से गायब हुई थी. बेटी के अचानक लापता होने और उसका कोई सुराग नहीं मिलने से परिजन परेशान हो गए. उन्होंने जामनगर सिटी ए डिवीजन पुलिस स्टेशन में अपहरण की शिकायत दर्ज कराई.

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मामला नाबालिग लड़की से जुड़ा होने के कारण पुलिस ने तुरंत जांच शुरू की. सबसे पहले घटनास्थल और उसके आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच की गई. इसके साथ ही साइबर सेल और तकनीकी विश्लेषण की मदद भी ली गई, ताकि लड़की के लापता होने से जुड़े सुराग जुटाए जा सकें. पुलिस ने केवल सीसीटीवी फुटेज पर निर्भर रहने के बजाय मानवीय स्रोतों और तकनीकी निगरानी के जरिए भी जानकारी जुटाई. जांच के दौरान लड़की के संपर्कों और उसकी लोकेशन का पता लगाने की कोशिश की गई.

तकनीकी निगरानी से मिला असम का सुराग

जांच के दौरान पुलिस को अहम जानकारी मिली कि लापता नाबालिग लड़की असम में हो सकती है. मानवीय स्रोतों और लोकेशन ट्रेसिंग के आधार पर मिली सूचना के बाद पुलिस ने असम में उसकी तलाश करने का फैसला किया. इसके बाद जामनगर पुलिस की सिटी ए डिवीजन टीम ने विशेष कार्रवाई की तैयारी की और असम के लिए रवाना हो गई. पुलिस के सामने चुनौती थी कि लड़की को सुरक्षित बरामद किया जाए और आरोपी तक पहुंचा जाए. जांच में मिली जानकारी के आधार पर पुलिस टीम असम के बोंगाईगांव जिले के जोगीधोपा गांव पहुंची. यहां छापा मारकर पुलिस ने 24 वर्षीय प्रद्युत कार्तिक चौधरी को गिरफ्तार कर लिया. इसी कार्रवाई के दौरान नाबालिग लड़की को भी सुरक्षित बरामद कर लिया गया.

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आरोपी की गिरफ्तारी और नाबालिग की बरामदगी के बाद पुलिस टीम दोनों को लेकर जामनगर वापस आई. इसके बाद लड़की को उसके माता-पिता के हवाले कर दिया गया. बेटी के लापता होने के बाद से परेशान परिवार के लिए उसकी सुरक्षित वापसी बड़ी राहत रही. पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और पॉक्सो अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है. आरोपी पर नाबालिग को बहला-फुसलाकर ले जाने और अपहरण से जुड़े आरोप हैं. मामले में आगे की कार्रवाई पुलिस की जांच के आधार पर की जाएगी.

असम से आरोपी और लड़की को जामनगर लाई पुलिस

इस पूरे घटनाक्रम में जामनगर पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, साइबर सेल, तकनीकी निगरानी, लोकेशन ट्रेसिंग और मानवीय स्रोतों की मदद ली. इन्हीं प्रयासों के जरिए पुलिस गुजरात से असम तक पहुंची और लड़की को बरामद करने में सफल रही. यह घटना एक बार फिर ऑनलाइन गेम और सोशल मीडिया पर बच्चों के संपर्कों को लेकर अभिभावकों की जिम्मेदारी की ओर ध्यान खींचती है. ऑनलाइन गेम खेलते समय बच्चे दूसरे खिलाड़ियों से बातचीत कर सकते हैं. ऐसे में यह समझना जरूरी है कि वे किससे संपर्क में हैं और बातचीत किस दिशा में बढ़ रही है.

जामनगर के इस मामले में पुलिस के अनुसार, आरोपी ने गेम के दौरान नाबालिग से संपर्क किया, उसका मोबाइल नंबर हासिल किया और फिर फोन पर लगातार बातचीत की. आरोप है कि इसी संपर्क का इस्तेमाल लड़की को बहलाकर ले जाने के लिए किया गया. नाबालिग की सुरक्षित बरामदगी के बाद अब आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू हो गई है. यह मामला बताता है कि ऑनलाइन दुनिया में बने संपर्कों के वास्तविक जीवन पर भी गंभीर असर पड़ सकते हैं. इसलिए बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों पर ध्यान देना और किसी संदिग्ध संपर्क की जानकारी मिलने पर समय रहते कदम उठाना महत्वपूर्ण है.

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