हरेन पंड्या मर्डर केस: दोषी की सजा माफी अर्जी पर गुजरात हाईकोर्ट सख्त, सरकार को दिया 6 महीने का वक्त

हरेन पंड्या हत्याकांड में उम्रकैद की सजा काट रहे दोषी मोहम्मद असगर अली की समयपूर्व रिहाई की अर्जी पर गुजरात हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को 6 महीने के भीतर फैसला लेने का निर्देश दिया है. असगर अली 14 साल से अधिक जेल में बिता चुका है और अच्छे आचरण के आधार पर रिहाई की मांग कर रहा है.

Advertisement
आजीवन कारावास की सजा काट रहे दोषी असगर अली ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था (Photo- Representational) आजीवन कारावास की सजा काट रहे दोषी असगर अली ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था (Photo- Representational)

ब्रिजेश दोशी

  • अहमदाबाद,
  • 25 जून 2026,
  • अपडेटेड 4:26 PM IST

गुजरात हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को हरेन पंड्या हत्याकांड मामले में हैदराबाद के शार्प शूटर मोहम्मद असगर अली की अर्जी पर 6 महीने के भीतर फैसला लेने का आदेश दिया है. आजीवन कारावास की सजा काट रहे दोषी असगर अली ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था और कहा था कि जेल से जल्दी रिहाई के लिए सजा माफी का लाभ पाने की उनकी अर्जी पर राज्य सरकार कोई फैसला नहीं ले रही है. उनके वकील ने दलील दी कि अली ने जेल में 14 साल पूरे कर लिए हैं और जेल में उनका व्यवहार भी अच्छा रहा है, इसलिए उन्होंने सरकार से रिहाई की गुहार लगाई है.

Advertisement

दरअसल, साल 2007 में CBI कोर्ट ने 12 लोगों को दोषी ठहराया था और हरेन पंड्या की हत्या के लिए असगर अली को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी. साल 2011 में हाईकोर्ट ने हत्या के मामले में सभी आरोपियों को बरी कर दिया था, लेकिन हत्या के प्रयास में जगदीश तिवारी की दोषसिद्धि बरकरार रखी थी. कोर्ट ने सभी दोषियों की सजा घटाकर 7 साल कर दी थी. हालांकि, साल 2019 में सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के आदेश को पलट दिया और CBI की अपील पर सभी 12 आरोपियों को दोषी ठहराया और उन्हें आजीवन कारावास की सजा काटने के लिए आत्मसमर्पण करने का आदेश दिया. 

असगर अली ने सरकार से जल्दी रिहाई की गुहार लगाई थी, लेकिन जब सरकार ने कोई फैसला नहीं लिया तो दोषी ने हाईकोर्ट का रुख किया. सरकार ने कोर्ट के सामने कहा कि यह अर्ज़ी विचाराधीन है और इस पर सलाहकार समिति की राय भी मिल गई है. जल्द ही इस मामले को संबंधित अधिकारी के सामने पेश किया जाएगा. गुजरात हाईकोर्ट ने निर्देश दिया है कि संबंधित अधिकारी को सजा माफी के लिए याचिकाकर्ता द्वारा दी गई अर्जी पर कानून के अनुसार, आदेश मिलने की तारीख से 6 महीने के भीतर जल्द से जल्द उचित निर्णय लेना चाहिए.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »