गुजरात के चायवाले को आयकर विभाग ने भेजा 49 करोड़ का नोटिस, जानें क्या है पूरा मामला

गुजरात में चायवाले को आयकर विभाग ने 49 करोड़ रुपये का नोटिस भेजा है. पाटण जिले के रहने वाले खेमराज को पहला नोटिस बीते साल अगस्त में मिला था, लेकिन अंग्रेजी नहीं पढ़ पाने की वजह से उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया. अब जब दोबारा उन्हें नोटिस मिला तो उनकी नींद ही गायब हो गई है.

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चायवाले को 49 करोड़ का नोटिस चायवाले को 49 करोड़ का नोटिस

ब्रिजेश दोशी

  • पाटण,
  • 21 मई 2024,
  • अपडेटेड 2:01 PM IST

गुजरात के पाटण जिले में चाय बेचने वाले खेमराज दवे को आयकर विभाग ने 49 करोड़ रुपये के जुर्माने का नोटिस भेजा है. आईटी का नोटिस मिलने के बाद चायवाले और उसके परिवार की नींद ही उड़ गई है. आखिर में उसने पुलिस में घोखाधड़ी के मामले की शिकायत दर्ज कराई है.  

खेमराज बीते 10 साल से पाटण के गंज बाजार में चाय बेचते हैं और यही उनके परिवार के निर्वाह का जरिया है. पिछले साल अगस्त महीने में उन्हें आयकर विभाग से नोटिस मिला था, लेकिन अंग्रेजी में लिखा होने की वजह से उन्होंने ध्यान नहीं दिया. जब आईटी ने दोबारा नोटिस भेजा तो उन्होंने अपनी पहचान वाले वकील से बात की तो पता चला कि आयकर विभाग ने 49 करोड़ रुपये की पेनल्टी भरने का नोटिस भेजा है.  

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किस मामले में मिला 49 करोड़ का नोटिस? 

दरअसल खेमराज दवे के पास PAN कार्ड नहीं था, जिसके लिए उन्होंने बाजार में अनाज खरीदने वाले एजेंट अल्पेश पटेल और विपुल पटेल को अपने डॉक्युमेंट्स दिए थे और उन्होंने PAN कार्ड निकालकर दिया था. इन दोनों का ऑफिस भी बाजार में था जहां खेमराज की दुकान से चाय जाती थी. जिसकी वजह से खेमराज इन दोनों के संपर्क में थे और इसीलिए PAN कार्ड निकलवाने के लिए इन पर भरोसा किया था.  

बैंक खाता खुलवाने के लिए करवा लिए थे दस्तखत 

पुलिस ने बताया कि खेमराज की शिकायत में साफ कहा गया है कि PAN कार्ड निकलवाने के लिए उन्होंने सारे डॉक्युमेंट्स दिए थे, जिससे उन्होंने बैंक खाता खुलवाया था और उसी से लेन-देन हुए थे, जिसके लिए खेमराज को आयकर विभाग ने बार बार पेनल्टी के नोटिस भेजे थे. खेमराज के बैंक अकाउंट में कोई बडे लेन-देन नहीं थे, जिसकी वजह से उसे शक हुआ और फिर उसने इन दोनों से संपर्क करने के कोशिश की. हालांकि उन दोनों ने अपना ऑफिस बंद कर दिया था. फिर वहां से जो नंबर मिला उस पर संपर्क किया तब पता चला कि खेमराज के पैन कार्ड से इन दोनों ने अलग-अलग बैंक खाते खोले थे और उससे करोड़ों के लेन देन किए गए थे, जिसकी वजह से आयकर विभाग ने खाते के मालिक खेमराज को नोटिस भेजा था. 

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पुलिस में दर्ज कराई शिकायत 

चूंकि खेमराज को अंग्रेजी लिखनी-पढ़नी नहीं आती थी इसलिए अल्पेश और विपुल ने पैन कार्ड के बाद बैंक खाते खुलवाने के लिए अलग-अलग जगहों पर दस्तखत कर दिए थे और फिर बैंक खातों से लेनदेन किया था. साल 2014 से 2016 तक इन बैंक खातों से जो आर्थिक लेन देन की गई उसके लिए आयकर विभाग ने खेमराज को पेनल्टी का नोटिस भेजा. खेमराज ने अल्पेश और विपुल पटेल से संपर्क किया तो उन्होंने उसे धमकी दी कि वो किसी को कुछ न बताए वरना उसे गलत केस में फंसा देंगे, जिसकी वजह से वह डर गया था. लेकिन बार-बार नोटिस आने की वजह से आखिरकार उसने पुलिस में इन दोनों के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई. पुलिस ने धोखाधडी और विश्वासघात करने के मामले में आइपीसी की धारा 406, 420, 465, 467, 120बी, 506 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. 

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