1999 से फरारी, बदला नाम और क्लिनिक की आड़... दिल्ली पुलिस ने 28 साल बाद दबोचा मोस्ट वांटेड क्रिमिनल

दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने 28 साल से फरार चल रहे कुख्यात अपराधी को मध्य प्रदेश के मुंगावली से गिरफ्तार किया है. आरोपी ने अपनी पहचान बदलकर कई सालों तक पुलिस को चकमा दिया. वह हरियाणा में एक पुलिसकर्मी की हत्या का मुख्य आरोपी है और उस पर दिल्ली, हरियाणा व उत्तर प्रदेश में कई गंभीर मामले दर्ज हैं. आरोपी ने फिजिकल एजुकेशन टीचर, डॉक्टर और प्रॉपर्टी डीलर के रूप में काम किया.

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पुलिस कस्टडी से फरार हुआ आरोपी 28 साल बाद पकड़ा गया. (फोटो प्रतीकात्मक है) पुलिस कस्टडी से फरार हुआ आरोपी 28 साल बाद पकड़ा गया. (फोटो प्रतीकात्मक है)

अंशुल सिंह

  • नई दिल्ली,
  • 08 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 10:57 PM IST

दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने एक बहुत बड़ी कामयाबी हासिल की है. पुलिस ने 28 साल से फरार चल रहे एक कुख्यात अपराधी को गिरफ्तार किया है. यह आरोपी लगभग तीन दशकों से पुलिस की आंखों में धूल झोंककर अपनी पहचान बदलकर छिपकर रह रहा था.

गिरफ्तार किए गए इस आरोपी की उम्र 53 साल है. इसे लोग अलग-अलग नामों जैसे राजिंदर बैरागी, राजिंदर सिंह यादव और डॉ. झटका के नाम से जानते थे. इस पर कई गंभीर मामले दर्ज हैं. 

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साल 1998 में हरियाणा के सोनीपत में हरियाणा पुलिस के जवान जय भगवान की गोली मारकर हत्या करने का यह मुख्य आरोपी है. इसके अलावा इस पर दिल्ली और हरियाणा में हत्या की कोशिश के कई मामले दर्ज हैं. साल 1999 में यह पुलिस कस्टडी से हथकड़ी समेत भाग निकला था.

गिरफ्तारी से बचने के लिए बदली पहचान

पुलिस से बचने के लिए इस शातिर अपराधी ने अपनी पूरी पहचान बदल ली थी. गिरफ्तारी से बचने के लिए उसने मध्य प्रदेश के अशोक नगर जिले के मुंगावली को अपना ठिकाना बनाया. यहां उसने अपना नाम बदलकर राजेंद्र सिंह यादव रख लिया था. 
पुलिस से छिपने के दौरान उसने कई तरह के काम किए. शुरुआत में उसने महाराष्ट्र के कोलाबा में केंद्रीय विद्यालय में फिजिकल एजुकेशन के टीचर के रूप में नौकरी की.

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इसके बाद वह मध्य प्रदेश के मुंगावली में आकर बस गया. वहां उसने एक सरकारी अस्पताल में काम करने वाली महिला से शादी कर ली. समाज में घुलने-मिलने के लिए वह स्थानीय स्तर पर बिना डिग्री के डॉक्टर के रूप में काम करने लगा, जिसे लोग डॉ. झटका कहने लगे थे. इसके अलावा वह प्रॉपर्टी डीलर का काम भी करने लगा. उसने अपनी नई पहचान के आधार पर स्थानीय दस्तावेज भी बनवा लिए थे.

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28 साल बाद पकड़ाया आरोपी

दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की टीम लंबे समय से पुराने और फरार चल रहे अपराधियों की तलाश कर रही थी. जांच के दौरान पुलिस का ध्यान दिल्ली के जनकपुरी थाने के दो पुराने मामलों पर गया. जब पुलिस ने गहराई से छानबीन शुरू की, तो पता चला कि यह कोई साधारण क्रिमिनल नहीं बल्कि एक बहुत खतरनाक अपराधी है जो हरियाणा पुलिस के जवान की हत्या और कस्टडी से भागने के मामले में भी वॉन्टेड था.

पुलिस टीम ने कड़ी मेहनत कर उसकी डिजिटल गतिविधियों और रोजाना के रूटीन का पता लगाया. इसके बाद एक स्पेशल टीम ने मध्य प्रदेश के मुंगावली में छापा मारा और आखिरकार उसे धर दबोचा.

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कई राज्यों में दर्ज हैं मामले

पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि आरोपी मूल रूप से कबड्डी का खिलाड़ी था. खेल के दौरान ही अपराधियों के संपर्क में आ गया था. उस पर दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के अलग-अलग थानों में हत्या, हत्या की कोशिश, हथियार कानून और चोरी के कई गंभीर मामले दर्ज हैं.
28 साल के लंबे अंतराल के बाद दिल्ली पुलिस की इस कार्रवाई से आखिरकार कानून के लंबे हाथ इस कुख्यात अपराधी तक पहुंच ही गए हैं. फिलहाल पुलिस उससे पूछताछ कर रही है ताकि उसके पुराने नेटवर्क और अन्य मामलों के बारे में पूरी जानकारी जुटाई जा सके.

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